बालोद/ गुरुर। गुरुर ब्लॉक के ग्राम कन्हारपुरी में संचालित श्री शंकर गौरी गोपाल आश्रम गौशाला में निर्धन परिवार की एक बेटी की शादी चर्चा का विषय रही। विगत दिनों हुई इस शादी में गौशाला संचालन करने वाले लोगों ने दिल खोलकर सहयोग किया और जो शादी आर्थिक तंगी के चलते नहीं हो पा रही थी उसे इन गौशाला परिवार के सहयोगियों ने मिलकर इतना आलीशान और भव्य बना दिया कि लोग देखकर दंग रह गए। नव वर वधु को आशीर्वाद देने के लिए दूर-दूर से दिग्गज नेता, साहू समाज के पदाधिकारी और स्थानीय अधिकारी तक भी पहुंचे थे। वधु बनने वाली लड़की मोनिका साहू कन्हारपुरी गुरुर की ही एक निजी स्कूल में चपरासी की काम करने वाली दुर्गाबाई साहू की बेटी है। पिता द्वारा उनकी मां का त्याग करने के बावजूद अभावों से ग्रस्त हालातों का सामना करते हुए मोनिका साहू भी स्नातक शिक्षित है। वहीं उनकी मां दुर्गा बाई नाममात्र मानदेय पर एक निजी स्कूल में काम करती है। 4 मार्च की रात मोनिका का विवाह डूड़िया (अर्जुंदा) के शेखर साहू पिता रमेश साहू के साथ संपन्न हुआ। जानकारी के अनुसार बेटी का रिश्ता तय होने के बाद आर्थिक तंगी से जूझने के कारण उनकी मां दुर्गाबाई साहू लोगों से मदद मांग रही थी। इस बीच उन्होंने गौशाला परिवार के प्रमुख आश्रम सेवक युवा कथावाचक दास श्री बंटी गोपाल कुम्भज और अन्य लोगों से संपर्क किया। जिसके बाद प्रमुख लोगों ने इस बात को गौशाला समिति के समक्ष रखा और सब ने मिलकर तय किया कि हम मिलकर शादी का खर्च उठाएंगे और गौशाला परिसर में ही शादी रचाएंगे। शादी इस कदर भव्य हो गई कि किसी ने इसकी कल्पना नहीं की थी। हजारों के लिए भोजन की व्यवस्था, विशेष सजा सजावट, बैंड बाजे, लाइटिंग और वाद्य यंत्रों के करतल ध्वनि के बीच गरीब परिवार की बेटी ने सात फेरे लिए। उन्हें आशीर्वाद देने के लिए मुख्य अतिथि के तौर पर खोलडोंगरी आश्रम के संत हनुमानानंद जी, प्रदेश साहू संघ के अध्यक्ष टहल साहू, जिला साहू संघ के अध्यक्ष किशोरी साहू, रमेश साहू, अधिकारी वर्ग से तहसीलदार हनुमत श्याम, भाजपा नेता ईशा प्रकाश साहू, कौशल साहू, नंदकिशोर शर्मा, पिमन साहू, यादराम साहू, नरेश साहू, उमराव साहू, विश्व हिंदू परिषद से चौलेश कुमार देशमुख, लोकेश साहू, नूरसिंह साहू , मनीष साहू, राकेश अटल, राकेश साहू, हरीश टुवानी सहित समस्त ग्रामवासी कन्हारपुरी और चूल्हापथरा के लोग पहुंचे हुए थे।
आयोजन संपन्न कराने में इनकी रही विशेष भूमिका
इस आयोजन में विशेष सहयोगियों के रूप में कथावाचक दास श्री बंटी गोपाल कुंभज के अलावा कमल नारायण साहू, ज्योतिषाचार्य अमृत सोनी अरमरीकला, गोविंद साहू, मृत्युंजय शर्मा, डॉक्टर लिंगेश्वर साहू, रामसहाय साहू अधिवक्ता, अजय साहू, शिव यादव, मदन साहू ,थान सिंह साहू, कोमल साहू, नागेंद्र देवांगन, सत्रोहण साहू, आदि का योगदान रहा। तो वह इस विवाह को संपन्न कराने पर वधू की माता दुर्गाबाई साहू ने समस्त गौशाला परिवार और सहयोगियों का आभार जताया। जानकारी के अनुसार उनकी बेटी की शादी सगाई घर में हुई थी। तो वही गौशाला परिसर में ही पूरे 3 दिनों तक पूरे शान और शौकत सहित सभी व्यवस्थाओं और सुविधाओं के बीच शादी संपन्न हुई।
कन्हारपुरी के श्री शंकर गौरी गोपाल आश्रम में दिव्यांग गौ माता की होती है सेवा
भागवत कथा के दौरान मिलने वाली धनराशि को इस गौशाला में लगाया जाता है
