बालोद। डौंडी लोहारा सार्वजनिक दुर्गा उत्सव समिति द्वारा 52वें वर्ष में प्रवेश करते हुए मां दुर्गा की स्थापना हर्षोउल्लास के साथ किया गया था। विसर्जन पर बाना-सांगा के झांकी के साथ आयोजन संपन्न हुआ। इसे देखने के लिए लोहारा सहित आसपास की गांव से सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। अंतिम दिवस मां की विसर्जन झांकी खोरपा अभनपुर मिथिलेश बाबा के बाना-सांगा कार्यक्रम के साथ आयोजित हुआ।

इसे देखने के लिए पूरा लोहारा और आसपास के लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। लोहारा के इतिहास में इस प्रकार के कार्यक्रम का आयोजन शायद पहली बार हुआ है। जिसका पूरा श्रेय सार्वजनिक दुर्गा उत्सव समिति को जाता है। इसी तरह माता के आगमन के दिन से अंडी मोड से विशेष झांकी जिसमें पवन पुत्र हनुमान और इंद्रदेव दोनों के बीच युद्ध के समय पंचमुखी हनुमान का अवतरण किस प्रकार हुआ का दृश्य दिखाया गया था।

इसके संबंध में एक किवदंती है कि भगवान श्री रामचंद्र जी का हरण करने के बाद अहिरावण उसे पाताल लोक में ले जाकर पांच दीपक जला रखे थे तथा अहिरावण को वरदान मिला था कि अगर पांच दीपक एक साथ जो फूंक कर बुझाएगा वही उनको मार सकता है इसलिए पवन पुत्र हनुमान ने पंचमुखी रूप धारण किया और एक साथ पांचों दीपक को फूंक कर अहिरावण का वध किया था । माताजी को काली मंदिर होते हुए बाजार चौक के पश्चात पुराना बिजली ऑफिस के समक्ष ले जाकर स्थापित किया गया था।

माताजी के दर्शन करने के लिए डौंडी लोहारा और आसपास के लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी थी जिसे देखकर लोग बार-बार कहने लगे कि लोहार के इतिहास में इस प्रकार के कार्यक्रम का आयोजन पहली बार हुआ है। जिसका पूरा श्रेय सार्वजनिक दुर्गा उत्सव समिति डौंडी लोहारा एवं समस्त नगर वासी को जाता है ,यह डौंडीलोहारा का एक बेहतरीन कार्यक्रम था इसे लोगों ने सराहा इसे सफलता दिलाने में सार्वजनिक दुर्गा उत्सव समिति के सदस्यों ने दिन रात एक कर दिया था इसमें कोई कसर नहीं छोड़ा था।


