DAILY BALOD NEWS

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अब जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 14 में भी प्रत्याशियों ने लगाया मतगणना में धांधली का आरोप, पुनर्मतगणना की उठी मांग

सबूत के तौर पर प्रत्याशियों ने कहा: एक ही बूथ में हमें मिला है अलग-अलग वोटों का प्रमाण पत्र

बालोद। गुरुर ब्लॉक में जहां जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 4 की प्रत्याशी रही कांग्रेस समर्थित बबीता संजय प्रकाश चौधरी ने आरोप लगाया है कि परिणाम के बाद पीठासीन अफसरों द्वारा जो प्रमाण पत्र जारी किया गया है उसमें लापरवाही बरती गई है। जो प्रत्याशी हैं उन्हें सिर्फ उनका ही वोट की जानकारी दिया गया है। अन्य प्रत्याशियों को कहां कितना वोट मिला इसकी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। जिससे पारदर्शिता पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करते हुए उन्होंने जहां हाई कोर्ट जाने की बात कही है। तो वहीं दूसरी ओर अब नया मामला जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 14 से निकलकर सामने आ रहा है। जहां पर भाजपा के तेजराम साहू 2617 वोट से विजय हुए हैं बता दे कि इस सीट को लेकर भाजपा ने किसी को अधिकृत प्रत्याशी घोषित नहीं किया गया था। भाजपा से ही ताल्लुक रखने वाले दो प्रत्याशी तेजराम साहू और शैलेंद्र सोरी मैदान में थे ।तो वहीं कांग्रेस से जितेंद्र यादव चुनाव लड़ रहे थे। इस क्षेत्र में अफसर द्वारा मतगणना के बाद 2617 वोटो के अंतर बताते हुए जीत का प्रमाण पत्र तेजराम साहू को दे दिया गया है। लेकिन हैरत करने वाली बात यह है कि जो प्रत्याशी हारे हैं उन्हें पूरी जानकारी प्रपत्र आज तक उपलब्ध नहीं कराया गया है। अलग-अलग गांव से जब बूथों का डाटा निकाल रहे हैं तो उसमें अंतर पाए जा रहे हैं। इस मसले को लेकर अब हारे हुए प्रत्याशी जितेंद्र यादव और शैलेंद्र सोरी दोनों ही पुनरमतगणना की मांग करने लगे हैं । एक सबूत के तौर पर जितेंद्र यादव और शैलेंद्र सोरी दोनों ने हमें फागुनदाह के मतगणना का प्रपत्र भेजा है। जिसमें एक ही पीठासीन अधिकारी जो मतदान केंद्र क्रमांक 179 में तैनात थे, उनके द्वारा जितेंद्र यादव को 178 शैलेंद्र सोरी को 235 और तेजराम साहू को 14 वोट देने का जिक्र किया गया है। तो इस बूथ में एक अन्य प्रपत्र में प्रत्याशियों ने जितेंद्र यादव को 178 ,शैलेंद्र सोरी को 235 की जगह 54 और तेजराम साहू को 14 की जगह 194 वोट देने का जिक्र किया गया है और इसमें कांट छांट तक किया गया है। ऐसे में हारे हुए प्रत्याशियों ने मतगणना में धांधली का आरोप लगाते हुए सत्ता पक्ष के दबाव के चलते जल्दबाजी में गलत डाटा जारी करके किसी एक प्रत्याशी को विजय घोषित करने का आरोप लगाया है। इस संबंध में जब हमने पृथक पृथक दोनों ही हारे हुए प्रत्याशी कांग्रेस के जितेंद्र यादव और भाजपा के शैलेंद्र सोरी से भी बात की तो उन्होंने कहा कि हम पूरे सबूत के साथ अलग-अलग बूथों का डाटा निकाल रहे हैं और पुनरमतगणना की मांग कर रहे हैं। इसके लिए हमने आवेदन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है ।जितेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के दबाव में आकर पीठासीन अफसर द्वारा काम किया गया है। जो की पूरी तरह गलत है। हमें अन्य प्रत्याशियों ने कितना वोट हासिल किया है यह जानकारी ही नहीं दिया गया है। सिर्फ हमें कितना वोट मिला यही बस बताया गया है। ऐसे में पारदर्शिता पर भी प्रश्न खड़ा होता है। हार जीत का अंतर वास्तविक क्या है यह आज तक किसी को लिखित प्रमाण पत्र के रूप में नहीं दिया गया है और जीत का प्रमाण पत्र तेजराम साहू को संबंधित अधिकारियों ने दे दिया है। इससे संशय की स्थिति भी पैदा हो रही है। भाजपा से ही ताल्लुक रखने वाले प्रत्याशी शैलेंद्र सोरी ने भी कहा कि हम परिणाम और प्रमाण पत्र से संतुष्ट नहीं है। इसलिए पुनरमतगणना करवाने की मांग कर रहें। इसके लिए विधिवत आवेदन करने की प्रक्रिया भी शुरू कर चुके हैं। पीठासीन अफसर द्वारा एक एजेंट को यानी विजय हुए तेजराम के एजेंट को ही मतगणना प्रपत्र दिया गया था जिसमें लिखा था कि किसे कितना मिला है जबकि सभी प्रत्याशियों या उनके एजेंटों को उसकी प्रतिलिपि उपलब्ध करानी थी। ऐसे में संदेह की स्थिति आज भी बनी हुई है कि कहां किसे वास्तव में कितना वोट मिला है

