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कमरौद की कावड़ यात्रा में जुटी आस्था की भीड़, पहुंचे थे कथा वाचक पंडित युवराज पांडे, पचरा गीत पर झूमे लोग

बालोद। सावन के इस अवसर पर रविवार को गुंडरदेही ब्लॉक के ग्राम कमरौद स्थित हनुमान मंदिर और महादेव मंदिर में जल लेकर कांवरियों की टीम पहुंची। भव्य यात्रा का आयोजन कमरौद में किया गया था। जिसमें अर्जुंदा सहित आसपास 20 से ज्यादा गांव के श्रद्धालु जन कमरौद के महादेव को जल अर्पित करने के लिए पहुंचे थे। इस दौरान  श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था का परिचय अपने-अपने अंदाज में दिया। कई श्रद्धालु भगवा वस्त्र पहन कर पहुंचे तो कई भगवान शंकर की वेशभूषा में भी नजर आए। इस आयोजन को खास बनाने के लिए आयोजकों द्वारा पचरा गीत के गायक पंडित युवराज पांडे जी को भी आमंत्रित किया गया था। उनके आगमन के साथ श्रद्धालुओं की भीड़ और ज्यादा उमड़ पड़ी। उन्होंने श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ाते हुए स्टेज पर ही पचरा गीत की प्रस्तुति दी। जिस पर सभी झूमने लग गए। पंडित युवराज पांडे की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालु आतुर थे। इस दौरान  कुछ देर के लिए जामडी पाटेश्वर धाम के संत बालक दास का भी आगमन हुआ था. मंदिर के आसपास हजारों की भीड़ देखने को मिली। देर शाम तक यह नजारा बना रहा। भक्तों ने दक्षिण मुखी भूमि फोड़  हनुमान जी के दर्शन के साथ महादेव में जल अर्पित किया। सुबह से शाम तक पूजा अर्चना का दौर चलता रहा। इस तरह सावन के महीने में कांवड़ यात्रा के आयोजन ने लोगों में शिव जी के प्रति असीम भक्ति का संचार किया। आपको बता देती पचरा गीत, देवी दुर्गा की आराधना में गाए जाने वाला एक  लोकगीत हैं। ये गीत विशेष रूप से नवरात्रि के दौरान गाए जाते हैं। पचरा गीतों में देवी दुर्गा के विभिन्न रूपों का वर्णन होता है, जैसे कि काली, चामुंडा, और दुर्गा. इन गीतों में देवी की महिमा, शक्ति, और उनके द्वारा किए गए विभिन्न कार्यों का वर्णन होता है। पचरा गीत देवी के प्रति भक्तों की श्रद्धा और भक्ति को व्यक्त करते हैं. यह  देवी दुर्गा की उपासना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और नवरात्रि के दौरान विशेष रूप से लोकप्रिय हैं। ये गीत न केवल देवी की महिमा का वर्णन करते हैं, बल्कि भक्तों को एक साथ लाने और एक सामुदायिक भावना बनाने में भी मदद करते हैं।

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