ग्राउंड रिपोर्ट: राशन वितरण में नहीं दिख रहा सुशासन: 3 महीने का एक साथ चावल लेने एक-एक ग्राहक को करना पड़ रहा 30 मिनट से ज्यादा इंतजार, सर्वर डाउन की समस्या से प्रभावित हो रहा राशन वितरण, सोसाइटियों में लगी कतार ,दिन भर में 30 से 35 हितग्राहियों को ही दे पा रहे विक्रेता राशन



बालोद । छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लोगों को मानसून में राहत देने के लिए एक साथ 3 महीने जून जुलाई और अगस्त का राशन जैसे चावल, शक्कर, नमक इत्यादि संबंधित सरकारी समिति में दिए जा रहे हैं। इसके हेतु पहले से भंडारण हो चुका है और 1 जून से वितरण भी शुरू हो चुका है । लेकिन इस वितरण के लिए सबसे बड़ी समस्या सर्वर की आ रही है। ई पॉस मशीन में बार-बार हितग्राहियों द्वारा थंब यानी अंगूठे या अन्य उंगलियों का निशान लिए जाने के बावजूद सर्वर डाउन होने से निशान मैच नहीं हो रहे हैं। या 5 से 6 बार निशान लेने पड़ रहे हैं। इस समस्या से न सिर्फ हितग्राही बल्कि समिति के विक्रेता भी जूझ रहे हैं।

इस समस्या को लेकर हमने कुछ सोसाइटियों में जाकर स्थिति देखी तो वाकई में यह नजारा रहा कि 3 महीने का राशन लेने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम आधे घंटे यानी 30 मिनट का इंतजार करना पड़ रहा है। सर्वर की समस्या लगभग सभी सोसाइटी में सामने आ रही है। विभाग इस पर फिलहाल तत्काल कोई समाधान नहीं कर पा रहा है सिर्फ यही आश्वासन मिल रहा है कि एक साथ सब जगह राशन दिया जा रहा है और एक साथ 3 महीने का दिया जा रहा है इसलिए सर्वर की समस्या स्वाभाविक है। धीरे-धीरे यह समस्या दूर होती जाएगी। तो वही विक्रेताओं का कहना है कि 3 महीने का राशन देने के लिए तीन-तीन बार हितग्राहियों का फिंगर प्रिंट लिया जा रहा है तो इसके अलावा छह चरण में पूरी प्रक्रिया संपन्न हो रही है। पिछले साल सिर्फ दो चरण में ही फिंगरप्रिंट लिया जाता था। इस बार सिस्टम बदल गया है। इससे एक-एक हितग्राही को कम से कम आधे घंटे का समय देना पड़ रहा है। ऐसे में अगर हम दिनभर सुबह 10 से शाम 5 बजे तक भी सोसाइटी चालू रखते हैं तो मुश्किल से 20 से 30 लोगों को ही राशन दे पा रहे हैं। जिन सोसाइटियों में हितग्राहियों की संख्या ज्यादा है, वहां राशन कार्ड की ढेर और लोगों की लंबी कतार देखने को मिल रहा है। सांकरा ज समिति के विक्रेता भीमेश देशमुख ने बताया कि 6 चरण में फिंगरप्रिंट लिए जा रहे हैं। कई बार एक ही हितग्राही का फिंगरप्रिंट दो चरण में सफल होता है तीसरे में फेल्ड दिखता है। अगर एक ही राशन कार्ड से जुड़े परिवार के दो व्यक्ति मौजूद हैं तो विकल्प के रूप में दूसरे व्यक्ति का फिंगरप्रिंट लिया जा रहा है। लेकिन अगर दूसरा व्यक्ति भी मौजूद न हो सिर्फ अकेला ही कोई राशन लेने आया हो और फिंगरप्रिंट मैच ना हो तो फिर उन्हें राशन देना मुश्किल हो जाता है और हम मजबूर होकर उन्हें इंतजार करने के लिए कहते हैं। फिर दूसरे राशन कार्ड धारी को वितरण की शुरुआत करते हैं। ऐसे में सभी को देरी और सर्वर डाउन की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। सिस्टम में बदलाव कर दिए गए हैं। जिससे हमें और हितग्राही दोनों को परेशानी से जूझना पड़ रहा है। सरकार और विभाग को इस ओर जल्द से जल्द ध्यान देना चाहिए ताकि समय पर राशन वितरण हो सके।

