
बालोद- हरित चेतना और मातृ-पूजन की समन्वित भावना से ओतप्रोत, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला नेवारीकला में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान का अनुपम एवं गौरवपूर्ण आयोजन सम्पन्न हुआ। यह आयोजन मात्र वृक्षारोपण का उपक्रम न होकर, मातृत्व के सम्मान और प्रकृति-पूजन का अद्वितीय समन्वय बनकर समाज के सम्मुख आलोकित हुआ। इस अवसर पर नगर पालिका परिषद बालोद के उपाध्यक्ष श्री कमलेश सोनी, भाजपा जिला मंत्री श्रीमती निशा योगी, एवं नगर पालिका परिषद बालोद के पार्षद श्री गिरीराज गुप्ता ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम को दिव्यता प्रदान की। उनके करकमलों से रोपित पौधों में जीवन, आशा और नवसृजन की हरियाली प्रस्फुटित होती प्रतीत हुई। मंचीय कार्यक्रम का शुभारम्भ माँ सरस्वती की वंदना से हुआ, जिसके उपरान्त संकुल समन्वयक श्री संदीप दुबे ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में छात्रा त्रिशा ने मातृत्व और पर्यावरण के अंतर्संबंध को काव्य में पिरोकर उपस्थितों को अभिभूत किया, वहीं छात्रा प्रिया ने “एक पेड़ माँ के नाम” विषय पर ओजस्वी व हृदयस्पर्शी भाषण देकर सभा को भावविभोर कर दिया।अतिथि श्री गिरीराज गुप्ता ने आह्वान किया कि प्रत्येक नागरिक एक वृक्ष अवश्य रोपे। श्रीमती निशा योगी ने मातृत्व और प्रकृति दोनों के प्रति इस अभियान को श्रद्धा का अमूल्य अवसर बताते हुए इसे जन-जन का संकल्प बनाने पर बल दिया। मुख्य अतिथि श्री कमलेश सोनी ने अपने उद्बोधन में कहा –
“‘एक पेड़ माँ के नाम’ मात्र वृक्षारोपण की परंपरा नहीं, अपितु मातृत्व के सम्मान और राष्ट्र-निर्माण की संकल्पना का सजीव प्रतीक है। इसकी प्रेरणा हमें देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी से प्राप्त हुई है। हमें चाहिए कि इस पावन प्रेरणा को अपने जीवन का अंग बनाकर सतत प्रकृति संरक्षण में योगदान दें।”
पूर्व आयोजनों की गौरव-गाथा
यह उल्लेखनीय है कि नेवारीकला विद्यालय में यह अभियान अब परंपरा स्वरूप प्रतिष्ठित हो चुका है। पूर्व आयोजनों में श्री शिशुपाल सिंह, तत्कालीन टी.आई. बालोद; श्रीमती प्राची ठाकुर डिप्टी कलेक्टर बालोद,श्री आशुतोष शर्मा तहसीलदार बालोद; एवं श्री मुकेश गजेन्द्र नायब तहसीलदार बालोद अपनी उपस्थिति से इस अभियान को अमरत्व प्रदान कर चुके हैं।
उनके करकमलों से रोपित पौधे आज हरित छाया प्रदान करते हुए इस पावन प्रांगण की स्मृतियों को जीवंत कर रहे हैं। ये वृक्ष मानो मातृत्व की गोद में पली संतानों की भाँति विद्यालय की आभा को दिव्यता और गरिमा से आच्छादित कर रहे हैं।
नेवारीकला विद्यालय की हरित चेतना
शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला नेवारीकला केवल शिक्षा का केंद्र न होकर, संस्कार, संस्कृति और पर्यावरणीय चेतना का आलोक-धाम है। यहाँ की प्रत्येक ईंट और प्रत्येक आँगन मातृभूमि की सेवा और प्रकृति की आराधना का संदेश देता है। इस प्रांगण में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान का आयोजन होना विद्यालय की आध्यात्मिक गरिमा और सामाजिक उत्तरदायित्व का सशक्त उद्घोष है। यह विद्यालय हरित परंपरा का अग्रदूत बनकर आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का अक्षय स्रोत सिद्ध हो रहा है।
प्रधान पाठक श्री नंदकिशोर यादव ने भावपूर्ण शब्दों में कहा …
“‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान केवल वृक्षारोपण का संकल्प नहीं, अपितु मातृत्व के प्रति श्रद्धा और जीवनदायिनी प्रकृति के प्रति कृतज्ञता की अद्भुत अभिव्यक्ति है।” यह आयोजन न केवल विद्यार्थियों, बल्कि समस्त ग्रामवासियों के हृदयों पर अमिट छाप छोड़ गया। निश्चय ही यह अभियान भविष्य में समाज को हरित दिशा में अग्रसर करते हुए मातृत्व और पर्यावरण के प्रति जागरूकता की अटल नींव बनेगा।
