एक रचना आपकी -” जय गनेस देव “



जय हो जय हो जय हो गनेस देव
जय हो जय हो जय हो गनेस देव
बिनती ल मोर सुन देव
तोर पुजा होथे संझा बिहनिया
लइका सियान करथे जहुरिया
सबके मन ल मडा देव
तोर हावय दु झन रिद्धि अउ सिद्धि
मोर हावय एक झन नइये फेर बुद्धि
मोर सुवारी ल म मति देव
खाथस तय लाडु अउ मेवा
करथस दाई अउ ददा के सेवा
दाई तोर पारबती ददा महादेव
बिगड़ी के बनइया कहिथे तोला
सुख शांति के देवइया कहिथे तोला
सब झन देहस महु ल दे देव
जय हो जय हो जय हो गनेस देव
बिनती ल मोर सुन लेव

रचनाकार: डॉ एस एल गंधर्व झलमला बालोद

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