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शिक्षक दिवस पर राज्यपाल से सम्मानित होंगे डॉ भरत लाल साहसी, वनांचल ग्राम किल्लेकोड़ा के स्कूल में है पदस्थ

बालोद । डौंडीलोहारा ब्लॉक के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल किल्लेकोड़ा में पदस्थ व्याख्याता डॉ बी एल साहसी को इस बार शिक्षक दिवस पर राज्य शिक्षक सम्मान दिया जा रहा है। शिक्षक दिवस पर राज्यपाल द्वारा उन्हें सम्मानित किया जाएगा। इस उपलब्धि से शिक्षा जगत में हर्ष का माहौल है तो वहीं उक्त सम्मान प्राप्त होने की खुशी में उनके मित्रगण और साहसी परिवार के द्वारा भी 8 सितंबर रविवार को शासकीय प्राथमिक शाला एवं कन्या माध्यमिक शाला डौंडी लोहारा परिसर में उनका सम्मान समारोह रखा गया है।

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय किल्लेकोड़ा में नवाचारी गतिविधियों को बढ़ावा देने और विभिन्न गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालन करने के परिणाम स्वरूप उन्हें राज्य शिक्षक सम्मान राज भवन रायपुर में दिया जाएगा। तो वहीं 8 सितंबर को स्थानीय लोहारा में होने वाले कार्यक्रम के तहत सुबह 10 बजे सम्मान यात्रा काली मंदिर से स्कूल परिसर तक निकाली जाएगी। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। डॉक्टर भरत लाल साहसी के उपलब्धि की बात करें तो 2014 से लेकर आज तक शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल किल्लेकोड़ा को प्रकाश में लाने में उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी। कहते हैं कि दुनिया में कोई भी चीज असंभव नहीं है। लगातार कोशिश करते रहने से सफलता एक ना दिन कदम चूमती है। ऐसे ही कहानी बालोद जिले के वनांचल क्षेत्र में विकास खंड लोहारा के अंतिम छोर पर बसे उक्त गांव शिक्षक डॉ बी एल साहसी की है। जिन्होंने अपने अथक प्रयास से विद्यालय में अनेक प्रकार की गतिविधियां संपादित करवाते रहे हैं। जिनकी चर्चा पूरे गांव में आए दिन होती है। उनके मेहनत और प्रयासों के फलस्वरुप 2014 से लेकर अब तक दसवीं का परीक्षा परिणाम 90% से अधिक ही रहा है। उनके मार्गदर्शन में शाला प्रबंधन समिति के प्रयास से हाई स्कूल परीक्षा केंद्र तथा हायर सेकेंडरी उन्नयन हुआ। डॉक्टर साहसी एक अच्छे प्रवक्ता व संचालक भी है। जिनके मार्गदर्शन में शासन के आदेश अनुसार विभिन्न प्रकार की शालेय गतिविधियों और कार्यक्रम संचालित होते रहे हैं। उन्होंने जल संरक्षण, बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ, नशा मुक्ति अभियान तथा कोरोना काल में अपनी जान जोखिम में डालकर ऑफलाइन तथा ऑनलाइन कक्षा का संचालन किया। जो की शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल किल्लेकोड़ा के लिए एक बड़ी उपलब्धि रही है। उन्होंने कोरोना काल के दौरान चार महत्वपूर्ण पुस्तकों की रचना भी की है। जिनका भविष्य में विमोचन होना है उनकी प्रमुख रचनाएं जिनमें जल संरक्षण, राजनांदगांव रियासत के सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक और आर्थिक इतिहास 1900 से 1947 तक, बस्तर की क्रांतिकारी वीरांगनाओं का इतिहास शामिल है। डॉक्टर साहसी व्याख्याता को उनके भागीरथ प्रयास के फलस्वरुप 2023 की शिक्षा रत्न छत्तीसगढ़ पुरस्कार से नवाजा गया। तत्पश्चात अब 5 सितंबर 2024 को उनके साहित्य व संस्कृति में लेखन में विशेष योगदान के लिए छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।

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