शिक्षा के साथ योग में मधुमाला ने बनाया मुकाम



नेशनल ट्रेनर के रूप में दिल्ली के लिए हुई थी चयनित, रेडक्रॉस में भी कर रही विशेष काम

डीबी डिजिटल मीडिया बालोद/ गुण्डरदेही। शिक्षक दिवस पर हम सिकोसा के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम स्कूल में पदस्थ मधुमाला कौशल के बारे में बतला रहे हैं, जिन्होंने शिक्षा के साथ-साथ समाज सेवा और रेड क्रॉस, स्काउट गाइड की गतिविधियों में विशेष मुकाम हासिल किया है। योग के क्षेत्र में उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि रही है कि उन्हें हर साल अलग-अलग राज्यों में योग दिवस पर योग कराने के लिए ट्रेनर के रूप में भेजा जाता है। इस बार भी उनका चयन दिल्ली के लिए हुआ था।

इसके पहले भी वे अन्य राज्यों में जा चुकी है। साथ ही बालिका शिक्षा एवं बालिकाओं की आत्म रक्षा के लिए भी वे काम कर रहे हैं। हर वर्ष चार बालिकाओं को राज्यपाल पुरस्कार दिलवाने,रेड रेडक्रॉस में राज्य स्तरीय, नेशनल, स्काउट गाइड में भी बच्चों को सफलता दिलाने में उनका विशेष योगदान रहा है। स्काउट गाइड में भी बच्चों को वे अनुशासन का पाठ सिखाते हैं। साथ ही आधुनिकीकरण से बाहर भारत के संस्कृति को बचाने के लिए प्रेरित करती हैं। श्रीमती मधुमाला कौशल तीन बार राज्यपाल पुरस्कृत व्याख्याता है। एक बार 2016 में शिक्षा विभाग के अंतर्गत राज्यपाल पुरस्कार मिला है तो वही दो बार उन्हें रेडक्रॉस और स्काउट गाइडिंग के क्षेत्र में पुरस्कार मिल चुका है।

महिलाओं में पहले राज्य स्तरीय पुरस्कार पानी वाली है शिक्षिका ,, एशिया में स्काउटिंग के क्षेत्र में भी पा चुकी सबसे बड़ा अवार्ड

गुण्डरदेही की निवासी व्याख्याता मधुमाला कौशल राज्यपाल पुरस्कृत व्याख्याता बालोद जिला में प्रथम महिला शिक्षिका हैं। जिनको राज्यपाल पुरस्कृत किया गया है। वह विभिन्न क्षेत्र में कार्य कर रही है । स्काउट गाइड, रेडक्रॉस में भी वह महती भूमिका निभाती है। रेड क्रॉस और स्काउट गाइड में भी राज्यपाल द्वारा अलंकृत की जा चुकी है। उन्हें तीन बार राज्यपाल अवार्ड मिल चुका है। तो स्काउट गाइड से एशिया फेराफिक अवार्ड जो इस विभाग का सबसे बड़ा अवार्ड है उन्हें भी यह मिल चुका है। वह शिक्षा विभाग के साथ-साथ योग के क्षेत्र में भी नेशनल ट्रेनर है। और हर वर्ष अलग-अलग जगह पर जाकर निशुल्क योग प्रशिक्षण देती है।

16 साल से जारी है ऑनलाइन योग का क्लास

साथ ही इनका योग क्लास विगत 16 वर्षों से लगातार जारी है। हजारों बीमार लोगों को योग से वह ठीक कर चुकी है। समाज सेवा सहित अपने समाज में भी अहम भूमिका निभाती है। महार समाज की वह महिला जिला अध्यक्ष भी हैं मधुमाला कौशल द्वारा शैक्षणिक कार्य के अलावा बच्चों के समग्र विकास के साथ स्काउट गाइड रेडक्रॉस, योग एवं समाज सुधार के कार्य भी बढ़ चढ़कर किए जाते हैं। उनके निर्देशन में करीब 35 बच्चे भी राज्यपाल अलंकृत हुए हैं। रेडक्रॉस में भी बच्चे नेशनल तक जाकर अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं। प्रतिवर्ष नेशनल योग में राजस्थान, गोवा, मुंबई, भुसावल एवं महासमुंद में नेशनल योग में छत्तीसगढ़ का स्थान रहता है। नेशनल ट्रेनर के रूप में जानी जाने वाली मधुमाला कौशल विगत करीब 16 वर्षों से लगातार निशुल्क योग कक्षा भी ले रहे हैं और योग से लोगों को स्वास्थ्य लाभ दे रहे हैं। कोरोना काल में भी कोविड सेंटर में जाकर एवं ऑनलाइन कक्षा से लोगों को स्वास्थ्य लाभ उन्होंने दिलाया। इस तरह विभिन्न संस्था से जुड़कर छात्र-छात्राओं और महिलाओं को जागरूक करने और व्यवसाय परक शिक्षा देखकर बेटियों को प्रोत्साहित करती है।

गले की आवाज योग से ही लौटी, अब कर रही दूसरों को प्रेरित

आपको जानकर हैरानी होगी कि मधुमाला को कुछ साल पहले थायराइड की समस्या थी। उनकी आवाज चली जाती अगर उन्होंने योग को न अपनाया होता। कई जगह इलाज करवाने के बाद भी कुछ न होने पर मधुमाला ने योग का सहारा लिया और इससे अपना गला ठीक की। उनकी आवाज भी लौट आई। बीमारी के कारण वह बोल भी नहीं पा रही थी। अब योग के फायदे लोगों को बताकर वह नियमित योग करने के लिए प्रेरित करती है।

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