आत्मज्ञान भवन आमापारा बालोद में हुआ 89 वीं त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव समारोह



बालोद। महाशिवरात्रि के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय आत्मज्ञान भवन आमापारा बालोद के तत्वाधान में 89 वीं त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव समारोह का आयोजन सात दिवसीय बड़े ही धूमधाम से किया गया और केक काटकर परमात्मा शिव का अवतरण दिवस मनाया गया। जिसमें गांव-गांव एवं बालोद के हजारों भाई-बहनों को शिव संदेश एवं जीवन जीने की श्रेष्ठ कला का ज्ञान दिया गया। बालोद एवं अन्य आस-पास के क्षेत्रों में चैतन्य झांकी एवं बाइक रैली निकाली गई । जिसमें विभिन्न मेले एवं सम्मेलन में दीदीयों के द्वारा परमात्मा शिव का संदेश दिया गया। इसके साथ-साथ बालोद एवं अन्य स्थानों के प्रतिष्ठित भाई एवं बहनों की भी ईश्वरीय सेवा की गई। साथ-साथ नशामुक्त की भी प्रतिज्ञा कराई गई। जिसमें नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्य तोमन साहू, वार्ड नं. 2 के पार्षद कमलेश सोनी , महेश पाठक, वार्ड नं. 14 के पार्षद आशा बहन उपस्थित रहे ब्रह्माकुमारीज की संचालिका बी.के. विजयलक्ष्मी दीदी ने सभा में उपस्थित सभी भाई बहनों एवं अतिथियों को त्रिमूर्ति शिव जयंती की बधाई देते हुए कहा कि अभी वो समय चल रहा है जहां परमात्मा शिव जिन्हें स्वयंभू भी कहते है स्वयं इस भू धरा पर आते है और इस कलियुगी दुख भरी दुनिया को स्वर्णिम दुनिया बना रहे है। अतः हम भी पुरूषार्थ कर ऐसी दुनिया में चलें जहां सुख, शांति और प्यार हो।बी.के. सरिता दीदी ने कहा कि शिव के अवतरण का समय धर्म ग्लानि का समय है। धर्म ग्लानि कोई हिन्दू-मुस्लिम, सिक्ख ईसाई के बीच की बात नहीं है अपितु आत्मा अपने स्वधर्म से भटक चुकी है अर्थात् खुशी, प्रेम, आनंद, पवित्रता जो आत्मा का स्वधर्म है वह छूटता जा रहा है परमात्मा आकर आत्मा को अपना स्वधर्म याद दिलाकर धारण करते है। बी.के. नेहा बहन ने कहा कि शिवरात्रि में जो हम व्रत रखते है, उसके साथ- साथ हम अज्ञान नींद से जागरण का व्रत रखें। अपने मन में दृढ़ संकल्प का दीप जलाने का व्रत रखें। अपने मन में खुशी का डांस करते रहने का व्रत रखें। जब हम ऐसा व्रत रखेंगे तो हम सच्चे मायने में शिवरात्रि मना सकेंगे।

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