बालोद। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय आत्मज्ञान भवन आमापारा बालोद के तत्वाधान में 1 से 10 मई तक दस दिवसीय समर कैम्प का आयोजन किया जा रहा हैं। जिसका समय प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से 11ः30 बजे तक है।ब्रह्माकुमारीज़ की मुख्य संचालिका राजयोगिनी बी.के विजयलक्ष्मी दीदी ने बताया कि पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी कक्षा पहली से दसवीं तक विद्यार्थियों के लिये समर कैम्प में मेमोरी डेवलपमेंट के लिये विभिन्न कार्यक्रम रखे जा रहें हैं। जिसके अंतर्गत ड्रॉइंग, पेंटिंग, माइंड पावर, के साथ साथ खेल-खेल में आध्यात्मिक और नैतिक शिक्षा, आत्म विश्वास में वृध्दि, योग के प्रकार, अनुशासन, आज्ञाकारी, समय का महत्व, सांस्कृतिक कार्यक्रम, राजयोग ध्यान सत्र, विविध गतिविधियां, मूल्य आधारित खेल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर बच्चों को प्रेरणादायी एक्टिविटी के माध्यम से सम्पूर्ण मानसिक विकास कराया जा रहा है। इस कार्यक्रम में कक्षा 1 से 10 वीं तक के विद्यार्थी अधिक से अधिक संख्या में अपना निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करा कर लाभ ले सकते हैं। रजिस्ट्रेशन के लिए फोन नं. 9424123667 पर फोन भी कर सकते हैं। समर कैंप के दूसरे सत्र में मनीषा बहन ने कहा कि जीवन में अनुशासन का होना बहुत जरूरी है अनुशासित होकर ही हम जीवन में सफलता प्राप्त कर सकते हैं और एक अच्छा इंसान बन सकते हैं जीवन के हर क्षेत्र में अनुशासन जरूरी है खासकर विद्यार्थी जीवन में तो इसका बहुत महत्व है। वह विद्यार्थी ही क्या जो अनुशासित ना हो। एक अनुशासित विद्यार्थी ही सफलता की मंजिल तक पहुंच सकता है।
राजयोगिनी बीके सरिता दीदी ने कहा कि हम केवल शरीर ही नहीं लेकिन इस शरीर को चलने वाली शक्ति आत्मा है। आत्मा ही पूरे शरीर का कंट्रोल करती है । आत्मा की तीन शक्तियां हैं मन, बुद्धि और संस्कार। मन का काम है सोचना, बुद्धि का काम है निर्णय लेना, संस्कार जो कर्म हम बार-बार करते हैं वह हमारे संस्कार कहलाते हैं। इसके अलावा बीके रेनू दीदी ने सबको मन एक्सरसाइज भी कराया। कैंप के तृतीय दिवस में राजयोगिनी बीके सरिता दीदी ने परमात्मा का परिचय देते हुए कहा कि जैसे हम आत्मा ज्योतिबिंदु निराकार हैं, वैसे आत्मा के पिता परमात्मा भी ज्योतिबिंदु निराकार है। जिसका नाम शिव है । इसके साथ-साथ बीके रेनू दीदी ने बच्चों को पॉजिटिव थिंकिंग भी दिया। उन्होंने बताया कि आई एम इंपॉर्टेंट ,आई एम ब्यूटीफुल, आई एम स्ट्रांग, आई एम पावरफुल यह हमको सुबह उठने के बाद बोलना है और रात में सोने के पहले हमको बोलना है। इसके साथ-साथ दिया डेकोरेशन कांपीटीशन और क्विज कॉम्पिटिशन भी कराया गया। साथ में म्यूजिकल एक्सरसाइज के साथ-साथ बच्चों को प्राणायाम एवं ब्रेन जिम भी कराया गया। बालोद की संचालिका बीके विजयलक्ष्मी ने सभी बच्चों से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में आकर इस शिविर के माध्यम से अपने अंदर छिपे हुए शक्तियों और गुणों को जागृत करें।
आत्मज्ञान भवन आमापारा बालोद में जारी है समर कैंप, बच्चे सिख रहे नैतिक शिक्षा और संस्कार