रात 12 बजे तक हो रही थी गिनती और सोशल मीडिया में 10:30 बजे चल रहा था 2500 वोट से जीत का जश्न

कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी जितेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि मतगणना के दिन रात 12 बजे तक हमारे क्षेत्र के ही ग्राम पुरूर में मतगणना जारी थी। सभी बूथों का अंतिम डाटा आया ही नहीं था। दो दिन तक भी हम अंतिम डाटा इकट्ठा करने के लिए चक्कर काटते रहे ।लेकिन मतगणना की रात्रि को ही 10:30 बजे सोशल मीडिया में तेजराम और उनके समर्थकों के द्वारा यह पोस्ट वायरल किया जा रहा था कि वह 2500 वोट के अंतर से जीत चुके हैं। यह सवाल खड़ा करते हैं कि आखिर इतनी तेजी से उन्हें डाटा कैसे प्राप्त हो गया। क्या सत्ता पक्ष के दबाव में आकर पीठासीन अफसर ने उन्हें जल्द रिपोर्ट दे दी या फर्जी आंकड़ा देकर जीत का जश्न मनाया गया। अन्य प्रत्याशी जो मैदान में थे उन्हें कोई अधिकृत जानकारी दिया ही नहीं जा रहा था। हार जीत का वास्तविक अंतर पता ही नहीं था और सोशल मीडिया में 2500 वोटो के अंतर का जश्न मना कर बधाई का सिलसिला जारी हो चुका था। कहां से किस कितना वोट मिला यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। कई जगह देर रात तक गिनती चलती रही लेकिन तेज नाम साहू के समर्थक सोशल मीडिया में 10 बजे से ही उनके जीत की पुष्टि करते नजर आ रहे थे। इसे स्पष्ट होता है कि कहीं ना कहीं पीठासीन अफसर द्वारा मतगणना के बाद जो प्रमाण पत्र जारी किया जाता है उसमें धांधली की गई है। फागुनदाह के ही प्रमाण पत्र की बात करें तो हमें जो मिला है उसमें भी कांट छांट करके दिया गया है। इससे अन्य बूथों से भी संदेह जन्म होता है कि वहां भी इस तरह की गड़बड़ी हो सकती है ।अन्य बूथों में तो सिर्फ हमें कितना वोट मिला है इसी की जानकारी दी गई है। बाकी अन्य प्रत्याशियों का कुछ अता पता नहीं है। ऐसे में दोनों ही हारे हुए प्रत्याशियों को प्राप्त वोटो के आंकड़ों पर संदेह हो रहा है। जिसके चलते हुए अब पुनर मतगणना की मांग कर रहे हैं। देखने वाली बात होगी कि अब आगे क्या स्थिति पैदा होती है। बता दे की शुरुआत से ही जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 14 का क्षेत्र विवादित रहा है। भाजपा द्वारा इसमें किसी को अधिकृत प्रत्याशी घोषित नहीं किया गया था।

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