DAILY BALOD NEWS

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एक गांव ऐसा भी: डौंडीलोहारा ब्लॉक के अंतिम छोर पर बसा है हुच्चेटोला, जहां हर घर से बनी एक महिला कमांडो, गांव को नशा मुक्त करने सहित शांति सुरक्षा को लेकर संकल्पित हुईमहिलाएं

आत्मनिर्भर और रोजगार के क्षेत्र में भी करेंगे काम

बालोद। बालोद जिले के डौंडीलोहारा ब्लॉक के सबसे अंतिम छोर पर बसा एक गांव है हुच्चेटोला जो अब महिला कमांडो के विशेष गठन के नाम से जाना जाएगा। असल में इस गांव के प्रत्येक घर से एक-एक महिला को महिला कमांडो टीम में शामिल किया गया है। इसका गठन बुधवार को हुआ। जहां स्वयं महिला कमांडो की छत्तीसगढ़ प्रमुख पद्मश्री शमशाद बेगम पहुंची और उन्होंने महिलाओं को एकजुट किया। इस गांव के 40 घरों से एक-एक महिला को महिला कमांडो की टीम में शामिल किया गया है। उन्हें महिला कमांडो के कार्यों के बारे में संक्षिप्त प्रशिक्षण भी दिया गया।

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने, स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ाने और गांव की शांति और सुरक्षा को लेकर संकल्पित करते हुए उनमें नेतृत्व की भावना जगाने सहित शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित करते हुए यह पहल की जा रही है। कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के प्रेरणा और मार्गदर्शन से महिला कमांडो का गठन लोहारा के इस अंतिम छोर के गांव में किया गया। जहां विगत दिनों स्वयं कलेक्टर भी गांव का जायजा लेने के लिए पहुंचे हुए थे। गांव की महिलाओं ने अब महिला कमांडो का हिस्सा बनकर गांव की शांति और सुरक्षा और नशामुक्ति को लेकर कार्य करने के साथ ही शासन की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने की बात कही। सहयोगी जन कल्याण समिति के सचिव रफीक खान ने भी महिला कमांडो की रीति नीति के बारे में अवगत कराया। वहीं महिलाओं को टार्च सीटी आदि भी वितरित किया गया।

जिस प्रकार महिला कमांडो की टीम ने कहा कि अब हम नियमित गश्त करेंगे और गांव की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करेंगे। वनांचल में बसा यह गांव अपने प्राकृतिक खूबसूरती को लेकर भी जाना जाता है। तो वहीं अब महिला कमांडो की एक जुटता और प्रत्येक घर से एक एक कमांडो इस टीम का हिस्सा होने से इस गांव की विशेष पहचान बन रही है। सभी महिलाएं मिलकर एकजुट होकर गांव को नए विकास की राह पर ले जाने को तत्पर दिख रही है। पद्मश्री शमशाद बेगम ने सभी महिला कमांडो को नव गठन की बधाई देते हुए कहा कि सब मिलजुल कर कार्य करना है। एक दूसरे को साथ लेकर चलना है। स्वरोजगार की दिशा में भी काम करना है।

शासन की योजनाओं के तहत कई रोजगार के अवसर होते हैं जिनका लाभ महिला कमांडो ले सकती हैं। वर्तमान में सभी महिला कमांडो गांव में खेती किसानी रोजी मजदूरी पर निर्भर है। ऐसे में उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ मिलता है तो वह अपनी आर्थिक स्तर सुधारने के साथ अपना जीवन स्तर को भी संवार सकती हैं। समय-समय पर इस गांव की महिला कमांडो को आगे भी प्रशिक्षण दिया जाएगा इस दौरान प्रमुख रूप से महिला कमांडो चंपाबाई, सुल्ताना बाई, अनुसुइया, तरुण लता, जागेश्वरी, कनकबाई, राजकुमारी, चंद्रिका बाई, पंचबती, सुनीता बाई, परमिला किरण सहित अन्य महिलाएं मौजूद रही।

एक ही गांव से इतनी बड़ी संख्या में कमांडो गठित होने का यह पहला मामला

शमशाद बेगम ने यह भी बताया कि जिले में एक ही गांव में इस तरह बड़ी संख्या में प्रत्येक घर से महिला कमांडो से जुड़ने का यह पहला मामला है। जो बताती है कि महिलाएं अब हर तरह से जागरूक हो रही है और हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि बालोद जिला ही नहीं छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में भी महिला कमांडो कार्य कर रही है और शासन की योजनाओं सहित जागरूकता अभियान में भी अपनी सहभागिता दिखा रही है। हुच्चटोला एक वनांचल गांव है जहां पर महिला कमांडो गठन करके हमने महिलाओं में एक जागरूकता और आत्मनिर्भरता की भावना लाने का प्रयास किया है ताकि यह क्षेत्र पिछड़ा ना रहे और अन्य मैदानी क्षेत्र के गांव की तरह कदम से कदम मिलाकर चल सके। इस काम में महिलाओं की अहम भागीदारी होगी जो महिला कमांडो संगठन से जुड़कर अब अपना नया भविष्य बनाएंगे।

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