क्षेत्र में पहला न्योता भोज का आयोजन और गांव स्तर पर सावन मिलन के कार्यक्रम से आई चर्चा में, महिलाओं को महसूस कराती है जीवन की आजादी
मरदेल की शिक्षिका मोना रावत कर रही शिक्षा में नवाचार, बच्चों के साथ माताओं को भी स्कूल से जोड़ने करती है पहल
क्षेत्र में पहला न्योता भोज का आयोजन और गांव स्तर पर सावन मिलन के कार्यक्रम से आई चर्चा में, महिलाओं को महसूस कराती है जीवन की आजादी
बालोद। मोना रावत, शिक्षिका शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मरदेल में पदस्थ है | पूर्व में प्राथमिक शाला बनगांव में अपनी सेवा दे रही थी | अभी वर्तमान में फरवरी 2024 पदोन्नति में माध्यमिक शाला मरदेल जो की वनांचल से घिरा हुआ है | मोना कहती है मेरे सामने बच्चों को बेहतर शिक्षा देना और लोगों को शिक्षा से जोड़ना बहुत बड़ा चुनौती लगा और मैंने यह चुनौती स्वीकार किया और ठान लिया कि बच्चों को शिक्षा देने के साथ – ही -साथ यहां के पालकों को भी शाला के प्रति लगाव व शिक्षा के प्रति जागरूक कर सकूं | ब्लॉक ही नहीं जिला में भी मैंने अपनी शाला में अपनी पुत्री की जन्म दिवस पर प्रथम कार्य न्योता भोज का शुभारंभ किया | मैंने देखा कि मरदेल की महिलाओं के अंदर भी बहुत सी प्रतिभाएं छुपी हुई है और उनमें कुछ करने के लिए लगन है,और आज महिलाएं शाला से जुड़कर अपनी योगदान दे रही हैं | वृक्षारोपण में भी महिलाएं शाला एवं गांव के तालाब व अन्य जगहों पर अपना योगदान दिया | मैंने महिलाओं को आगे आने के लिए सावन मिलन का कार्यक्रम रखा |जिसमे मरदेल के साथ – साथ तुमड़ीसुर, मगरदाह, जबकसा की महिलाओं ने भी बढ़ -चढ़कर हिस्सा लिया | यह मेरे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है, कि मैंने कम से कम महिलाओं को खुलकर जीने के लिए एक नई राह दिखाया | आगे भी निरंतर बच्चों के अध्यापन कार्य के साथ-साथ महिलाओं को आगे आने के लिए अपना योगदान देते रहूँगी |। मोना रावत, शिक्षिका शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मरदेल में पदस्थ है | पूर्व में प्राथमिक शाला बनगांव में अपनी सेवा दे रही थी | अभी वर्तमान में फरवरी 2024 पदोन्नति में माध्यमिक शाला मरदेल जो की वनांचल से घिरा हुआ है | मोना कहती है मेरे सामने बच्चों को बेहतर शिक्षा देना और लोगों को शिक्षा से जोड़ना बहुत बड़ा चुनौती लगा और मैंने यह चुनौती स्वीकार किया और ठान लिया कि बच्चों को शिक्षा देने के साथ – ही -साथ यहां के पालकों को भी शाला के प्रति लगाव व शिक्षा के प्रति जागरूक कर सकूं | ब्लॉक ही नहीं जिला में भी मैंने अपनी शाला में अपनी पुत्री की जन्म दिवस पर प्रथम कार्य न्योता भोज का शुभारंभ किया | मैंने देखा कि मरदेल की महिलाओं के अंदर भी बहुत सी प्रतिभाएं छुपी हुई है और उनमें कुछ करने के लिए लगन है,और आज महिलाएं शाला से जुड़कर अपनी योगदान दे रही हैं | वृक्षारोपण में भी महिलाएं शाला एवं गांव के तालाब व अन्य जगहों पर अपना योगदान दिया | मैंने महिलाओं को आगे आने के लिए सावन मिलन का कार्यक्रम रखा |जिसमे मरदेल के साथ – साथ तुमड़ीसुर, मगरदाह, जबकसा की महिलाओं ने भी बढ़ -चढ़कर हिस्सा लिया | यह मेरे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है, कि मैंने कम से कम महिलाओं को खुलकर जीने के लिए एक नई राह दिखाया | आगे भी निरंतर बच्चों के अध्यापन कार्य के साथ-साथ महिलाओं को आगे आने के लिए अपना योगदान देते रहूँगी |
