दंतेवाड़ा, बस्तर संभाग। संयुक्त संचालक शिक्षा पद पर नवपदस्थ राकेश पांडेय ने अपने स्कूल निरीक्षण की शुरुआत एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक स्थान से की। दंतेवाड़ा जिले की वही प्राथमिक शाला जमावड़ा, जहाँ से उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा की शुरुआत की थी। निरीक्षण के दौरान पांडेय ने अपने बचपन के सुनहरे दिनों को याद किया और उस विद्यालय में व्याप्त अनुशासन व व्यवस्था की सराहना की। यह विद्यालय उनके लिए केवल एक शिक्षा केंद्र नहीं, बल्कि स्मृतियों का खजाना है — क्योंकि वहीं उनके पिता जी प्रधान पाठक के रूप में पदस्थ थे। श्री पांडेय ने बच्चों के साथ बैठकर मध्यान्ह भोजन किया और जब बच्चों ने आत्मविश्वास के साथ उत्तर दिए, तो उन्होंने प्रसन्न होकर चॉकलेट वितरित किए। शिक्षकों के कार्य और समर्पण की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे शिक्षकों की मेहनत ही बस्तर जैसे अंचल को शिक्षा के क्षेत्र में आगे ले जा रही है। इस अवसर पर उन्होंने कहा, “शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए जमीनी स्तर पर जाकर काम करना ज़रूरी है। आज की यह यात्रा मेरे लिए भावनात्मक भी रही और प्रेरणादायक भी।” यह दौरा न केवल एक अधिकारी की जिम्मेदारी का निर्वहन था, बल्कि यह शिक्षा के मूल से जुड़ने और जमीनी सच्चाई को समझने की एक सराहनीय पहल भी है।
“बचपन की पाठशाला में लौटे शिक्षा संचालक राकेश पांडेय, बच्चों संग बांटे अनुभव और चॉकलेट”
