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ठेकवाडीह में हुआ आत्मा योजना अंतर्गत कृषक संगोष्ठी, गन्ना लगाने किसानों को किया गया प्रोत्साहित

गुरुर। ग्राम ठेकवाडीह में मंगलवार को आत्मा योजना अंतर्गत कृषक संगोष्ठी कार्यक्रम रखा गया। जिसमें कृषि विभाग एवं शक्कर कारखाना के संयुक्त रूप से संगोष्ठी के माध्यम से किसानों को गन्ना खेती के लिए प्रोत्साहित किया गया। जिसमें ठेकवाडीह सहित आसपास के किसान सम्मिलित हुए। कार्यक्रम में दंतेश्वरी मैया शक्कर कारखाना करकाभाट के मुख्य गन्ना विकास अधिकारी हाकिम सिंह ने किसानों को अवगत कराया कि धान के जगह आप गन्ना की खेती कीजिए, धान की अपेक्षा गन्ना की खेती में ज्यादा लाभ है क्योंकि गन्ने की फसल में पानी की आवश्यकता कम रहती है, बीमारी कम होती है, जितना ज्यादा उत्पादन आप पैदावारी करेंगे उतना ही ज्यादा आपको फायदा होगा। किसान अगर प्रति एकड़ 500 से 600 क्विंटल गन्ना उत्पादन करता है तो किसान धान की खेती करना बंद कर देगा। धान की खेती में पानी की खपत ज्यादा होती है। मौसम के प्रभाव के चलते कीटों का प्रकोप अधिक बढ़ जाता है। धान की फसल की नियमित देखरेख करनी पड़ती है। उत्पादन भी उनका कम आता है। जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने किसानों को ज्यादा नहीं तो कम से गन्ने की खेती आरंभ करने की सलाह दी।

गन्ने का 80% भुगतान करने का आश्वस्त किया

मुख्य गन्ना सहायक विस्तार अधिकारी ने कृषक संगोष्ठी में आश्वस्त किया कि अगले सत्र में किसानों को गन्ने कटाई का 80% भुगतान एक मुश्त की जाएगी ताकि
किसानों को समस्या ना हो। वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी सीएल ठाकुर ने संगोष्ठी में किसानों को बताया कि गन्ने की फसल के अच्छी पैदावार के लिए संतुलित सिंचाई बेहद जरूरी होती है। ज्यादा पानी जमा होने से फसल गलने लगती है। वहीं पानी की कमी होने पर पौधे कमजोर पड़ जाते हैं। किसानों को खेत में जल निकासी की सही व्यवस्था करनी चाहिए ताकि पानी का ठहराव न हो। नियमित सिंचाई से फसल स्वस्थ रहती है और कीड़ों का प्रकोप कम होता है।

जैविक खाद और प्राकृतिक कीटनाशक

उन्होंने बताया कि रासायनिक उर्वरकों की जगह जैविक खाद का उपयोग करने से गन्ने की फसल मजबूत होती है और कीड़ों से सुरक्षित रहती है। नीम के पत्तों का अर्क, गोमूत्र और वर्मी कम्पोस्ट जैसे प्राकृतिक उपायों से खेत में कीड़ों का प्रकोप कम किया जा सकता है। इसके अलावा, जैविक कीटनाशक मिट्टी की उर्वरता बनाए रखते हैं और फसल को अधिक पोषण देते हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र बालोद से आए डॉक्टर बलदेव अग्रवाल ने किसानों को गन्ने खेती के बारे में विस्तृत जानकारी दी। जिसमें जोताई से लेकर सिलसिलेवार पौधों की दूरी एवं उनकी देखरेख एवं कीटो के प्रकोप के बचाव के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर जनपद सदस्य तारा देवी यादव ,सरपंच देव श्री साहू, कृषि विकास अधिकारी पूर्णिमा भार्गव ,भाजपा महामंत्री ताम्रध्वज यादव ,गन्ना क्षेत्र सहायक टामेश्वर सिंह, गौकरण सोनबर ,ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी राजेश कुमार पटेल, भेदु प्रसाद साहू ,मुचकुंद रेपुर किसान, भीखू राम साहू, शिवलाल साहू, ईश्वरलाल साहू, बृजलाल साहू, प्रवीण साहू, गुलाब साहू, नंदकुमार साहू, रिखी राम साहू,राम सिंह साहू, थानू राम साहू, गिरधर साहू, देवराज साहू, संतु राम साहू सहित सैकड़ो की संख्या में किसान उपस्थित थे।

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