बालोद। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी शासन के आदेशानुसार स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट हिंदी माध्यम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खलारी में हर्षोल्लास व रीति-रिवाज के साथ अतिथियों के गरिमामयी उपस्थिति में मनाया गया। शाला प्रवेशोत्सव का यह उत्सव नव प्रवेशी बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन, माता-पिता में विश्वास जागृत करना एवं गुरु-शिष्य में मधुर संबंध स्थापित करना, नित नये आयाम लेकर दशा व दिशा का निर्धारण करना, नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के महत्वपूर्ण बिंदुओं का परिपालन करने हेतु पर्व मनाया गया।

इस महायज्ञ में मुख्य अतिथि क्षेत्र के जनपद सदस्य श्रीमती प्रीति उर्वशा, विशेष अतिथि उप सरपंच पुखराज निषाद, शाला विकास प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एली राम साहू ,संस्था के संस्था प्रमुख श्रीमती एस जॉनसन प्राचार्य सेजेस खलारी के अध्यक्षता में बेहतरीन तरीके से कार्यक्रम संपन्न हुई। भारतीय संस्कृति एवं परंपरा अनुसार विधि-विधान के साथ पधारें हुए अतिथियों के कर-कमलों से संस्कृताचार्य श्री संजय खरे के द्वारा मंत्रोच्चार के साथ विश्व वंदनीय भारत माता, छत्तीसगढ़ महतारी एवं अनुकुलता की देवी मांँ सरस्वती के तैल्य चित्र पर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया तत्पश्चात अतिथियों का स्वागत-गान गणित संकाय के छात्रा गुंजा निषाद एवं मीनू के द्वारा मधुर गेयता के साथ प्रस्तुत किया गया। एक पेड़ माँ के नाम पर अंजलि साहू एवं पायल सावलकर के द्वारा धर्मेंद्र कुमार श्रवण व्याख्याता (गणित) के द्वारा स्व-रचित पर्यावरण प्रेरणा गीत चलो रे भाई आज लगाएँ पेड़.. को बेहतरीन ढंग से लयबद्ध कर प्रस्तुत किया गया।सभी दर्शक मंत्रमुग्ध रहें और तालियों के गड़गड़ाहट से उत्साह वर्धन करते रहे। कक्षा-नवमीं के सभी नव प्रवेशी बच्चों को तिलक वंदन, पुष्प गुच्छ भेंट व अतिथियों के कर कमलों द्वारा पाठ्य पुस्तक प्रदान कर एक अच्छे इंसान बनने की शुभकामनाएं एवं बधाइयां दिये एवं नियमित पाठशाला आने का संदेश भी दिये। शाला प्रवेशोत्सव पर सभी प्रवक्ता अपने अनुभव के द्वारा अध्ययन अध्यापन की कला को निखारने की बात को साझा करते हुए समाज को एक नई पहल, नई राह, नई दिशा व नई किरणें पल्लिवत कर, नई आशाओं का दीप प्रज्ज्वलित करने हेतु नसीहत दी गई, ताकि हमेशा अपने जीवन में प्रकाश व ऊर्जा से लबालब होकर समाज के दशा-दिशा में अनवरत कार्य करते रहे इस तरह से यह पहल जो कि बहुत ही सारगर्भित व सराहनीय कदम रहा । शाला विकास समिति के अध्यक्ष श्री एली राम साहू के द्वारा हर रोज व नियमित शाला आने हेतु प्रेरित किया गया साथ ही साथ एक किसान के मेहनत पर सटीक दृष्टांत देते हुए सारगर्भित बातों को पल्लवित करने का प्रयास किया। साथ ही विशेष रूप से पर्यावरण शिक्षा एवं नशा मुक्ति गाँव हो हमारा, इस बिंदु पर प्रकाश डालें। ग्राम पंचायत खलारी के उप सरपंच श्री पुखराज निषाद के द्वारा छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल में शत-प्रतिशत परीक्षा में उत्तीर्ण व बेहतर से बेहतर परिणाम लाने के लिए अग्रिम बधाइयांँ संप्रेषित किये। संस्था के प्राचार्य के द्वारा अध्यक्षीय उद्बोधन में संज्ञानात्मक क्षेत्र के साथ-साथ एवं सहसंज्ञानात्मक क्षेत्र में भी विशेष योग्यता रखना, शिक्षक के द्वारा दिये गये कार्य को उचित व नियमित समय पर करने की बात कही। साथ ही साथ शाला के नियमों का पालन करते हुए शाला का नाम रोशन करने हेतु नसीहत दी गई। संस्था के वरिष्ठ व्याख्याता श्री खूबचंद वर्मा जी के द्वारा कक्षा-नवमी में शत्-प्रतिशत नामांकन एवं दाखिला, कोई भी बच्चे प्रवेश से वंचित न हो, शिक्षा के क्षेत्र में हुए परिवर्तन को आधुनिक और पुरानी विचार धारा पर तुलनात्मक अध्ययन बताते हुए अपना गंभीर विचार रखें और परीक्षा की तैयारी पर विशेष प्रकाश डालें एवं अन्य प्रवक्ताओं ने भी नव प्रवेशी बच्चों को शुभ संदेश देकर आशीर्वाद प्रदान किये।

कार्यक्रम के अंत में अतिथियों के द्वारा एक पेड़ मांँ के नाम पर.. जैसे अभियान को सफल बनाने हेतु दृढ़ संकल्पित होकर वृक्षारोपण कर लोगों को जागरूकता लाने का संदेश दिया। कार्यक्रम प्रभारी एवं मंच संचालन का दायित्व पूरे लगन व मेहनत से हिंदी प्रकोष्ठ के व्याख्याता जी एस कोर्राम जी ने बेहतरीन ढंग से सभा को अनुशासित व संयमित करते हुए कार्यक्रम को कामयाबी की शिखर पर पहुँचाने में सफलीभूत रहे । राज्यपाल पुरस्कृत व्याख्याता धर्मेंद्र कुमार श्रवण ने आभार प्रदर्शन में विशेष सारगर्भित बातों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय शिक्षा आयोग एवं नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 अन्य शिक्षा नीतियों का परिष्कृत व परिमार्जित रूप है जिसमें अच्छी बात को अपने जीवन पर आत्मसात करने व सँवारने का संदेश दिया और अभी से कैरियर चुनने का संदेश दिया। नवोदित कलमकार श्रवण जी ने साहित्य पर रुचि व लगन से जीवन की बहती धारा में, नित आगे बढ़ना…काले बादल काल दिखाते, सोच समझ गढ़ना.. शीर्षक पर सृजित कविता पाठ कर सभा को मंत्र मुग्ध करते हुए आभार प्रकट किया। प्रवेश उत्सव के इस पुनीत कार्यक्रम में संस्था के विद्वत व्याख्याता शिक्षक वृंद श्री भीखम सिंह रावटे, डोमेन्द्र कुमार राणा, प्रदीप शुक्ल, मनमोहन धाकड़, रवि कृष्णानी, संजय खरे, श्रीमती सरोज सिंग वरिष्ठ व्याख्याता, रिबेका मड़के मैम जी, भूमिका पाटिल, भीमा भारती खोब्रागड़े, सरिता उर्वशा, कविता गायकवाड़, सरिता यादव प्रियंका भट्ट, व्यायाम शिक्षक शिवराम वैद, जागेन्द्र सिंह अमरिया, अजीत शिव तिवारी एवं समस्त गुरुजन, शाला विकास समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य गण, छात्र पालकगण उपस्थित रहे।
