बालोद/ बस्तर। दक्षिण पश्चिम बंगाल के खाड़ी में बना चक्रवात “फीजल” कमजोर होकर एक अवदाब के रूप में उत्तर तमिलनाडु के ऊपर स्थित है, बंगाल की खाड़ी से वातावरण के निम्न स्तर पर प्रचुर मात्रा में नमी का आगमन लगातार जारी है। मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया कि इसके प्रभाव से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में निम्न स्तर और मध्य स्तर के बादल छाए हुए हैं। प्रदेश में दिनांक 3 दिसंबर को दक्षिण छत्तीसगढ़ में बहुत हल्की से हल्की वर्षा होने की संभावना है। प्रदेश में 3 दिसंबर को भी आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है, जिसके कारण न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट होने की संभावना है और अधिकतम तापमान में वृद्धि होने की संभावना है। उत्तर छत्तीसगढ में 3 दिसम्बर से बादलों की छंटाई प्रारंभ होने की सम्भावना है और 4 दिसम्बर को मुख्यतः आकाश साफ होने की संभावना है । इसी के साथ न्युनतम तापमान में गिरावट और अधिकतम तापमान में वृद्धि प्रारंभ होने की सम्भावना है । बस्तर संभाग में 4 दिसम्बर तक वर्षा होने की सम्भावना है ।
दिन प्रतिदिन बदल रहा है मौसम का मिजाज, देखिए आगे क्या है विभाग का अनुमान