ज्ञात हो कि गुरुर ब्लॉक के ग्राम कन्हारपुरी में भागवत कथा से जुड़े लोगों द्वारा मिलकर एक श्री शंकर गौरी गोपाल नाम से गौशाला आश्रम खोला गया है। जिसकी अपनी विशेष खासियत है। इस गौशाला में खासतौर से दिव्यांग गौ माता की सेवा की जाती है। भागवत कथा आयोजन के दौरान मिलने वाली दान राशि को पूरी तरह से इस आश्रम गौशाला को चलाने में खर्च किया जाता है। इस गौशाला के बारे में श्री दास बंटी गोपाल कुंभज जी महाराज ने बताया कि जो दुर्घटना का शिकार होते हैं ऐसी गौ माता को यहां लाकर सेवा किया जाता है। वही ऐसे माता-पिता जिनके कोई सहारा नहीं है उन्हें भी यहां मदद की जाती है। आने वाले दिनों में यहां संस्कार शाला भी लगाया जाएगा। बच्चों को नैतिक जीवन की शिक्षा दी जाएगी। जैसे आजकल के बच्चे हुमायूं बाबर के बारे में तो पढ़ते हैं लेकिन भगत सिंह, महाराणा प्रताप जैसे भारत के वीर सपूतों के बारे में ज्यादा जानते नहीं है। उनके जीवन की जानकारी दी जाएगी। अब्दुल कलाम ने कैसे संघर्ष किया ऐसे महान लोगों के बारे में शिक्षा दी जाएगी। भागवत कथा पुराण में जो भी आय होती है उसका पैसा इस आश्रम में लगाया जाता है। 20 से 25 गरीब बच्चों की भी मदद दान राशि से कर चुके हैं। जो बच्चे और दिव्यांग अपनी स्कूल का फीस नहीं पटा पाते उनकी भी मदद करते हैं। यह जमीन अमृत सोनी ज्योतिष आचार्य और कमल नारायण साहू की है। जहां अब गौशाला संचालित हो रहा है।
इस तरह से आया गौशाला खोलने का विचार
दास बंटी गोपाल कुंभज महाराज ने बताया उन्होंने वृंदावन से दीक्षा ली है। उन्होंने ऐसा करने के विचार के पीछे बताया कि मुझ पर ईश्वरी कृपा है। पेशे से वे एक मूर्तिकार चित्रकार है और भगवान के चित्र और मूर्तियां बनाते हुए भागवत की ओर प्रेरित हुए। शास्त्रों के अनुसार जाति प्रथा है ही नहीं। विश्व हिंदू परिषद जाति प्रथा को लेकर फैली भ्रांति को दूर करने को लेकर जागरूक कर रही है। रामायण से लोगों को जीवन की शिक्षा लेनी चाहिए। आज लोग संस्कारों से दूर हो रहे हैं। यहां पर मुख्य उद्देश्य विकलांग गौ माता की सेवा करना है। साथ ही अति अनाथ माता-पिता की भी सेवा यहां की जाएगी। भागवत कथा के माध्यम से जो भी दान आता है उसका इस्तेमाल यहां होगा। प्रत्येक रविवार को यहां निशुल्क संस्कार शाला लगाई जाएगी । प्राइमरी, मिडिल और हाई स्कूल स्तर पर यहां संस्कार की कक्षा लगेगी। फिलहाल गौ माता की सेवा से इसकी शुरुआत की गई है। यहां अभी 8 से10 दिव्यांग गौ माता हैं। इसी साल नवरात्रि के समय से इसकी शुरुआत की गई है। शासन प्रशासन से अभी हमें कोई मदद नहीं मिली है लोग नारे तो देते हैं गौ हत्या बंद करो लेकिन वही गौ माता जब सड़क पर दुर्घटना का शिकार हो पड़ी रहती है तो उसे कोई उठाने तैयार नहीं होता। यही सीख हम समाज को देना चाहते हैं और गौ सेवा को बढ़ावा दे रहे हैं। गौ माता कहीं भी हो जो हमारी नजर में आएंगे उसे यहां लायेंगे। गुरुर क्षेत्र में गौ माता की सेवा को बढ़ावा दिया जाएगा। इस गौशाला का आश्रम का नाम श्री शंकर गौरी गोपाल आश्रम कन्हारपुरी गुरुर रखा गया। कहीं भी कोई गौ माता दुर्घटनाग्रस्त रहती है तो लोग यहां पहुंचा सकते हैं। पहुंचाने वाले को भी सहायता राशि दे दी जाएगी। उन्हें गाड़ी का खर्चा दे दिया जाएगा। लोगों से अपील की जा रही है कि कहीं भी गौ माता दुर्घटनाग्रस्त नजर आती है तो सूचना दें और यहां पहुंचाएं। यहां हम डॉक्टर बुलाकर उनकी सेवा करेंगे। कहीं गौ माता दिव्यांग है तो ऐसे गौ माता को जल्द से जल्द गौशाला लाकर उनकी सेवा की जाएगी। खास तौर से इस आश्रम में विकलांग गायों का ही मुफ्त इलाज होना है। जो सेवा धर्म के उद्देश्य से किया जा रहा है। भविष्य में कहीं भी गायों का एक्सीडेंट या बीमारी से पैर, मुंह आदि को कुछ होता है तो यहां पहुंचाने में सहयोग जनता कर सकती है। गौशाला परिवार के द्वारा इसी मदद के कार्य को बढ़ाते हुए पहली बार शादी का सफल आयोजन भी किया गया।
