पुलिस प्रशासन भी रही तैनात, विवादों के बीच हालात संभालते रहे पुलिस अधिकारी
बालोद/गुरुर। गुरुर ब्लॉक के ग्राम भोथली में शुक्रवार को 17 अवैध कब्जाधारियों पर कार्रवाई हुई। गांव में सरकारी जमीन पर बनाए जा चुके 17 मकान को तोड़ा गया। जिनमें अधिकतर मकान पक्के बन चुके थे। ईट के दीवारों को बुलडोजर चलाया गया। इस दौरान कब्जा धारियों और पुलिस प्रशासन सहित राजस्व प्रशासन के बीच नोक झोक की स्थिति भी बनती रही। वाद विवाद की स्थिति को संभालने के लिए गुरुर, कंवर और पुरूर पुलिस की टीम भी मौके पर तैनात रही। कंवर चौकी प्रभारी लता तिवारी महिलाओं को काबू करती नजर आई तो वही काफी विरोध के बीच प्रशासन अतिक्रमण हटवाने में कामयाब रहा। लगातार अवैध कब्जाधारियों पर गुरुर तहसीलदार हनुमत श्याम के नेतृत्व में कार्यवाही चल रही है। जिससे उनके न्यायप्रियता और अनुशासन को लेकर क्षेत्र में जन चर्चा बनी हुई है। इसके पूर्व बोडरा में भी अवैध कब्जाधारियों पर बड़ी कार्यवाही की गई थी। जहां पर भी शिकायत आ रही है तहसीलदार बिना कोई भेदभाव के नियम से कार्रवाई कर रहे हैं। भोथली में सुबह 10 बजे से शाम तक अतिक्रमण तोड़ने की कार्रवाई चली। इस बीच जब जमकर बारिश हुई तो भी कार्यवाही नहीं थमी और मौके पर अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहते अतिक्रमण हटवाते नजर आए। भोथली के ग्रामीणों ने कहा कि लोग एक दूसरे के देखा सीखी में सरकारी जमीन को हथिया रहे है। उन पर कार्रवाई कर प्रशासन ने न्याय किया है। बरसते पानी में भी छाता लेकर तहसीलदार हनुमत श्याम, गुरुर थाना प्रभारी सुनील तिर्की, कंवर चौकी प्रभारी लता तिवारी वाद विवादों के बीच अतिक्रमण हटाने में जुट रहे। इस अवसर पर अधिकारी कर्मचारी और बड़ी संख्या में आसपास पंचायत के कोटवार भी मौजूद रहे ।लगातार इलाके में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तहसीलदार हनुमत श्याम के नेतृत्व में चल रही है।
इन लोगों के खिलाफ थी अतिक्रमण की शिकायत
भोथली पंचायत सरपंच चुन्नी बाई साहू सहित सचिव और अन्य ग्राम प्रमुख द्वारा शासन प्रशासन से गांव में अवैध कब्जा करने वालों की लिखित शिकायत की गई थी। उक्त पंचायत राजस्व निरीक्षक मंडल धनेली तहसील गुरुर के अंतर्गत आता है। जिसमें विभिन्न शासकीय जमीनों पर दर्जन लोगों ने कब्जा किया था। इसमें प्रमुख रूप से हृदय राम, हेमंत साहू, विष्णु राम, कमलनाथ, श्रवण ,केवल साहू, नागेश्वर साहू, सोमालाल साहू, बबलू साहू, भागीरथी साहू, प्रताप साहू सहित अन्य शामिल थे। पूर्व में भी इनको पंचायत प्रशासन द्वारा पंच और कोटवार, ग्रामीणों की उपस्थिति में अवैध कब्जा का सीमांकन करते हुए नोटिस दिया गया था कि खुद से पहले कब्जा से हटा दे। इसके बावजूद इनके द्वारा कब्जा नहीं हटाया जा रहा था तो फिर राजस्व विभाग और पुलिस विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए इस गांव में 17 मकान को तोड़ने का बड़ा अभियान चलाया जो सफल हुआ।
