उतई। खोपली आंगनबाड़ी केंद्रों पर शिशुओं के अन्नप्राशन कराया गया। साथ ही शिशु के स्वजनों को शिशुओं के लिए स्तनपान के साथ अनुपूरक आहार उपयोग करने की जानकारी दी गई। जिले में बाल कुपोषण को दूर करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। सरपंच मंजू फत्तेलाल वर्मा ने कहा कि बाल कुपोषण को कम करने में अनुपूरक आहार की अहम भूमिका होती है। छह माह तक शिशु का वजन लगभग दो गुना बढ़ जाता एवं एक वर्ष पूरा होने तक वजन लगभग तीन गुना एवं लंबाई जन्म से लगभग डेढ़ गुना बढ़ जाती है।

जीवन के दो वर्षों में तंत्रिका प्रणाली एवं मस्तिष्क विकास के साथ सभी अंगों में संरचनात्मक एवं कार्यात्मक दृष्टिकोण से बहुत तेजी दृष्टि से विकास होता है। इसके लिए अतिरिक्त पोषक आहार की जरूरत होती है।इस अवसर पर सरपंच मंजू फत्तेलाल वर्मा,सचिव पुराणिक साहू,कृषि विस्तार अधिकारी दीपा साहू,सांसद प्रतिनिधि राजूलाल साहू,रोजगार सहायक ओमप्रकाश सपहा, कोटवार अरुण कुमार खुटेल,जयंत कुमार,साहू,पंकज भारती,टूमन चंद्राकर,अंगबाड़ी कार्यकर्ता सुनीति साहू,दीपक चंद्राकर,धरम चंदेल,फुलेश्वरी पाटिल,अंगबाड़ी सहायिका गंगा साहू,अमरीका वर्मा,गंगा भारती, शाम बाई कोसरे,द्रोपती हंकारा, प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
