बालोद । बालोद जिले के ग्राम जगन्नाथपुर में 26 वर्षीया एक महिला देव कुंवर कोसिमा को सरपंच बनने में कामयाबी मिली है। इस पंचायत चुनाव में आदिवासी महिला आरक्षित सीट होने के कारण सरपंच चुनाव के लिए चार महिलाएं अपना भाग्य आजमा रही थी। जिसमें सबसे ज्यादा शिक्षित होने का लाभ प्रत्याशी देव कुंवर कोसिमा को मिला और उन्होंने अन्य तीन प्रत्याशियों को पीछे छोड़ते हुए 150 वोट के अंतर से जीत हासिल की। देव कुंवर बीए फाइनल पढ़ी हुई है। पति दौलत कुमार सहित अन्य समर्थक ग्रामीणों ने बताया कि जीत आसान नहीं थी। क्योंकि चार-चार महिलाएं मैदान में थी। लोगों के बीच यह चर्चा रही कि हम एक शिक्षित महिला को सरपंच बनाएंगे । ताकि वह आगे चलकर पंचायत को सही तरीके से संभाल सके और गांव का विकास कर सके। जिसमें नेतृत्व की क्षमता हो और अभिव्यक्ति में निपुण हो। न कि जीतकर कोई कठपुतली सरपंच बनकर रह कर। योग्य और शिक्षित महिला प्रत्याशी की तलाश मतदाताओं के बीच थी। जब नामांकन भरे गए तो तीन चार नाम सामने आ गए थे। जिनमें सबसे योग्य और शिक्षित के तौर पर देव कुंवर का नाम पहले से ही गांव में चर्चा में था । तो वही अन्य मोहल्ले से भी तीन महिलाएं सरपंच चुनाव में ताल ठोक रही थी ।शिक्षा और अपने नेतृत्व क्षमता और मतदाताओं की एक जुटता के चलते देव कुमार कोसिमा को जीत हासिल हुई। जिसके लिए उन्होंने समस्त ग्राम वासियों का आभार जताया। कुल 519 वोट देवकुंवर को मिला। वहीं दूसरे स्थान पर प्रतिद्वंद्वी महिला चित्रांगनी को 369 तो अन्य दो प्रत्याशी लक्ष्मी मंडावी को 196 और मालती मंडावी को 171 वोट मिले।
जगन्नाथपुर की सबसे युवा सरपंच बनी 26 साल की स्नातक शिक्षित देव कुंवर कोसिमा, चार प्रत्याशियों के बीच था कड़ा मुकाबला, 150 वोट से जीती
