खैरबना वासियों ने किया कांदुल से गुण्डरदेही मुख्य मार्ग पर तीन घंटे चक्का जाम, पूरा प्रशासनिक अमला पहुंचा समझाने



कच्ची सड़क को लेकर है नाराजगी, श्रमदान से बनाई है ग्रामीणों ने इसे, आजादी के 78 साल बाद भी नहीं हो पाया पक्की

एसडीएम ने दिया जल्द ही मुरूम और जीरा गिट्टी डलवाने का आश्वासन, वित्त मंत्रालय में स्वीकृति के बाद बनेगी पक्की सड़क

बालोद। अर्जुंदा से लगे हुए ग्राम कांदुल के पास अर्जुंदा से गुण्डरदेही जाने वाले मुख्य मार्ग पर खैरबना के ग्रामीणों ने सोमवार को जमकर प्रदर्शन और चक्का जाम किया। लगभग तीन से चार घंटे तक चले इस प्रदर्शन से यातायात व्यवस्था काफी बाधित रही तो वही पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को ग्रामीणों को समझाने और सड़क से उठाने के लिए काफी एड़ी चोटी एक करनी पड़ी। मौके पर स्थानीय अर्जुंदा और गुण्डरदेही दोनों ही थाने की पुलिस टीम तैनात रही तो बालोद से एसडीओपी देवांश राठौर, तहसीलदार और अंत में एसडीएम तक को भी आना पड़ा। एसडीएम द्वारा ग्रामीणों के समक्ष मौखिक आश्वासन दिया गया कि सड़क काफी खराब है, जिसे देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर उसमें मुरूम और जीरा गिट्टी डलवाकर व्यवस्था बनाएंगे। रही बात पक्की सड़क की तो मामला वित्त मंत्रालय में अटका हुआ है, यहां से विभाग द्वारा प्रस्ताव बनाकर भेजा जा चुका है। ग्रामीणों द्वारा 3 घंटे के प्रदर्शन के बाद एसडीएम के आश्वासन पर भरोसा कर चक्का जाम बंद किया गया।

इस बीच ग्रामीणों का नेतृत्व कर रहे आम आदमी पार्टी के छाया विधायक जसवंत सिन्हा ने उनकी समस्याएं रखी कि कैसे आज तक आजादी के इतने वर्षों बाद भी कांदुल से खैरबना जाने वाली सड़क बन नहीं पाई है। लोगों को घूम कर 4 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करके दूसरे रास्ते से जाना पड़ता है। गाड़ियां भी इस कच्ची रास्ते से नहीं जा पाती। शासन प्रशासन को कई बार अवगत कराने के बाद भी इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। स्कूली बच्चे कई बार इस रास्ते से आते हैं तो गिर पड़ते हैं।

ग्रामीणों में इस बात से काफी आक्रोश बना हुआ है। वही ग्रामीणों ने बताया कि आजादी के बाद आज तक यह सड़क बनी ही नहीं है। किसानों द्वारा आपस में श्रमदान और अपनी कुछ जमीन देकर करके इस सड़क का निर्माण किया गया है। इसमें सरकार की ओर से अब तक कोई पूंजी लगाई ही नहीं गई है। कच्ची सड़क पर आज तक पक्की नहीं बन पाई। बरसात में इस रास्ते से चलना मुश्किल हो जाता है।

शहीद ग्राम होने के बाद भी खैरबना के ग्रामीणों के साथ सरकार विकास को लेकर उपेक्षा पूर्ण व्यवहार कर रहे हैं। जिससे ग्रामीण नाराज हैं। प्रदर्शन में प्रमुख रूप से स्थानीय ग्रामीणों सहित आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष बालक साहू, जिला सचिव कैलाश बंजारे, कांता गरिहा, डॉक्टर भुवनेश्वर कुंभकार सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।

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