

डीबी डिजिटल मीडिया बालोद । छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ द्वारा नियमितीकरण/सविलियन, ग्रेड पे, लंबित 27% वेतन वृद्धि सहित 10 सूत्रीय मांगों को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन आंदोलन लगातार तेज हो रहा है।
शनिवार को बालोद में NHM कर्मचारियों के हड़ताल का तेरहवां दिन रहा। दिनांक 29.08.2025 को हड़ताल में शामिल सभी कर्मचारी के लिए स्वास्थ सचिव का पत्र आया कि कर्मचारी ड्यूटी ज्वाइन करे, नहीं तो अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का आदेश आया है। फिर भी हड़ताली कर्मचारियों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई। कर्मचारियों का कहना है कि हमारी मांग जायज है, हमने शासन को 160 से ज्यादा ज्ञापन दिया था, जिस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई, तब जाके मजबूरी में हम हड़ताल पर गए ह हड़ताल हमारा कोई शौक नहीं है।वहीं आज घोषणा पत्र के अध्यक्ष सांसद विजय बघेल ने आज एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि कर्मचारियों का मांग जायज है हमने घोषणा पत्र में वादा किया था, इस पर सांसद ने मंत्री से मांग के संबंध पत्र और वार्ता के लिए कहा है कि मैं स्वयं इस बारे में मुख्यमंत्री, मंत्री से चर्चा करूंगा। हड़ताल में जिला अध्यक्ष श्री खिलेश साहू, सदस्य नितिन,विकाश कुमार,कामिनी खरे,गार्गी,जयश्री नाग,युवराज सिन्हा , झरना, जीतेश्वरी, डॉ संजय साहू, डॉ नितुनारायण, ख़ेमलता,अनूप देशपांडे, आरती सिन्हा,डॉ मनीषा देवांगन, नंदनी , जयप्रकाश देशमुख, मनीषा ठाकुर, डॉ यशवंत वर्मा,लोकेश धुर्वे, दिनेश,
और अन्य सभी कर्मचारी उपस्थित थे।

ज्ञात हो कि प्रदेश के 16,000 से अधिक एनएचएम कर्मचारी इस आंदोलन में शामिल हैं, हड़ताल से प्रभावित सेवा शासकीय अस्पतालों में संस्थागत प्रसव, पैथोलॉजी जाँच (खून, पेशाब, ट्रू-नाट, सीबीनाट), टीबी, कुष्ठ, मलेरिया जांच, ओपीडी, नवजात शिशु देखभाल, स्कूल आंगनबाड़ी स्वास्थ्य परीक्षण , पोषण पुनर्वास केंद्र बंद हो गया है।एनसीडी स्क्रीनिंग, वृद्ध स्वास्थ्य परीक्षण और आपातकालीन सेवाएं सबसे अधिक परेशानी ग्रामीण क्षेत्र में हो रही है क्यों कि वहां सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी हड़ताल पर है, जिससे आयुष्मान आरोग्य मंदिर का ओ पी डी पूर्ण रूप से बंद है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने शीघ्र ठोस पहल नहीं की, तो आने वाले दिनों में प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह पंगु हो जाएगी।संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि जब तक सभी मांगों पर लिखित आदेश जारी नहीं होते, तब तक यह अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रहेगा।
