बालोद। बेटी हू मैं बेटी, मैं तारा बनूंगी, तारा बनूंगी, मैं सहारा बनूंगी । गगन में चमके चंदा, मैं धरती में चमकूंगी….ये स्लोगन आज महिला कमांडो के बीच गूंज रहा है। पद्मश्री शमशाद बेगम ने बताया महिला कमाण्डो नशा मुक्ति स्वच्छता के साथ साथ विभिन्न जन कल्याणकारी कार्यक्रमों में अपना सक्रिय योगदान निस्वार्थ रूप से दे रही हैं। समय की जरूरतों के अनुसार महिला कमाण्डो के साथ साथ ग्राम की अन्य महिलाओं को भी सिलाई का प्रशिक्षण देकर प्रशिक्षित किया जाये यह विचार मन में आते रहे किन्तु परन्तु कौन देगा कैसा होगा इन बातों को अलग करते हुए संसाधन जुटा कर ग्राम स्तर पर जनभागीदारी से सिलाई प्रशिक्षण केन्द्र प्रारंभ किया गया। जिसमें प्रशिक्षणकर्ता धागा कपड़ा स्वयं लेकर आती है और सब मिलकर प्रशिक्षण देने वाली एक तय राशि गुरु दक्षिणा के रूप में देती है और सब तय करती है हमारी महिला कमाण्डो। उनकी मांग अनुसार ग्राम दनिया में 40 तथा जोगीभाठ में 33 महिलाएं इस तरह कुल 73 महिलाएं प्रशिक्षित हुई है। इन महिलाओं को पुनः प्रशिक्षण देकर लेडिज टेलर के रूप में स्थापित किया जायेगा और वे अपने घर परिवार का सहारा बनेगी। कुमारी चित्तरेखा देशमुख कहती है मुझे दूसरों को प्रशिक्षण देकर बहुत अच्छा लगा, मैने जो सीखा था आज ट्रेनर के रूप में दुसरो को प्रशिक्षण दे रही हूं। नेहा देशमुख ने बताया 30 दिनों तक रोज एक निश्चित समय में सिलाई प्रशिक्षण केन्द्र में जाना और प्रशिक्षण देना बहुत ही मुझे गर्व महसूस हुआ। महिला कमाण्डो प्रेमबती यादव एवं पुष्पा देशमुख ने कहा हमला ऐसे काम करके बहुत खुशी लगथे, रोज केन्द्र में जा के हाल चाल पुछत रहन सब सिखईया मन अपन दूकान खोल लेही तब हमन ओ मन ला बधाई दे के मिठाई खिलाबो। हमन ला शमशाद बेगम बहनी ऊपर पुरा विशवास हे, ये सब बहुत जल्दी पुरा होही । पद्म श्री शमशाद बेगम, बजाज इलेक्ट्रॉकलस मुंबई, कलिंगा यूनिवर्सिटी विजय अग्रवाल का बहुत बहुत धन्यवाद है। जिसके कृपा से हमें सिलाई मशीन प्राप्त हुआ है।
मैं बनूंगी लेडीज टेलर : महिला कमाण्डो के प्रयासों से 73 महिलाएं हुई सिलाई में प्रशिक्षित
