स्वच्छता सेवा पखवाड़ा पर शपथ ग्रहण संदेश वाचन कार्यक्रम सेजेस खलारी में संपन्न



बालोद। स्वच्छता सेवा पखवाड़ा 2025 का शपथ कराते हुए स्वच्छता हमारी पूर्ण दायित्व है; हम इसका बखूबी से निर्वहन करने हेतु विशेष थीम को लेकर स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट (हिंदी) माध्यम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खलारी में स्वच्छता शपथ ग्रहण संदेश वाचन समारोह का आयोजन किया गया; जिसमें संस्था के संस्था प्रमुख श्रीमती एस. जॉनसन जी के संरक्षण और दिशा-निर्देशन में शाला के समस्त शिक्षक एवं विद्यार्थीगण स्वच्छता संदेश को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया।
छत्तीसगढ़ में स्वच्छता सेवा पखवाड़ा 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025 तक मनाए जाने के पीछे मुख्य कारण महात्मा गांँधी की जयंती (2 अक्टूबर) और उनकी स्वच्छता ही सेवा की मूल भावना से जुड़ा हुआ है।
प्रार्थना सभा में उपस्थित सभी शिक्षक गण एवं समस्त छात्र-छात्राओं को संदेश देने का कारण को उल्लेख किया गया

महात्मा गांधी के विचारों का अनुसरण करना

महात्मा गांँधी ने स्वच्छता को स्वतंत्रता से भी अधिक महत्वपूर्ण बताया था। उनके स्वप्न को पूरा करने के लिए यह पखवाड़ा मनाया जाता है। भारत सरकार और राज्य सरकार द्वारा देशभर में स्वच्छ भारत अभियान चलाया जा रहा है। उसी के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में यह पखवाड़ा मनाकर लोगों में जागरूकता फैलाई जाती है।

जनभागीदारी को बढ़ावा देना मानव की अहम भूमिका

पखवाड़े का उद्देश्य केवल साफ-सफाई अभियान चलाना नहीं; बल्कि प्रत्येक नागरिक, विद्यार्थी, कर्मचारी, समाजसेवी और संस्था को जोड़कर स्वच्छता को जन-आंदोलन बनाना है। गंदगी से बीमारियाँ फैलती हैं, स्वच्छ वातावरण से लोगों का स्वास्थ्य सुधरता है। इस पखवाड़े से समाज में स्वच्छता की आदत विकसित होती है। स्वच्छता के प्रति आत्मनिर्भरता एवं जिम्मेदारी को समझते हुए स्वयं से लेकर परिवार से आरंभ करते हुए देशहित में कार्य करना यह स्वच्छता का संदेश प्रदान करना ही मानव समाज को जागरूक करने में सहायता करती है।

गाँधी जयँती तक संकल्प लेकर करेंगे जागरूक

17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक लगातार गतिविधियाँ चलाकर, 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) के दिन स्वच्छता का सामूहिक संकल्प लिया जाना है। इस प्रकार छत्तीसगढ़ में स्वच्छता सेवा पखवाड़ा मनाने का कारण यह है कि गांधीजी के स्वच्छता-संदेश को जन-जन तक पहुँचाना, स्वच्छ भारत मिशन को सफल बनाना, स्वास्थ्य एवं पर्यावरण की रक्षा करना तथा लोगों को स्वच्छ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना।

स्वच्छता शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन

सेजेस खलारी के संस्कृत की व्याख्याता श्री संजय कुमार खरे के द्वारा सभी शिक्षक एवं छात्र-छात्राओं को सावधान की मुद्रा में स्वच्छता शपथ ग्रहण का वाचन किया गया।
मैं शपथ लेता हूंँ कि मैं स्वयं स्वच्छता के प्रति सजग रहूँगा और उसके लिए समय दूंँगा।
👉🏼हर वर्ष 100 घंटे यानी हर सप्ताह 2 घंटे श्रमदान करके स्वच्छता के इस संकलप को चरितार्थ करूंँगा।
👉🏼मैं न गंदगी करूंगा न किसी और को करने दूंँगा।
👉🏼सबसे पहले मैं स्वयं से, मेरे परिवार से, मेरे मुहल्ले से, मेरे गांव से एवं मेरे कार्यस्थल से शुरूआत करूंँगा।
👉🏼मैं यह मानता हूंँ कि दुनिया के जो भी देश स्वच्छ दिखते हैं उसका कारण यह है कि वहाँ के नागरिक गंंदगी नहीं करते और न ही होने देते हैं।
👉🏼इस विचार के साथ मैं गांँव-गांँव और गली-गली स्वच्छ भारत मिशन का प्रचार करूंगा।
मै आज जो शपथ ले रहा हूंँ, वह अन्य 100 व्यक्तियों से भी करवाऊँगा।
👉🏼वे भी मेरी तरह स्वच्छता के लिए 100 घंटे दें, इसके लिए प्रयास करूंँगा।
👉🏼मुझे मालूम है कि स्वच्छता की तरफ बढ़ाया गया मेरा एक कदम पूरे भारत देश को स्वच्छ बनाने में मदद करेगा।
स्वच्छता सेवा पखवाड़ा की उपरोक्त जानकारी राज्यपाल पुरस्कृत गणित के व्याख्याता धर्मेंद्र कुमार श्रवण जी के द्वारा प्रदान किया गया । शपथ ग्रहण समारोह में संस्था के व्याख्याता एवं शिक्षकवृंद भीखम सिंह रावटे, गोवर्धन सिंह कोर्राम, भीमा भारती खोब्रागड़े, भूमिका देवी पाटिल, सरिता उर्वशा, कविता गायकवाड़, सरिता यादव, मनमोहन सिंह धाकड़, रवि कृष्णानी, डोमेन्द्र सिंह राणा, प्रदीप शुक्ला, जागेंद्र सिंह अमरिया, विकास साहू, यामिनी साहू सुनीता साहू एवं सभी शिक्षक कर्मचारी की उपस्थिति में स्वच्छता शपथ ग्रहण का आयोजन संपन्न हुआ।

You cannot copy content of this page