राहत की बजाय बना चुनौती पूर्ण कार्य

3 महीने का राशन देकर मानसून में राहत देने की बात की गई है। लेकिन इसका वितरण सर्वर डाउन और तकनीकी समस्या के चलते एक चुनौती बना हुआ है। छत्तीसगढ़ में राशन कार्ड धारकों को तीन महीने (जून, जुलाई और अगस्त) का चावल एक साथ जून में वितरित करने का निर्णय लिया गया है, और इस प्रक्रिया में सर्वर डाउन की समस्या सामने आ रही है। ज्ञात हो कि यह निर्णय (तीन महीने का राशन एक साथ देना) मानसून के दौरान संभावित परेशानियों से बचने के लिए लिया गया है, ताकि बारिश के मौसम में लोगों को राशन लाने में दिक्कत न हो। लोगों। को उम्मीद है कि सर्वर की समस्या का जल्द समाधान किया जाएगा ताकि हितग्राहियों को इसका पूरा लाभ मिल सके।

जानिए ये समस्या क्यों आ रही है?

1.भारी दबाव: एक साथ तीन महीने का राशन वितरण करने से सर्वर पर अचानक से बहुत अधिक भार पड़ रहा है। आमतौर पर, राशन मासिक रूप से वितरित होता है, लेकिन एक साथ इतनी बड़ी मात्रा में लेनदेन को संभालने के लिए सर्वर की क्षमता पर दबाव पड़ता है।

  1. तकनीकी खामियां: सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में उपयोग होने वाली ई-पॉस (e-POS) मशीनों और सर्वर की गुणवत्ता को लेकर पहले भी शिकायतें आती रही हैं। विक्रेता संघों ने भी इस पर अपनी चिंता व्यक्त की है।
    3.इंटरनेट कनेक्टिविटी: ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में कमजोर इंटरनेट कनेक्टिविटी भी सर्वर समस्या को और बढ़ा सकती है।
    4.पुरानी प्रणाली: कुछ जगहों पर पुरानी या अपर्याप्त तकनीकी प्रणालियां भी सर्वर के ठीक से काम न करने का कारण हो सकती हैं।

इस समस्या से क्या हो रहा है?
1.लंबी कतारें और इंतजार: सर्वर डाउन होने से राशन वितरण की प्रक्रिया धीमी हो रही है, जिससे दुकानों पर लंबी कतारें लग रही हैं और लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
2.विवाद और असंतोष: कई बार सर्वर की समस्या के कारण उपभोक्ता और राशन दुकान के विक्रेता के बीच विवाद भी हो रहा है, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा है।
3.समय पर राशन न मिलना: सर्वर ठीक से काम न करने के कारण कई हितग्राहियों को समय पर अपना राशन नहीं मिल पा रहा है।

क्या किया जा सकता है?

1.जिला खाद्य अधिकारी से संपर्क करें: आप अपने जिले के खाद्य अधिकारी या संबंधित अधिकारी से संपर्क करके सर्वर की समस्या के बारे में जानकारी दे सकते हैं और समाधान के लिए अनुरोध कर सकते हैं।

2.हेल्पलाइन नंबर: छत्तीसगढ़ में राशन कार्ड से संबंधित शिकायतों के लिए एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-233-3663 उपलब्ध है। आप इस पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

3.स्थानीय मीडिया का ध्यान आकर्षित करें: यदि समस्या गंभीर है, तो स्थानीय समाचार चैनलों या अखबारों के माध्यम से इस मुद्दे को उठाना भी एक तरीका हो सकता है, जिससे प्रशासन पर दबाव बढ़ेगा। लोगों की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए हमने मिडिया के जरिए जनता की आवाज बनने का काम किया है ताकि आवाज सरकार तक पहुंचे और समाधान हो।

4.ऑनलाइन शिकायत पोर्टल: यदि राज्य सरकार का कोई ऑनलाइन शिकायत पोर्टल है, तो वहां भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

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