शासकीय महाविद्यालय बालोद के एनएसएस शिविर के चतुर्थ दिवस में आयोजित किए गए विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम



बालोद। शासकीय घनश्याम सिंह गुप्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय बालोद का राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा सात दिवसीय विशेष शिविर जो कि 11 जनवरी से 17 जनवरी तक ग्राम अरमुरकसा में मेरा युवा भारत के लिए युवा थीम पर अयोजित है । जिसके चतुर्थ दिवस पर प्रातः प्रभात फेरी गली भ्रमण के माध्यम से ग्राम वासियों को गली, मोहल्ले मे जाकर नारा वाचन कर और गीत गान करके जागरूक किया गया तत्पश्चात सभी स्वयंसेवकों की शरीरिर स्फूर्ति बनाए रखने के लिए ध्यान, योग, पीटी, प्राणायाम व जुंबा डांस कराया गया। परियोजना कार्य के द्वारा लोगों को स्वच्छता के प्रति संदेश दिया गया, तथा दीवारों पर प्रेरक और संदेश उद्बोधन लिखकर लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया गया ।

परियोजना कार्य के दौरान शासकीय प्राथमिक शाला अरमुरकसा में जागरूकता

परियोजना कार्य के दौरान शासकीय प्राथमिक शाला अरमुरकसा में जाकर वहां के विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति ,स्वच्छता के प्रति प्रेरित किया। विद्यालय में बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु समय प्रबंधन और खेल-खेल में किस तरह से पढ़ाई का आनंद ले सकते हैं उसके बारे में चर्चा हुआ। शिविर के शिविर नायक लक्ष कुमार साहू द्वारा सभी बच्चों को सामान्य ज्ञान का प्रश्न पूछ कर एवं बच्चों को उनके बुद्धि की क्षमता बढ़ाने हेतु माइन्ड फास्टेस्ट सॉन्ग , तथा पांचवी कक्षा के बच्चों को वार्षिक परीक्षा हेतु समय प्रबंधन वह भविष्य में उत्तीर्ण होने के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी । तथा समस्त राष्ट्रीय सेवा योजना परिवार के द्वारा मकर संक्रान्ति के उपलक्ष में तीली लड्डू का वितरण किया गया ।

राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर में मानसिक स्वास्थ्य और समय प्रबंधन पर चर्चा

बौद्धिक परिचर्चा कार्यक्रम में सेंट्रल इंडिया इंस्टीट्यूट आफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंसेस संस्था जी. ई. रोड, देवादा चौक, कोपाडीह रोड, ग्राम – देवादा, जिला राजनांदगांव ( छ. ग. ) के मनोचिकत्सक उपस्थित थे जिसमे मुख्य अतिथि डॉ. निलेश मारुति गुज्जर , कार्यक्रम की अध्यक्षता कार्यक्रम अधिकारी प्रो. जी. एन. खरे , विशेष अतिथि बालमुकुंद , सुश्री दीक्षा वैष्णव एवं मनीष सिन्हा थे। इस सत्र में जाने-माने मनोचिकित्सक डॉ. निलेश मारुति गुज्जर ने बच्चों और युवाओं में मानसिक तनाव के कारणों और उनके समाधान पर चर्चा की। डॉ. निलेश मारुति ने बताया कि आज के समय में युवा पीढ़ी परीक्षा का दबाव, करियर की चिंता और तकनीकी युग में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के चलते मानसिक तनाव का शिकार हो रही है। उन्होंने कहा कि तनाव और समय प्रबंधन की कमी न केवल शारीरिक स्वास्थ्य पर असर डालती है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करती है।

बच्चों को तनाव प्रबंधन के लिए कुछ सरल और प्रभावी उपाय सुझाए

नियमित दिनचर्या: पढ़ाई और खेल-कूद के लिए समय निर्धारित करें।1

योग और ध्यान: रोजाना 10-15 मिनट का ध्यान और योग तनाव को कम करने में सहायक है।

सकारात्मक सोच: जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखें और असफलताओं को सीखने का अवसर मानें।

सामाजिक जुड़ाव: परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताएं।

समय प्रबंधन: प्राथमिकता के आधार पर कार्य करें और समय का सदुपयोग करें।

उन्होंने बच्चों को यह भी समझाया कि अगर कभी वे अकेलापन या हताशा महसूस करें तो अपने माता-पिता, शिक्षक, या किसी भरोसेमंद व्यक्ति से बात करें। उन्होंने यह भी कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए पढ़ाई के साथ-साथ शारीरिक गतिविधियों और मनोरंजन को भी जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। शिविर के इस सत्र ने बच्चों को तनावमुक्त जीवन जीने और समय प्रबंधन के महत्व को समझने में सहायता प्रदान की। स्वयंसेवको , ग्रामवासियों और शिक्षकों ने इस सत्र को अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक बताया।

रात्रि कालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम

रात्रि कालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से ग्राम वासियों को नुक्कड़ नाटक व हास्य प्रसंग के माध्यम से भ्रष्टाचार, साक्षरता मतदाता जागरूकता तथा स्वच्छता के बारे में बताने व छत्तीसगढ़ की संस्कृति को बिखरने का सुंदर प्रयास रहा। कार्यक्रम मे मुख्य सलाहकार देवेंद्र कुमार साहू राज्यस्तरीय पुरुस्कृत स्वयंसेवक , गजेंद्र ढीमर , शिविर नायक लक्ष कुमार साहू, उप शिविर नायिका बिनीता मांडवी , विशेष सलाहकार विश्वजीत बघेल , डिलेश्वर देशमुख परियोजना प्रभारी मनीष अनुशासन प्रभारी चंद्रेश यादव, कंचन साहू इत्यादि स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी रही।

  1. ↩︎

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