अर्जुन्दा। शहीद दुर्वासा निषाद शासकीय महाविद्यालय, अर्जुन्दा में कारगिल विजय दिवस पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। जिसमें कारगिल युद्ध 1999 में भारत पाकिस्तान युद्ध में शहीद हुए वीर जवानों के शौर्य वीरता और पराक्रम साहस को नमन करते हुए उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत शहीदों के छायाचित्र पर पूजा अर्चना पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। इस अवसर पर विशेष रूप से आमंत्रित भूतपूर्व सैनिकों एवं स्थानीय पुलिस थाना अर्जुन्दा के जवानों का तिलक लगाकर सम्मान किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ सोमाली गुप्ता ने अपने संबोधन में कारगिल के वीर शहीदों के बलिदान को याद करते हुए, युवाओं को देशसेवा और राष्ट्रभक्ति के लिए प्रेरित किया।
महाविद्यालय में अध्ययन कर देश के लिए बलिदान देने वाले इन शहीद को भी दी गई श्रद्धांजलि
ग्राम देवरी (ख) के अमर शहीद जवान दुर्वासा निषाद (लांस नायक) जब भारत पाक सीमा कारगिल क्षेत्र में युद्ध के समय जब सियाचिन में युद्ध के लिए इन्होंने सेना के लिए आर्मी जवानों के लिए उपयोगी समान गाड़ी में ले जा रहा था तभी दुश्मनों ने गोली दागना शुरू कर दिया। जिसमें उन्हें गोली लग गई। गोली लगने के बाद भी वह अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए अपनी आर्मी उपयोगी समान को कैम्प तक पहुंचाया। वहां से उनकी मातृभूमि की रक्षा के लिए मन 4-9-1998 में मात्र 23 साल के उम्र में शहीद हो गया। जिनके नाम पर महाविद्यालय का नाम रखा गया है। वहीं शहीद रत्तीराम सिन्हा पिता रतनलाल सिन्हा ग्राम नवागांव (डुंडेरा) थाना अर्जुन्दा, जो छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल में आरक्षक के पद पर पदस्थ थे। शहीद उकेश ठाकुर पिता ढालसिंह ग्राम कांदुल थाना अर्जुन्दा छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक के रूप में पदस्थ थे।
छत्तीसगढ़ के दरभा नेतानार में नक्सली मुठभेड़ में शहीद हो गए थे। शहीद गजरूप्रसाद मंडावी पिता मनीराम मंडावी ग्राम खैरबना थाना अर्जुन्दा जो कि छत्तीसगढ़ पुलिस में आरक्षक के रूप में पदस्थ थे। वे भी देश की आंतरिक सुरक्षा में शहीद हो गए। ऐसे वीर शहीद जवानों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय के एन एस एस इकाई के सहयोग से हुआ। इस अवसर पुलिस थाना अर्जुन्दा के एस आई एस एस ठाकुर व आरक्षण, श्री योगेश्वर कुमार साहू पूर्व सैनिक सीआरपीएफ, श्री हेमलाल साहू भूतपूर्व सैनिक इंडियन आर्मी, समस्त स्टाफ प्राध्यापकगण छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
