विश्व बंधुत्व दिवस पर 25 अगस्त को एक दिवसीय रक्तदान शिविर शासकीय जिला अस्पताल बालोद में



ब्रह्माकुमारीज की पूर्व मुख्य प्रशासिका दादी प्रकाशमणि जी को पत्रकारों ने दी श्रद्धांजलि

डीबी डिजिटल मीडिया बालोद। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय आत्मज्ञान भवन आमापारा बालोद में पत्रकारों द्वारा ब्रह्माकुमारीज की पूर्व मुख्य प्रशासिका दादी प्रकाशमणि जी को श्रद्धांजलि दी गई। गौरतलब है कि ब्रह्माकुमारीज माउंट आबू की पूर्व मुख्य प्रशासिका दादी प्रकाशमणि जी के स्मृति दिवस 25 अगस्त को विश्व बंधुत्व दिवस के रूप में पूरे विश्व भर में मनाया जाता है जिसके तहत संस्था द्वारा अलग अलग जन कल्याण कार्य किए जाते हैं।इस वर्ष भी दादी जी के 18वीं स्मृति दिवस पर 22 से 25 अगस्त तक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन पूरे भारत एवं नेपाल देश में किया जा रहा है, जिसमें संस्था द्वारा 1 लाख यूनिट रक्तदान करने का लक्ष्य रखा गया है। विशेष बात यह है कि केवल दो दिनों में ही 50 हजार यूनिट तक का लक्ष्य संस्था द्वारा हासिल कर लिया गया है। इसी के तहत आत्मज्ञान भवन आमापारा बालोद सेवा केंद्र द्वारा भी 25 अगस्त को एक दिवसीय रक्तदान शिविर शासकीय जिला अस्पताल बालोद में रखा गया है। जिसमें अधिक से अधिक संख्या में आसपास के गांव सहित नगर के सभी भाई बहने स्वेच्छा से रक्तदान करने सादर आमंत्रित हैं। आमापारा बालोद स्थित आत्मज्ञान भवन में 21 अगस्त से दादी जी का श्रद्धांजलि कार्यक्रम अनवरत चल रहा है जिसके तहत रविवार को सभी मीडिया सहयोगी भाई बहनों का आगमन हुआ। बीके सरिता दीदी ने सभी को अध्यात्म का ज्ञान देते हुए आत्मा परमात्मा एवं राजयोग का सारगर्भित परिचय कराया एवं राजयोग मेडिटेशन की अनुभूति भी कराई। राजयोगिनी बीके विजयलक्ष्मी दीदी ने सभी को दादी प्रकाशमणि जी के व्यक्तित्व के जीवन मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बाल्य काल से ही दादी का झुकाव आध्यात्मिक के प्रति रहा। संस्था की शुरुआत 1936 में दादी जी संस्था के साकार संस्थापक ब्रह्मा बाबा के साथ-साथ रहकर 14 वर्षों तक सिंध हैदराबाद में तपस्या की एवं 1950 में भारत लौटने के बाद 1952 से माया नगरी मुंबई में आध्यात्मिक ज्ञान का प्रकाश फैलाए। ब्रह्मा बाबा के देहा त्याग करने के पश्चात 1974 से इस आध्यात्मिक ज्ञान को पूरे विश्व के 140 देशों तक फैलने के लिए आप ही निमित्त बनी। इस प्रकार भारत में प्रज्वलित इस आध्यात्मिकता के प्रकाश को पूरे विश्व तक फैलाने में दादी जी की मुख्य भूमिका रही। अंत में बृजेश पांडे ,टीकम पिपरिया , जुनैद कुरैशी ,परस साहू, उपाध्याय ने संस्था के साथ का अनुभव साझा किया एवं संस्था द्वारा किए जा रहे मानव कल्याण कार्यों को याद करते हुए संस्था की खूब सराहना की। इस अवसर पर रूपचंद जैन , किशोर साहू , उत्तम साहू , दिलेश्वर देवांगन, दुर्गाशंकर साहू , खिलावन प्रसाद चंद्राकर, मीनू साहू , जितेंद्र साहू, भोपसिंह साहू, बीके तरुण साहू, बीके खिलावन साहू, बीके जागेश् भुआर्य एवं बीके मनीष वैदे उपस्थित थे।

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