डौंडीलोहारा नगर की लाडली बिटिया मेघा डोसी संयम पथ की ओर अग्रसर



बालोद ।डौंडीलोहारा नगर की लाडली बिटिया मेघा डोसी संयम पथ की ओर अग्रसर हो चली है ।इस हेतु परिजनों ने जैन आचार्य भगवन श्रीरामलालजी मसा के श्री चरणों में राजस्थान के बीकानेर शहर में नेहा व साक्षी के दीक्षा दिवस के अवसर पर 4 जून को अनुज्ञा पत्र सौंपा।अनुज्ञा पत्र सौंपने के बाद मूमुक्षु बहन मेघा डोसी का शुक्रवार को प्रथम नगर आगमन हुआ। नगर सहित आसपास के लोगो ने मूमुक्षु बहन का भव्य व आत्मिक स्वागत व अभिनंदन किया। जैसे ही मूमुक्षु बहनों का नगर आगमन हुआ उपस्थित जन समुदाय ने आध्यात्मिक नारो से नगर को आध्यात्म रस से भर दिया व संयम जीवन सार है…बाकी सब बेकार है.. लेना सबको एक बार है. व राम गुरु विराट है दीक्षाओ का ठाठ है… आदि विभिन्न धार्मिक नारों से मूमुक्षु बहन को भाव विभोर कर दिया। नगर के पुराने बस स्टैंड स्थित महाकाली मंदिर के सामने से खुले कार पर मूमुक्षु बहन को सवार करते हुए अभिनन्दन यात्रा निकाली गई।मुख्य मार्ग होते हुए विवेकानंद चौक होते हुए सदर मार्ग स्थित निवास तक अभिनंदन यात्रा चली। जहां पर मार्ग के दोनों ओर उपस्थित जन समुदाय का मूमुक्षु बहन दोंनो हाथ जोड़कर अभिवादन कर रही थी व जन समुदाय का आभार भी व्यक्त कर रही थी। इस दौरान सामाजिक बंधुओं के द्वारा अपने अपने घरों के सामने मूमुक्षु बहन को हार धार्मिक पटका व कुमकुम चावल का तिलक लगाकर स्वागत अभिनंदन कर रहे थे। इस दौरान पारिवारिक जनों सहित उपस्थित जन समुदाय की आंखे नम भी थी कि अब कुछ दिनों या महीनों के बाद मूमुक्षु बहन नगर से चली जाएंगी व अपने धर्म गुरु भगवन की आज्ञा में साध्वी वृन्दो के साथ अपनी संयम यात्रा शुरू करेगी।
उल्लेखनीय है कि नगर के रिखबचंद डोसी व मधु डोसी की सुपुत्री मेघा डोसी ने संसार की असारता को समझते हुए आत्मकल्याण निज व पर कल्याण की भावना से संयम जीवन अंगीकार करने का फैसला लिया था। पारिवारिक जनों की अनुज्ञा से धर्मगुरु आचार्य भगवन श्रीरामलाल जी मसा के सानिध्य में व उन्ही के मुखारविंद से संयम जीवन अंगीकार कर दीक्षा ग्रहण करेंगी। अभी दीक्षा की तिथि तय नही हुई है। दीक्षा इस वर्ष के चातुर्मास काल में राजस्थान के देशनोक नगर में होगी। जहाँ पर इस वर्ष आचार्य भगवन श्रीरामलालजी मसा का चातुर्मास होना तय किया गया है। मूमुक्षु बहन ने उपस्थित जन समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि यह मानव जीवन सिर्फ और सिर्फ आत्मकल्याण के लिए ही मिला है। संसार के सुख क्षणिक है। संसार के एक सुख के पीछे अनेकों दुख छिपे हुए हैं। उन्होंने समस्त आत्मिक बन्धुओ से जाने अनजाने गलतियों की क्षमायाचना करते हुए शुभ मंगल जीवन के लिए आशीर्वाद देने का निवेदन किया व उपस्थित जनों से धर्ममय जीवन जीने की प्रेरणा दी। मूमुक्षु बहन ने उपस्थित जन समुदाय को मंगल पाठ श्रवण कराया। उपस्थित जन समुदाय ने आध्यात्मिक भजनों व हर्ष हर्ष जय जय के नारों से सम्पूर्ण वातावरण को धर्ममय बना दिया । उल्लेखनीय है कि नगर की बेटी राखी सांखला (वर्तमान में रामरक्षाश्रीजी मसा) की सात फरवरी को राजस्थान के नोखा में व नेहा डोसी (वर्तमान में रामनिभाश्रीजी मसा) व साक्षी भन्साली ( वर्तमान में रामसुधा श्रीजी मसा) की जैन भगवती दीक्षा चार जून को बीकानेर शहर में सम्पन्न हुई है।इस वर्ष नगर से कुल तीन बेटियों की दीक्षा हो गई है वही मेघा के बाद कुल चार हो जाएंगी। वही नगर से एक संत व पंद्रह साध्वी यानि कुल 16 दीक्षा पूर्व में हो चुकी है।

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