महाकुम्भ और डाक टिकट: डॉ प्रदीप जैन ने बालोद पोस्ट ऑफिस में लगाई विशेष प्रदर्शनी



बालोद। बालोद नगर के वरिष्ठ डाक टिकट संग्राहक डॉ प्रदीप जैन ने प्रयागराज की यात्रा के पश्चात स्थानीय पोस्ट ऑफिस में कुम्भ से संबंधित डाक सामग्री प्रदर्शित की है। महाकुंभ मेला दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक और आध्यात्मिक मेला है, जो हर 12 वर्षों में भारत के चार पवित्र स्थानों—हरिद्वार, प्रयागराज ,उज्जैन और नासिक में बारी-बारी से आयोजित होता है। यह मेला हिंदू सनातन धर्म का एक महत्वपूर्ण आयोजन है, जिसमें करोड़ों श्रद्धालु गंगा, यमुना, गोदावरी और क्षिप्रा नदियों में अमृत स्नान (शाही स्नान) करते हैं, जिससे उनके पापों का नाश माना जाता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

महाकुंभ का महत्व कोई

महाकुंभ का आयोजन खगोलीय गणनाओं के आधार पर होता है। जब बृहस्पति, सूर्य और चंद्रमा विशेष राशि में स्थित होते हैं, तब महाकुंभ मेले की तिथियां निर्धारित की जाती हैं। मान्यता है कि समुद्र मंथन के दौरान अमृत कलश से चार स्थानों पर अमृत की बूंदें गिरी थीं, इसलिए इन स्थानों पर कुंभ मेले का आयोजन किया जाता है। है। यह भी माना जाता है कि कुंभ योग के समय गंगा का पानी सकारात्मक ऊर्जा से भरा होता है और कुंभ के समय जल सूर्य, चंद्रमा और बृहस्पति की सकारात्मक विद्युत चुम्बकीय विकिरणों से भरा होता है ।महाकुम्भ के प्रत्येक कार्यक्रम एवं शाही स्नान के यादगार दिनों के उपलक्ष्य में भारतीय डाक विभाग द्वारा जारी विशेष आवरण प्रदर्शित किए गए हैं।साथ ही इस महाकुम्भ के अवसर को इतिहास के सुनहरे पन्नो पर अंकित करने हेतु महर्षि वेदव्यास, स्नान एवं अक्षय वृक्ष पर तीन गोलाकार आकर्षक डाक टिकट भी दिखाए गये हैं।

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