समाजसेवी राजेश सिन्हा चला रहे बालोद जिले को प्लास्टिक मुक्त करने की मुहिम, अब तक 22 गांव में कर चुके स्टील के थाली-गिलास का दान



संगठन और विभिन्न समाज के लोगों से भरवा रहे शपथ पत्र: नहीं करेंगे प्लास्टिक के पत्तल और डिस्पोजल का इस्तेमाल

बालोद। गुण्डरदेही ब्लॉक के ग्राम सिर्राभांठा के रहने वाले समाजसेवी राजेश सिन्हा पिछले साल से बालोद जिले को प्लास्टिक मुक्त बनाने की पहल शुरू किए हुए हैं। जिसके तहत उन्हें काफी सफलता मिल चुकी है। अब तक उन्होंने अपने खर्चे से ही 22 गांव के विभिन्न समाज के लोगों और संगठनों को स्टील का थाली और गिलास (200 के सेट) में निशुल्क प्रदान किया है। ताकि इसका प्रयोग सार्वजनिक आयोजनों में हो सके और प्लास्टिक का कचरा ना फैले। पूरी तरीके से प्लास्टिक के कचरे जैसे प्लास्टिक डिस्पोजल, पत्तल आदि को बंद करने के इरादे के साथ उन्होंने प्लास्टिक मुक्त जिला निर्माण की पहल शुरू की है। ताकि लोग जागरुक हो तो वही इस मुहिम के तहत वे जिन्हें भी दान स्वरूप थाली गिलास दे रहे हैं उन संगठनों, समाज प्रमुखों और पंचायत प्रशासन जनप्रतिनिधियों से शपथ पत्र भी भरवा रहे हैं।

इस तरह से लिखित में ले रहे हैं ग्राम वासी शपथ

लिखित में ग्राम वासियों द्वारा यह शपथ लिया जाता है कि हम सब अपने गांव को स्वच्छ और साफ, स्वस्थ भारत स्वच्छ भारत बनाने के मिशन में एवं पर्यावरण सुरक्षा हेतु एक कदम स्वच्छता की ओर ले जाने के लिए डिस्पोजल पतरी प्लास्टिक मुक्त गांव बनाने के लिए शपथ लेते हैं। राजेश सिन्हा द्वारा अपनी खुद की राशि से हमारे गांव को दान स्वरूप 200 थाली और 200 गिलास उपयोग करने के लिए दिए गए हैं। हम इसका उपयोग करेंगे। हम शपथ लेते हैं कि अगर हम लोग गांव में कोई डिस्पोजल पतरी का उपयोग नहीं करेंगे। नियम का उल्लंघन करने पर वह दंड का अधिकारी रहेगा ऐसे लोगों पर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। राजेश सिन्हा द्वारा दिए गए थाली गिलास को सही इस्तेमाल करने पर गांव को सम्मानित किया जाएगा और भविष्य में थाली गिलास की और जरूरत पड़ने पर राजेश कुमार सिन्हा द्वारा प्रदान किया जाएगा। इस तरह से जहां भी वे दान कर रहें हैं, लोगों से शपथ पत्र भरवा रहे हैं ताकि इस मुहिम के प्रति लोग गंभीर हो और प्लास्टिक मुक्त दिशा में सब की सहभागिता नजर आए।

सतमरा में गायत्री परिवार को दिया गया दान में थाली गिलास

इस मुहिम के तहत हाल ही में समाजसेवी राजेश कुमार सिन्हा ग्राम सिर्राभांठा निवासी द्वारा ग्राम सतमरा में गायत्री परिवार को 200 नग थाली और 200 नग स्टील गिलास प्रदान किए हैं। उन्होंने दान के साथ अपील की है कि समाज को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सामाजिक धार्मिक या व्यक्तिगत आयोजनों में भोजन करते या कराते समय सिंगल यूज प्लास्टिक, बदबूदार दोना पत्तल डिस्पोजल प्लास्टिक के चम्मच का उपयोग न करके स्टील के थाली गिलास का ही प्रयोग करें। क्योंकि मिट्टी का संबंध हमारे भोजन और स्वास्थ्य से है। इसलिए बेहतर पर्यावरण और बेहतर भविष्य के लिए मिट्टी को स्वस्थ और समृद्ध बनाएं। अपनी आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित एवं स्वस्थ वायुमंडल देने का संकल्प लें। धरती माता को बंजर बनाने वाली वस्तुओं का बहिष्कार करें और अपने गांव को स्वच्छ और सुंदर बनाएं। साथ ही साथ पूरे बालोद जिला को स्वच्छ सुंदर निर्मल और आदर्श जिला घोषित करने के लिए आप और हम सब मिलकर सहयोग करें । इस कार्यक्रम में अपने प्रतिनिधि भाई खिलावन सिन्हा ,अध्यक्ष ब्लाक कांग्रेस कमेटी गुण्डरदेही पिछड़ा वर्ग अमृतानंद सिन्हा ,खेमराज सिन्हा ,बलराम सिन्हा उपस्थित रहे। सतमरा में इस दान के साथ वे ऐसा मुहिम 22 ग्राम में कर चुके हैं। वही ग्राम वासियों ने उन्हें आश्वस्त किया कि वे अपने गांव को डिस्पोजल पतरी मुक्त गांव बनाएंगे और छोटे से लेकर बड़े कार्यक्रम में स्टील गिलास और थाली का उपयोग करेंगे।

अब तक इन ग्रामों में कर चुके इस तरह की पहल

समाजसेवी राजेश सिन्हा द्वारा अपने गृह ग्राम सिर्राभांठा से शुरुआत करते हुए अब तक 22 गांव में प्लास्टिक मुक्त जिला बनाने की पहल को आगे बढ़ते हुए स्टील के थाली गिलास दान कर चुके हैं। जिनमें प्रमुख रूप से ग्राम चीचा, गोरकापार, खुरसुनी, मुड़िया, ओडारसकरी, नवागॉव, घीना, कलंगपुर, तिलखैरी, भिलाई, पुरूर, परसोदा, माहुद (बी) , मनकी, सलौनी में मुक्त वाटिका, कुडेरा दादर , देवरी, मोहंदीपाट आदि शामिल हैं। सभी जगह 200 नग स्टील थाली एवं 200 नग स्टील गिलास उनके द्वारा भेंट किया गया। सतमरा उनका 22 वा गांव था।

2019 से उन्होंने रखी थी बर्तन बैंक की नींव, उनसे प्रेरित होकर दूसरों ने भी की है शुरुआत

बता दे कि समाज सेवा राजेश सिन्हा ने अपने गृह ग्राम सिर्राभांठा से 2019 से इस तरह से बर्तन बैंक की नींव रखी थी। गांव के छोटे-बड़े आयोजनों में अपनी ओर से वे स्टील के थाली गिलास की सेवा देते रहते थे। उनकी इस पहल को देखकर अन्य लोगों ने भी संगठन बनाकर बर्तन बैंक के नाम से पहल शुरू की है। जिनके प्रेरणा स्रोत राजेश सिन्हा ही है।

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