बालोद। विगत दिनों रायपुर के वृंदावन हाल सिविल लाइंस में जय जोहार साहित्य एवं संस्कृति संस्थान एवं वैभव प्रकाशन के संयुक्त तत्वावधान में छत्तीसगढ़ की नारी शक्ति जिन्होंने विशेष उपलब्धि प्राप्त की है, पर केंद्रित पुस्तक कोसल पुत्री का विमोचन किया गया। इसे छत्तीसगढ़ की महिला रचनाकारों द्वारा ही शोध करके तैयार किया गया है। इस पुस्तक का सम्पादन डॉ सीमा निगम तथा डॉ तृषा शर्मा ने किया है तथा संयोजन डॉक्टर सुधीर शर्मा ने किया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाज सेवी कौशल्या देवी विष्णु साय थीं। अध्यक्षता शशांक शर्मा अध्यक्ष राजभाषा आयोग छत्तीसगढ़ शासन ने किया । विशिष्ट अतिथि डॉ अभिलाषा दुबे बेहार सचिव राजभाषा आयोग थी। कोसल पुत्री-2 में “पद्मश्री” शमशाद बेगम के जीवन पर, आधारित व समाजसेवा से जुड़े कार्यों को रचनाकार अनुरमा शुक्ला ने विस्तार से अपनी लेखनी के माध्यम से दर्शाया है,लेखन का चयन कर प्रकाशित किया गया था। पद्मश्री शमशाद बेगम अपने समाज उत्थान व नारी सशक्तिकरण में अतुलनीय योगदान के लिए शासन, प्रशासन व केंद्र से अनेकों सम्मान से सम्मानित हो चुकी है। महिलाओं को सशक्त बनाने में किए गये कार्य, सक्रियता,उपलब्धियों को शब्द सीमा में लिखना बहुत मुश्किल कार्य था । रचनाकार अनुरमा शुक्ला द्वारा लिखे गये पुस्तक में उन्हें कोसलपुत्री सम्मान समारोह रायपुर में सम्मानित किया गया। जो कि बालोद जिला के लिए गर्व का विषय है। उनकी अवधारणाओं का अनुसरण देश के दूसरे राज्यों, विदेशों में हो भी रहा है। वर्तमान में महिला कमांडो कई जिलें में महिलाओं को सशक्त बनाने का कार्य कर रही है। उनका सरल सहज व्यक्तित्व ही उन्हें खास बनाता है। इस लेखन के लिए ‘कोसल पुत्री रचनाकार’ सम्मान से अनुरमा शुक्ला को भी सम्मानित किया गया।
पद्मश्री शमशाद बेगम को मिला कोसल पुत्री सम्मान ,कोसल पुत्री रचनाकार’ सम्मान से अनुरमा शुक्ला भी हुई सम्मानित
