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नाबालिग से दुष्कर्म करने पर राजहरा के युवक को मिला 20 वर्ष का कारावास

बालोद। कृष्ण कुमार सूर्यवंशी, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एफ.टी.एस.सी. (पॉक्सो) बालोद (छ.ग.) के द्वारा आरोपी विद्यासागर पिता केवल राम, उम्र-20 वर्ष, निवासी-वार्ड क्र0 15 भगोलीपारा राजहरा, थाना-राजहरा, जिला-बालोद (छ.ग.) को अंतर्गत भारतीय दण्ड संहिता की धारा 363 के आरोप में पांच वर्ष का सश्रम कारावास व 1000/- रू० अर्थदण्ड, भा.द.वि. की धारा 366 के आरोप में सात वर्ष का सश्रम कारावास व 1000/- रू० अर्थदण्ड लैंगिक अपराध की धारा 4 (2) के आरोप में बीस वर्ष का सश्रम कारावास व 1000/- रू० अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण का संक्षिप्त विवरण बसंत कुमार देशमुख, विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) के अनुसार-दिनांक 06- जनवरी -2024 को प्रार्थी/पीड़िता के पिता के द्वारा थाना-राजहरा में उपस्थित होकर मौखिक रिपोर्ट दर्ज कराया कि दिनांक 06.01.2023 को रोजाना की तरह वह और उसकी पत्नी ठेला लेकर निकल गये थे, घर में उसकी मां और बच्चे थे। शाम करीबन 5 बजे जब वह घर वापस पहुंचा तब उसकी पत्नी ने उसे बताया कि पीडिता दोपहर करीबन 03:00 बजे शहीद अस्पताल के सामने फल्ली ठेला के पास मिली थी, जिसे घर जाने के लिये बोली तो वह अपने सहेली से मिलते हुए घर जाऊंगी कहकर निकली थी, जो अब तक घर वापस नहीं आयी है। उसका मोबाईल भी बंद है। किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा उसी पुत्री/पीड़िता को बहला-फुसलाकर ले जाने की शंका के आधार पर कार्यवाही करने का निवेदन किया। उक्त सूचना के आधार पर उक्त रिपोर्ट पर थाना राजहरा के द्वारा गुम इंसान क्रमांक-01/2024 कायम कर विवेचना अधिकारी स.उ.नि. कांताराम घिलेन्द्र के द्वारा अज्ञात व्यक्ति के विरूद्ध अंतर्गत संहिता की धारा 363 का अपराध पंजीबद्ध कर प्रथम सूचना पत्र दर्ज प्रकरण को विवेचना में लिया गया। विवेचना के अनुक्रम में उप निरीक्षक उमा ठाकुर के द्वारा दिनांक 07 जनवरी 2024 की रात्रि को वार्ड नंबर-15 भगोलीपारा राजहरा स्थित आरोपी विद्यासागर के कब्जे से पीड़िता को बरामद कर पीड़िता का कथन लिया गया, जहां पर पीड़िता ने बतायी कि आरोपी से पहचान होने पर वह अपने दादी एवं मां के मोबाईल नंबर से आरोपी के मोबाईल से बातचीत होती थी। दिनांक 06 जनवरी -2024 को वह दोपहर 02:30 बजे डांस क्लास गयी थी, जहां से 03:30 बजे सहेली के घर गयी थी, जहां से आरोपी वहां आकर उसे चल मेरे साथ रहना कहकर उसे बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया और कमरे में ले जाकर उसके नाबालिग होने की जानकारी होने के बाद भी तुमसे प्यार करता हूँ, शादी करूंगा कह कर उसके मना करने के बाद भी उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया। पीड़िता के उक्त बयान के आधार पर प्रकरण में संहिता की धारा-366 (ए), 376 एवं संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 4 जोड़कर सम्पूर्ण विवेचना पश्चात् अभियोग पत्र दिनांक 23 फरवरी.2024 को प्रस्तुत किया गया। प्रकरण की विवेचना स.उ.नि. कांताराम घिलेन्द्र, उ.नि. उमा ठाकुर के द्वारा किया गया। न्यायालय द्वारा प्रकरण में आये साक्ष्य के आधार पर आरोपी को उक्त दण्ड से दण्डित किया गया।

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