बालोद। जिला पंचायत सदस्य बालोद में नवनिर्वाचित निलीमा श्याम जो एक आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के अंतर्गत से आती है, जब उन्होंने अपने क्षेत्र के लोगों से मुलाकात करने के लिए गई थी तब उन्होंने देखा कि धोबनी (अ) के पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जंगलों में आग लगी थी। तो उन्होंने और उनके साथियों ने आग बुझाने की कोशिश की और आग बहुत तेजी से फैल रहा था और जितना हो सके बुझाने की पूरी तरह कोशिश युवा संगठन ने की।

नीलिमा का निष्कर्ष है कि पर्यावरण पर नुकसान , जैव विविधता को खतरा , जलवायु परिवर्तन में योगदान, वायु प्रदूषण, मानव स्वास्थ्य पर नुकसान, श्वसन संबंधी समस्या, हृदय रोग और अन्य बीमारियां, आर्थिक नुकसान वन्य संपदा का नुकसान, पर्यटन में कमी से जंगल की आग से पर्यटन उद्योग को भी नुकसान हो सकता है ।और आग से पेड़ पौधे और अन्य वनस्पति जल जाते हैं। जिससे वन्य जीवों के आवास और भोजन स्रोत नष्ट हो जाता है।निलीमा ने कहा कि हर गांव में पानी की समस्या है। ज्यादातर गर्मियों के दिनों में तालाब सूख जा रहे हैं। नलों में पानी नहीं आ रहा है। अगर जलवायु परिवर्तन को हम नहीं समझेंगे तो आने वाले भविष्य में जीना मुश्किल हो जाएगा। तो आप सभी से अनुरोध है कि ज्यादा से ज्यादा जंगलों को आग से बचाने की कोशिश करें । ताकि जीव जंतु पेड़ पौधों के साथ मनुष्य का जीवन स्वास्थ्य अनुकूल बना रहे।आग बुझाने में उनके साथ युवा संगठन से दीपक सहारे, डिम्पल उईके, दीपक रंगारे सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।
