गोड़ेला स्कूल में हुआ पोला पर्व का आयोजन



डीबी डिजिटल मीडिया अर्जुंदा।शासकीय प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक शाला गोड़ेला के संयुक्त तत्वाधान में शाला में प्रतिभा त्रिपाठी के मार्गदर्शन मे पोला पर्व का आयोजन किया गया। जिसमें बच्चों के द्वारा ‌‌नादिया बैल, जाता व मिट्टी के खिलौने बना के लाए गये


तथा उसकी पूजा अर्चन कर पोला के बारे में संक्षिप्त जानकारी शाला प्रमुख रमेश कुमार हिरवानी के द्वारा दिया गया। बच्चों को बताया गया कि यह त्योहार भाद्रपद मास की अमावस्या को मनाया जाता है और विशेष रूप से किसानों द्वारा बैलों के प्रति श्रद्धा और आभार प्रकट करने के लिए समर्पित होता है। पोला मुख्य रूप से किसानों का त्योहार है, जो कृषि में बैलों की अहम भूमिका को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है। इसी दिन युवा कृष्ण ने राक्षस पोलासुर का वध किया था । इस खास दिन पर, हम बच्चों और पशुओं, दोनों के महत्व को याद करते हैं। पोला पर्व का नाम बैलों के गले में बाँधे जाने वाले लकड़ी के यंत्र ‘पोला’ से पड़ा है। खेती में जब बैलों को पहली बार हल चलाने के लिए लगाया जाता है, तो उनके गले में यह लकड़ी का जुआं (पोला) डाला जाता है। बच्चों ने इस त्यौहार के प्रति अपनी खुशी जाहिर की और साथ ही खुश्बू , वंदना, मीनाक्षी, शालिनी, आदि बच्चों ने अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर इस त्यौहार की पारंपरिक रूप से पूजा कर प्रसाद ग्रहण किया । शाला के सभी शिक्षक शोभाराम देवांगन, प्रतिभा त्रिपाठी, सनत देशमुख द्वारा भी बच्चों के इस आयोजन की प्रशंसा की शाला में इसी तरह से हर पर्व के बारे में बच्चों को जानकारी दी जाती है। जिससे वे अपनी संस्कृति और परम्पराओं से जुड़े रहें।

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