दुकान से घुमाकर लाने का बहाना कर 4 वर्षीय अबोध बालिका के साथ दुष्कर्म करने पर आरोपी को मिला 20 वर्ष का कारावास



बालोद । कृष्ण कुमार सूर्यवंशी, विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) वालोद (छ.ग.) के द्वारा आरोपी आमेश निर्मलकर उम्र 23 वर्ष, निवासी-बालोदगहन, थाना-पुरूर, जिला-बालोद ( को भारतीय दण्ड संहिता की धारा 342 के आरोप में एक वर्ष का सश्रम कारावास व 1000/- रू० अर्थदण्ड तथा लैंगिक अपराध की धारा 4 (2) के आरोप में बीस वर्ष का सश्रम कारावास व 1000/- रू० अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। व्यतिक्रम पर छः-छः माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास से दण्डित किया गया।
प्रकरण का संक्षिप्त विवरण सी.एल. साहू, विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) के अनुसार- दिनांक 27-03-2023 को प्रार्थी/पीड़िता के पिता थाना पुरूर में उपस्थित होकर लिखित रिपोर्ट दर्ज कराया था कि दिनांक 26-03-2023 को लगभग 08:30 बजे आमेश निर्मलकर उसके घर में आया और उसकी नाबालिग पुत्री/पीड़िता को दुकान से घुमा के लाता हूँ बोलने पर प्रार्थी व उसकी पत्नी के द्वारा मना करने के बाद भी ले गया। आरोपी आमेश निर्मलकर द्वारा एक घण्टे बीत जाने के बाद भी उसकी पुत्री को वापस नहीं लाने पर वह अपनी पुत्री को खोजते हुए रात्रि लगभग 9:30 बजे कांजी हाऊस के पास से गुजर रहा था तभी अंदर से बच्चे की रोने की आवाज आयी। कांजी हाऊस के अंदर जाकर देखा तो अंधेरे में आमेश मोबाईल चालू कर उसकी पुत्री को गोद में बिठाया था और उसकी पुत्री के कपड़े को निकाल दिया था, प्रार्थी के द्वारा पूछने पर कि क्या कर रहा है तब आमेश कुछ नहीं बोलकर, उसकी पुत्री को देकर भाग गया। पीड़िता रो रही थी, जिसे वापस घर लाकर रात हो जाने से दूसरे दिन रिपोर्ट लिखाने थाना गये। प्रार्थी / पीड़िता के पिता के उपरोक्त लिखित रिपोर्ट के आधार पर थाना-पुरूर में आरोपी के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण विवेचना में लिया गया। तत्पश्चात् संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियुक्त के खिलाफ अपराध पाये जाने पर आरोपी आमेश निर्मलकर के विरूद्ध अभियोग पत्र विचारण न्यायालय में दिनांक 15-05-2023 को प्रस्तुत किया गया। प्रकरण की विवेचना म.प्र.आ. नर्मदा कोठारी,. सहायक उप निरीक्षक-रूपेश्वर भगत , उपनिरीक्षक अरूण कुमार साहू के द्वारा किया गया। न्यायालय द्वारा प्रकरण में आये साक्ष्य के आधार पर आरोपी को उक्त दण्ड से दण्डित किया गया।

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