बालोद। दल्ली राजहरा थाने में स्थित एक बैरक एएसआई हीरामन मंडावी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। शनिवार को सुबह जब तक अन्य स्टाफ को घटना की जानकारी हुई और उन्हें फंदे से उतार कर शहीद अस्पताल पहुंचाया तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। इस घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। तो इस आत्महत्या की वजहों को लेकर कई तरह की चर्चा सामने आ रही है एक विशेष चर्चा है कि डिप्रेशन में आकर श्री मंडावी ने यह कदम उठाया होगा। हालांकि हम इसकी किसी तरह से पुष्टि नहीं करते हैं। पुलिस सभी पहलुओं पर छानबीन में जुटी हुई है। मृतक पुलिसकर्मी मूलतः बोरसी दुर्ग का रहने वाला था। करीब 6 से 7 महीने पहले उनका अर्जुंदा थाने से राजहरा तबादला हुआ था। इसके पहले वे यातायात थाने में भी पदस्थ थे। इधर इस गंभीर मुद्दे पर दल्ली राजहरा थाने के भीतर बैरक में आत्मघाती कदम उठाए जाने पर डौंडीलोहारा की विधायक अनिला भेड़िया ने सवाल खड़े किए है। उन्होंने दल्लीराजहरा में पदस्थ ASI हीरामन मंडावी की आत्महत्या की घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की है और घटना की निष्पक्ष जांच की मांग भी की है। श्रीमती भेड़िया ने कहा कि बालोद जिले के दल्लीराजहरा थाने में पदस्थ ASI हीरामन मंडावी द्वारा थाना परिसर में ही आत्महत्या करने की दर्दनाक घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। जब वर्दी में रहने वाला एक पुलिसकर्मी ही सिस्टम के दबाव में टूट जाए, तो यह प्रदेश की कानून-व्यवस्था और गृह विभाग पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। मैं इस दुखद घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त करती हूँ और शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी सांत्वना प्रकट करती हूँ।
लेकिन साथ ही, मैं स्पष्ट कहना चाहती हूँ — गृह मंत्री जी, आपके विभाग की जिम्मेदारी है कि पुलिसकर्मियों का मनोबल ऊँचा रहे और वे सुरक्षित महसूस करें। अगर थाने में तैनात जवान भी दबाव में आत्महत्या करने पर मजबूर हो जाए, तो यह आपकी सीधी विफलता है।
विधायक ने की ये तीन मांगे
विधायक अनिला भेड़िया ने मीडिया में बयान जारी करने के साथ मांग की है कि इस पूरे मामले की तुरंत, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो। घटना के पीछे जिम्मेदार हर व्यक्ति को बिना किसी राजनीतिक दबाव के सख्त सज़ा मिले। पुलिस बल में मानसिक स्वास्थ्य सहायता और तनाव प्रबंधन की व्यवस्था तत्काल शुरू हो। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार को अब यह समझना होगा कि यह केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं, बल्कि सिस्टम के सड़ने और सत्ता की बेरुखी का नतीजा है। अगर सरकार और गृह मंत्री इस पर तुरंत कार्रवाई नहीं करते, तो यह प्रदेश के हर पुलिसकर्मी और नागरिक के लिए खतरनाक संदेश होगा।
