बालोद। छत्तीसगढ़ व्याख्याता वाणिज्य विकास संघ (पंजीयन क्रमांक 122202435951) के संयोजक एवं प्रदेश अध्यक्ष विष्णु प्रसाद साहू, उपाध्यक्ष ममता वाडदे, गीता नायर ने संयुक्त रूप से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा वर्तमान में जारी युक्तियुक्तकरण आदेश का पूर्व मे भी संघ, पालक एवं ग्रामीण जनता के माध्यम से विरोध किया गया था। जिसके बाद सरकार ने युक्तियुक्तकरण स्थगित कर दिया था। जिस पर शिक्षक संघाे ने युक्तियुक्तकरण पर अपने विचार स्कूल शिक्षा विभाग काे दिये थे। जिसमें स्वीकृत पद से अतिरिक्त कार्यरत शिक्षकाे काे अतिशेष मानने में काेई दिक्कत नही, जिन विद्यालयों में छात्र नही के बराबर है उन्हें समायोजित किया जा सकता है। 2008 सेटअप काे बदले बिना युक्तियुक्तकरण करने से संघ काे काेई आपत्ति नही है लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग ने फिर से पुराने आदेश काे नई तिथि पर बिना काेई संशाेधन एवं शिक्षक संगठनाे के निर्देशाे काे सुने जारी कर दिया है। यह गलत है। युक्तियुक्तकरण से प्राथमिक विद्यालयों के 05 कक्षाओं के लिए 02 शिक्षक हाेना अपने आप में गलत है। कैसे 02 शिक्षक 05 कक्षा के छात्र – छात्राओं काे पढायेंगे, सुरक्षा एवं निगरानी करेंगे। हायर सेकेंडरी विद्यालयों में 2008 के सेटअप में छत्तीसगढ़ में छात्रों के बेहतर शिक्षा के लिए साइंस संकाय में 03 अलग- अलग विषय के लिए 03 व्याख्याता दिये गये, प्रायाेगिक के लिए 03 विज्ञान सहायक दिये गये तथा वाणिज्य संकाय के कक्षा 11वीं एवं 12 वीं के 03 अलग – अलग विषय लेखाशास्त्र, व्यवसाय अध्ययन, औद्योगिक संगठन/ अर्थशास्त्र के लिए 02 व्याख्याता दिये गये, लेकिन वर्तमान युक्तियुक्तकरण के माध्यम से 2008 सेटअप परिवर्तन से 04 कालखंड एवं छात्र बंधन सीमा की वजह से वाणिज्य संकाय में 02 व्याख्याता की जगह 01 व्याख्याता हाे जाने का अंदेशा है , 01 व्याख्याता के द्वारा प्रत्येक दिन 06 क्लास लेना संभव नही है, जिससे कक्षा 11वीं एवं कक्षा 12वीं प्रभावित हाेगी। विगत कई वर्षों से शहराे के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में वाणिज्य संकाय के प्रति छात्र – छात्राओं की रूचि बढ़ी है, छत्तीसगढ़ के बाेर्ड परीक्षा परिणामाे में वाणिज्य संकाय का प्रतिशत लगातार बढा है, सत्र 2023 – 24 के परीक्षा परिणाम में टॉप 10 में 50 प्रतिशत छात्र- छात्राएँ वाणिज्य संकाय के है। प्रदेश संचालक खाेमन लाल साहू एवं प्रदेश सचिव विवेक धुर्वे ने कहा कि जिस प्रकार प्रदेश के विद्यालयों में आदेश, निर्देश जारी किये जा रहे है, उससे विद्यालय पढाई का केंद्र ना हाेकर प्रयाेगशाला बन गया है, अन्य विभागाे के कार्य जैसे गैर शिक्षकिय कार्य, आनलाइन कार्य, सर्वेक्षण, जनगणना जैसे अनेकाे कार्य काे साैपा जाता है जिससे पढाई प्रभावित हाेती है। प्रदेश संरक्षक जगदीश दिल्लीवार ने कहा कि जिन ग्रामाे में स्कूल बंद हाेंगे वहां के ग्रामीणाे में भारी आक्रोश हाेगा, 2008 सेटअप के अनुरूप शिक्षक हाेने के बाद भी शिक्षकाें काे अतिशेष मानकर स्थानांतरित किया गया ताे पालक, शाला समिति एवं ग्रामीण भी तीव्र विरोध करेंगे।विसंगतिपूर्ण युक्तियुक्तकरण के माध्यम से सेटअप परिवर्तन हाेने से शिक्षा की गुणवत्ता गिरेगी, विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हाेगी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ व्याख्याता वाणिज्य विकास संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष ममता वाडदे, प्रदेश सहउपाध्यक्ष गीता नायर, प्रदेश संचालक खाेमन लाल साहू, प्रदेश सचिव विवेक धुर्वे, प्रदेश संरक्षक जगदीश दिल्लीवार, अनिता घाेरपडे जिला अध्यक्ष धमतरी, मधुसूदन सिंह जिला अध्यक्ष बीजापुर, लक्ष्मीनारायण साहू जिला अध्यक्ष बेमेतरा, शिवशंकर सिंह कार्यवाहक जिला अध्यक्ष बस्तर, भारती साहू कार्यवाहक जिला अध्यक्ष राजनांदगांव, रश्मि पटेल कार्यवाहक जिला अध्यक्ष रायपुर, चंद्रकला साहू ( सरगुजा), जीसी देवांगन( जांजगीर चापा), याेगेश्वर दिवान कार्यवाहक जिला अध्यक्ष गरियाबंद, रवि गुप्ता( कवर्धा), अनिल जैन( जगदलपुर), चेतना गुप्ता (रायपुर, प्रतिभा लिमशाकरे( रायपुर)),संजय देवांगन ( अंबागढ चाैकी), सुधीर दूबे( जशपुर), नवीन साहू ( धमतरी), मिताली ( डाेंगरगांव), एल एन साहू ( बेमेतरा), माेना प्रधान( दुर्ग), रामनारायण शर्मा( कांकेर), अजय चंद्राकर( महासमुंद), वृत्युंजय भारती (धमतरी), श्यामद्ववेदी( महासमुंद), सीबा(बालाेद), दीपक ( रायगढ़), याेगेश्वर दिवान ( गरियाबंद), विनय साहू ( दंतेवाड़ा), उमाशंकर साहू ( दंतेवाड़ा), वासु देवांगन ( मानपुर- माेहला) एवं अन्य सभी वाणिज्य संकाय के व्याख्याता साथी उपस्थित रहे।
विसंगतिपूर्ण युक्तियुक्तकरण एवं 2008 सेटअप में बदलाव करना गलत, इससे शिक्षा का स्तर गिरेगा – छत्तीसगढ़ व्याख्याता वाणिज्य विकास संघ
