बालोद। किरण कुमार जांगड़े, प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश बालोद (छ.ग.) के द्वारा आरोपी दुर्गेश मंडावी आ. राजीव मंडावी, उम्र 18 वर्ष 07 माह, निवासी नाहंदा, थाना गुरूर, जिला-बालोद (छ.ग.) को भा.द.सं. की धारा 307 के अपराध में 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000/- रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
अभियोजन की ओर से प्रकरण की पैरवी सनद कुमार श्रीवास्तव, अतिरिक्त लोक अभियोजक के द्वारा किया गया, जिसके अनुसार-प्रकरण का प्रार्थी/आहत् सुरेन्द्र गंगराले दिनांक 03/07/2023 को थाना-गुरूर में उपस्थित होकर आरोपी दुर्गेश मंडावी के विरूद्ध मौखिक रूप से रिपोर्ट दर्ज कराया था कि वह ग्राम नाहंदा का निवासी होकर ड्रायवरी का कार्य करता है, घटना दिनांक-02/07/2023 को उसके उसके गांव के नरसिंह मंडावी के घर में नामकरण का काम चल रहा था, जिसमें शामिल होने के लिए उसके घर गया था, तब रात्रि में लगभग 10:15 बजे रवि मंडावी के घर के बाहर दुर्गेश मंडावी खड़े होकर रवि मंडावी को मां-बहन की अश्लील गाली गुप्तार कर झगड़ा विवाद करते हुए देख लेने की धमकी दे रहा था, तब वह रवि मंडावी से झगड़ा विवाद का कारण पूछा तब रवि मंडावी बताया कि दुर्गेश मंडावी उसे फोन करके बाहर आने के लिए बोला था परन्तु वह बाहर नहीं आया, उसी बात को लेकर दुर्गेश मंडावी उसके साथ लड़ाई-झगड़ कर रहा है, तब वह दोनों को चुप कराकर और गुटखा लेकर घर अंदर चला गया और कुछ समय बाद घर से बाहर निकला तब ग्राम टेंगनाबरपारा का पुरानिक निषाद उसे बताया कि दुर्गेश मंडावी धारदार औजार से रवि मंडावी को मार दिया है, जब वह रवि मंडावी को जाकर देखा तो रवि मंडावी के पीठ एवं पेट के पास दुर्गेश मंडावी के द्वारा अपने हाथ में रखे औजार से प्राणधातक हमला कर रवि मंडावी को चोट पहुंचाये जाने से खून निकल रहा था, तब वह दुर्गेश मंडावी को पकड़कर रखा था जो उसी समय दुर्गेश मंडावी उसे झटका देकर भाग गया, घटना होते हुए उसके साथ-साथ पुरानिक निषाद, सतीष मंडावी, तरूण विश्वकर्मा एवं अन्य लोग देखे सुने हैं, उक्त घटना के बाद रवि मंडावी के गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राईवेट गाड़ी कर ईलाज हेतु उसे धमतरी के क्रिश्चन अस्पताल में ले जाकर उसे भर्ती किये, प्रार्थी के उपरोक्त मौखिक रिपोर्ट पर थाना-गुरूर में आरोपी के विरूद्ध अपराध क्रमांक-151/2023, अंतर्गत धारा-294, 506 (बी), 323 एवं 307 भा.दं.वि. का प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीबद्ध किया गया। सम्पूर्ण विवेचना उपरांत माननीय न्यायालय में दिनांक 20-09-2023 को अभियोग पत्र पेश किया गया। प्रकरण में आये प्रबल एवं ठोस साक्ष्य के आधार पर आरोपी को उक्त दण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण की विवेचना स.उ.नि. कुलेश्वर यादव के द्वारा किया गया।
