बालोद- इंडियन रेडक्रास सोसायटी जिला शाखा बालोद के वार्षिक कार्ययोजना अनुसार राज्य चेयरमेन तोमन साहू व जिला चेयरमैन डॉ प्रदीप जैन के आदेशानुसार बुधवार 10 सितंबर को बालोद जिले के समस्त हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में विश्व प्राथमिक सहायता दिवस का आयोजन किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी एवं जुनियर रेडक्रास अध्यक्ष बालोद पी सी मरकले, के मार्गदर्शन में एवं जिला संगठक रेडक्रास बालोद चंद्रशेखर पवार के नेतृत्व में प्राथमिक सहायता दिवस पर जिले के सभी संस्थाओं में विश्व प्राथमिक सहायता दिवस मनाया गया। जुनियर रेडक्रॉस सोसाइटी बालोद के अध्यक्ष पीसी मरकले ने बताया कि विश्व प्राथमिक सहायता दिवस सितम्बर माह के द्वितीय शनिवार को मनाया जाता है परन्तु सभी हाई एवं हायर सेकंडरी स्कूलों में 12 सितम्बर से तिमाही परीक्षा आयोजित है इसलिए बच्चो को इस दिन की महत्ता को बताने इसका आयोजन 10 सितंबर को किया गया। छग राज्य के रजत जयंती समारोह के उपलक्ष्य में भी यह आयोजन किया गया। रेडक्रॉस का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य,सेवा और मित्रता है, जिसमें पीड़ित मानव की सेवा सर्वोपरि है ,जब दुर्घटना होती है तो हम प्राथमिक सहायता नहीं कर पाते क्योंकि हम डरते रहते हैं कि कहीं कुछ गलत ना हो जाए। ऐसे में घायल की जान बचाना मुश्किल हो जाता है। विगत कई वर्षों से रेडक्रॉस सोसाइटी बालोद द्वारा विभिन्न स्थानों में जाकर प्राथमिक सहायता का प्रशिक्षण दिया जा रहा है और इसके तहत प्राथमिक सहायता कब, क्यों, और कैसे ,देना है, के बारे में विस्तार से प्रयोग के साथ बताया जाता है। आज विश्व प्राथमिक सहायता दिवस के साथ स्वच्छता अभियान व पुस्तक वाचन का भी कार्यक्रम किया गया।

जिले के विभिन्न संस्था उ मा वि माहुद में चन्द्रशेखर साहू, पी आर देवांगन पलारी,नेताम मैडम खुटेरी, हल्दी में पुष्पा साहु, सविता रजक भिलाई, रोहित देशमुख कोबा, नरेन्द्र यादव सेजेस अछोली, चिखली में चन्द्रशेखर पवार, राकी सर रानाखुज्जी,सेजेस गुरुर टीके साहू ,अर्चना ताम्रकार जुंगेरा, याच्छु चन्द्राकर, कादम्बिनी यादव बड़गांव, भागवत साहू बेलोदा, टीके देशमुख सुरेगाव, राजीव सिन्हा जगतरा,हुमेश साहू सोरर, सोरी सर चिखलाकसा, अमित श्रीवास्तव ज.साकरा,मेघा मानिकपुरी जेवरतला, सिकोसा मधुमाला कौशल, सीमा जामवन्ते व सौरभ शर्मा बालक लोहारा व अन्य स्कूलों में शिक्षकों द्वारा प्राथमिक सहायता की जानकारी देकर बच्चों के मन से झिझक व डर को कम करने का प्रयास कर प्राथमिक सहायता हेतु सदैव आगे रहने की प्रेरणा दी गई। विभिन्न संस्थाओं में आसपास के डाक्टरों ने भी अपनी सेवाएं प्रदान किया। प्राथमिक सहायता के अन्तर्गत सीपीआर, डॉग, मंकी, स्नेकबाइट, स्ट्रेचर, फ्रैक्चर, दमा, ड्राउंनिंगके संबंध में विस्तार से बताया गया। साथ ही साथ मौसमी बिमारियों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।
