गुरूर। अपनी जायज और लंम्बित मांगो के पूर्ति हेतु ध्यानाकर्षण करने पर संचालनालय से धमकी भरा पत्र और सेवा से बर्खास्त किये गये संघ पदाधिकारियो और सदस्यो को सेवा मे तत्काल बहाल करने के संदर्भ में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका संयुक्त मंच के तत्वाधान में गुरुर में धरना प्रदर्शन किया गया। इस दौरान मंच के पदाधिकारियों ने अपनी बात रखते हुए कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग के अन्तर्गत आंगनबाड़ी केन्द्रो मे पदस्थ कार्यकर्ता सहायिकाओ की मूलभूत समस्या और केन्द्र के संचालन मे आने वाली समस्या के निराकरण हेतु समय समय पर शासन का ध्यानाकर्षण करने और अपनी बातो को शासन प्रशासन के पास मुखरता से रखी जा सके इस हेतु छत्तीसगढ़ सरकार के नियमावली के अनुसार कई संगठन पंजीकृत हुए है.और समय समय पर अपनी अपनी स्तर से समस्याओ के निराकरण हेतु शासन प्रशासन से निवेदन करते है । समय पर निराकरण नही होने के स्थिति मे प्रजातांत्रिक प्रक्रिया की व्यवस्था के तहत शान्तिपूर्ण ढंग से धरना .प्रदर्शन और रैली आयोजित कर अपनी बात को रखते आ रहे हैं। जिसमे कार्यकर्ता सहायिकाओ के हित और विभागीय योजनाओ के संचालन मे व्यवहारिक रूप से आ रही समस्या के निराकरण की बात भी मांगो में रहता है। जिसकी शुरूवात सबसे पहले विभागीय स्तर के अधिकारियो को समय पूर्व आवेदन और सूचना देकर निराकरण करने की आग्रह किया जाता रहा है। लेकिन समय पर सार्थक पहल/बैठक कर बिन्दुवार चर्चा ओर निराकरण नही होने के कारण धरना प्रदर्शन की स्थिति किसी भी संघ के साथ निर्मित होती है। ऐसी बातो को जब हमारे संघ पदाधिकारी जनहित.विभाग हित और स्वहित बचाव में जब मुखरता से उठाते है तो उनकी आवाज को दबाने के लिये मानदेय काटना,सेवा से बर्खास्त और नोटिस पर नोटिस देकर फाईल तैयार कर संघ प्रतिनिधियो के ऊपर भय और दबाव बनाकर विभागीय अधिकारी मनमानी करना चाहते है. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओ को जब काम के बदले दाम देने की बात की जाती तो मानसेवी बता दिया जाता है। केन्द्र और राज्य सरकार के अधिन होने की बात की जाती है। लेकिन जब छोटी मोटी गलती हो तो शासकीय कर्मचारियो से भी कठोर दण्ड अर्थात सेवा बर्खास्तगी या फिर मानदेय काट कर आर्थिक नाका बंदी की प्रताड़ना आम बात हो गई है। मोबाइल में कई आनलाईन कार्य करना और रिकार्ड भी रखना पड़ता है। फिल्ड में कई समस्याये है. यह सभी कार्य 5G मोबाईल या टेबलेट और पर्याप्त नेट के बिना संभव नही है.दूरांचल,.वनाचलो में हमेशा नेट.प्राब्लम रहता है जिस दिन नेट काम नही किया.जानकारी और फोटो फेस कैप्चर नही हुआ उस दिन की मानदेय कट जाएगा.इसी तरह हितग्राहियो को पोषण आहार और THR वितरण मे भी हितग्राहियो के पास मोबाईल होना अनिवार्य है यदि मोबाइल नही है तो ये सभी सुविधा महिला एवं बाल विकास की नही मिलेगा। हितग्राही के मोबाइल मे ओटीपी लेना भी आज की स्थिति मे एक बड़ी कठिन समस्या बनी हुई है। विभाग अधिकारियो से जमीनी स्तर की समस्या को हल करने की बात संघ प्रतिनिधि जब करते है तो निराकरण करने की बजाय सेवा समाप्ती.मानदेय कटौती की धमकियां ही अभी तक मिलती है।
विभिन्न मांगों को लेकर आंगनबाडी कार्यकर्त्ता, सहायिका संयुक्त मंच ने किया प्रदर्शन
