आड़ावाल के प्रधान पाठक को दी गई भावभीनी विदाई,43 वर्षों की शिक्षकीय सेवा के बाद हुए सेवानिवृत्त



बस्तर। बस्तर ब्लॉक शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला आड़ावाल के प्रधान पाठक ज्ञानेंद्र आचार्य को 43 वर्षों की उल्लेखनीय शिक्षकीय सेवा के पश्चात भावभीनी विदाई दी गई। श्री आचार्य ने वर्ष 1982 में सहायक शिक्षक के रूप में माशा नेंगानार दरभा ब्लॉक से अपने सेवाकाल की शुरुआत की थी। और पिछले 25 वर्षों से वे माशा आड़ावाल में पदस्थ थे।विदाई कार्यक्रम के दौरान संकुल के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं भावुक हो उठे। संकुल प्राचार्य ए आर नोनहारे ने इस अवसर पर कहा कि “शिक्षकीय पेशा एक साधना है, और इस साधना से सेवानिवृत्त होना अपने आप में एक गौरव की बात है। श्री आचार्य ने अपने 40 वर्षों के सेवा काल में बच्चों के भविष्य को गढ़ने का जो कार्य किया है, वह एक मिसाल है। शिक्षक साथियों और विद्यार्थियों ने पुष्पगुच्छ और स्मृति चिह्न भेंट कर आचार्य जी के प्रति सम्मान प्रकट किया। कार्यक्रम में ग्रामीण जन, अभिभावक और स्कूल के पूर्व छात्र भी उपस्थित रहे और उन्होंने अपने संस्मरण साझा करते हुए ज्ञानेंद्रआचार्य के योगदान को याद किया। कार्यक्रम का समापन भावुक विदाई गीतों और आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। समारोह में मंच संचालन शिक्षक शैलेन्द्र कुमार तिवारी ने किया।इस अवसर पर,ज्ञानेंद्र आचार्य अभय राम नोनहारे, विष्णु यादव
पीला राम नेताम,हेमराज कश्यप,भूतेश्वर पाण्डे ,पीलू राम कश्यप, कमलेश कश्यप
किशोर कुमार साहू,महेंद्र श्रीमति विदया कौशिक, शाइनाजीलान, देवकी कश्यप ,हेमलता कश्यप
,रश्मि नेताम,राजेश्वरी ध्रुव,पुष्पलता नाग,प्रिया ठाकुर,सुनीता कश्यप ,प्रियंका मिश्रा,सुकांति पैकरा ,ईशामौर्य
चयनिका भंडारी,लोकेश रावटे,हरिश शोरी उपस्थित थे

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