कमरौद में हुआ दो दिवसीय शिवरात्रि महोत्सव, लगा भव्य मेला, उमड़ा आस्था का सैलाब



बालोद। बालोद जिले के ग्राम कमरौद में दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर परिसर में भव्य शिवरात्रि मेला का आयोजन किया गया। जिसके तहत 25 और 26 फरवरी को विविध आयोजन हुए। 25 फरवरी को कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि सांकरा ज के शांतिलाल राठी थे। अध्यक्षता सेवा निवृत्त शिक्षक कोंगनी के सीआर साहू ने की। विशेष अतिथि के रूप में ग्राम विकास समिति कमरौद के अध्यक्ष खिलानंद पटेल, शिक्षक भागवत चतुर्वेदी, शिक्षक वासुदेव पटेल, पीरिद से रमेश साहू, कमरौद से राजू लाल कंवर , लक्ष्मी यदु ,यशोदा साहू आदि मौजूद रहे। प्रथम दिवस दोपहर 12 बजे से जय बजरंग मानस परिवार कमरौद की प्रस्तुति हुई। 3 बजे से जय शीतला मानस हरि कीर्तन परिवार सांकरा ज की प्रस्तुति हुई। रात 10 बजे भुइया के सिंगार लोक नृत्य नाच पार्टी हुच्चेटोला मंगचुआ बालोद जिला की प्रस्तुति हुई। मुख्य कार्यक्रम महाशिवरात्रि के दिन भव्य मेला के साथ शुरू हुआ। समापन समारोह 26 फरवरी दोपहर 3 बजे के मुख्य तिथि संजय मिश्रा थे। अध्यक्षता दारा सिंह साहू ने की । विशेष अतिथि आनंद राठी, प्रहलाद वैष्णव, संतोष चंद्राकर, प्रमोद कुमार शर्मा, दीपक चोपड़ा, भूपेंद्र कुमार साहू, तिलक भुआर्य आदि रहे। मुख्य समारोह यानी कि महाशिवरात्रि के दिन सुबह 11 बजे सत्य प्रचार मानस परिवार भोलापुर छुरिया राजनांदगांव और दोपहर 3 बजे से जय मां दंतेश्वरी रामधुनी मंडली आमदी धमतरी की प्रस्तुति हुई। रात्रि में सांस्कृतिक लोक कला मंच चिन्हारी डी के देशमुख (कुमार) सुरेगांव गांव भेड़ी का कार्यक्रम महाशिवरात्रि की रात में रखा गया था। उद्घोषक के रूप में रूपेश कुमार पटेल और डॉक्टर नरोत्तम साहू अपनी भूमिका निभाई। आयोजक जय बजरंगबली मंदिर समिति एवं समस्त ग्रामवासी कमरौद थे। मुख्य आयोजन यानी महाशिवरात्रि के दिन मेला और ओंकारेश्वर शिवलिंग पूजा अर्चना का आयोजन किया गया। जिसमें 25 फरवरी मंगलवार को जहां रुद्राभिषेक और पूर्णाहुति हुई। 26 फरवरी बुधवार को महाशिवरात्रि, स्नान कार्यक्रम, मेला महोत्सव का कार्यक्रम हुआ। इस आयोजन में आचार्य पंडित भेष कुमार दुबे और दुर्गा प्रसाद पांडे मंदिर पुजारी भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे। तो वही आयोजन समिति से जुड़े हुए लोगों में प्रमुख रूप से अध्यक्ष पुनीत राम देशलहरे, उपाध्यक्ष सुरेंद्र पटेल, कोषाध्यक्ष विशेषर चतुर्वेदी, सचिव ब्रजकिशोर, सदस्य दीनू राम कंवर, बलराम साहू, अरुण साहू, भूषण चतुर्वेदी, कामता साहू, प्रमेंद्र साहू, लखन ठाकुर, विनोद यादव, रूपेश पटेल आदि का आयोजन में विशेष योगदान रहा।

सुबह से उमड़ा मंदिर में भीड़

ज्ञात हो कि कमरौद सिर्फ दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर के कारण ही नहीं बल्कि जहां स्थापित भव्य मां काली की प्रतिमा और विशालकाय शिवलिंग के लिए भी जाना जाता है। महाशिवरात्रि पर शिवलिंग के दर्शन और परिक्रमा के लिए सुबह से ही आस्था की भीड़ उमड़ी। लोगों ने सपरिवार यहां माथा टेका तो वही श्रद्धा के फूल और श्रीफल लोगों ने भगवान महावीर हनुमान, शनिदेव, मां काली और शिवलिंग को समर्पित किया। तो वही देर शाम तक लोगों ने मेला का आनंद उठाया। रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन हुआ। यहां का हनुमान मंदिर दक्षिण मुखी हनुमान के नाम से जाना जाता है। जिसके पीछे अनेक किवदंती भी प्रचलित हैं। जमीन से निकले हुए इस हनुमान मूर्ति को लेकर लोगों में अटूट आस्था है तो मंदिर परिसर में बनाए गए विशाल शिवलिंग और मां काली प्रतिमा के चलते इस जगह की ख्याति बालोद जिला ही नहीं अपितु पूरे छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में प्रचलित है। जिसके कारण महाशिवरात्रि के अवसर पर हर साल यहां इसी तरह श्रद्धालुओं की हजारों की भीड़ उमड़ती है।

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