देवनारायण साहू/ ईश्वर लाल गजेंद्र और समस्त टीम डेली बालोद न्यूज………
बालोद जिले का दीपक यादव,34 साल का युवा पत्रकार, अब ये नाम शायद, आपके जुबान पर आता ही होगा। जिसके बारे में आपने कुछ न कुछ सुना देखा, पढ़ा ही होगा। वे डेली बालोद न्यूज मीडिया के संस्थापक/ संपादक और ग्राम जगन्नाथपुर बालोद जिला के निवासी हैं। श्रमजीवी पत्रकारिता के क्षेत्र में 2007 से काम कर रहें हैं। दैनिक भास्कर और नईदुनिया जैसे बड़े प्रिंट मीडिया संस्थान में काम करने, सीखने का उन्हें लंबा अनुभव है। जहां वे कार्यालय सहायक से लेकर सिटी रिपोर्टर और सबएडिटर भी रह चुके हैं। कोरोना काल के बाद मीडिया जगत में आई आर्थिक मंदी के कारण उन्हें अपने दैनिक भास्कर प्रेस की नौकरी (स्वयं से इस्तीफा देकर) छोड़नी पड़ी थी। लेकिन अपने अब तक के अनुभव और हुनर के बदौलत उन्होंने फिर डिजिटल मीडिया की दुनिया में एक करीबी दोस्त के साथ मिलकर “दैनिक बालोद न्यूज” में पत्रकारिता की नई शुरुआत की और उसे कुछ सालों में नई पहचान दिलाई। लेकिन कुछ व्यक्तिगत परेशानी और कारणवश उन्होंने अपने फैसले बदले और नया डिजिटल प्लेटफार्म “डेली बालोद न्यूज” शुरू किए । साथ ही यूट्यूब पर डेली बालोद न्यूज से चैनल भी। कोरोना के दौर में न्यूज रिपोर्टिंग करते स्वयं कोरोना के शिकार भी हुए और 15 दिन तक महावीर आईटीआई क्वारेनटाइन सेंटर में भर्ती रहें। फिर स्वस्थ होकर नए जोश के साथ काम पर लौटे।
आज आप सब पाठकों, दर्शकों और जनता के साथ, प्यार और विश्वास से निरंतर डेली बालोद न्यूज डिजिटल मीडिया प्रगति पथ पर है। इस बीच उन्होंने अपनी टीम खड़ी की और हम सब उनका हिस्सा बने, बिल्कुल एक परिवार की तरह। जिंदगी के खट्टे मीठे अनुभव, ठोकर और तकलीफों से गुजरने का सिलसिला भी चलता रहा। इस बीच किसी ने कल्पना भी नहीं की थी उन्हे अचानक 22 अप्रैल 2024 से गले की समस्या से जूझना पड़ेगा और उनकी सांसे थमने के साथ खाना पीना पूरी तरह से बंद हो जाएगा। उन्हे आनन फानन में दुर्ग के एक गला रोग विशेषज्ञ के अस्पताल में एडमिट किया गया। जहां अब तक दो ऑपरेशन हुए, एक मवाद निकालने और दूसरा टॉन्सिल का। टॉन्सिल के ऑपरेशन में काफी जटिलता होने के कारण उनका बोलना, खाना, पीना काफी प्रभावित हुआ। अब तक पूरे इलाज के दौरान उन्हें जिंदगी और मौत से संघर्ष करते 45 दिन बीत चुके हैं। इस बीच इलाज दौरान सिटी स्कैन और एमआरआई में इस बात का भी पता चला कि उन्हें सरवाइकल स्पाइन यानी रीढ़ की हड्डियों में नस दबने और गर्दन की नसों और आंतरिक हड्डियों को काफी क्षति पहुंची है। जिससे उन्हें दो ऑपरेशन के बाद से असहनीय दर्द है। जिसके कारण वे दिन हो या रात चैन से सो नहीं पाते। थोड़ा सा गर्दन झुकने या सोने पर उन्हें गर्दन के पीछे बाएं हिस्से में कंधे, पीठ और हाथ के साथ कमर तक एक साइड से दर्द जकड़ा रहता है। जिसका इलाज होना हैं। दवाइयों, फिजियोथेरेपी आदि से ठीक नहीं होने पर ऑपरेशन की नौबत आने की बात न्यूरोसर्जन पहले से कह चुके हैं। परिवार में इकलौते कमाऊ पुरुष सदस्य हैं। घर पर उनकी पत्नी, मां और दो बच्चे रहते हैं। जिनकी जवाबदारी भी उन पर है। लगातार लंबे समय से अस्पताल और घर पर भी वर्तमान में चल रहे इलाज के कारण अब तक सब मिलाकर करीब तीन लाख खर्च आ चुका है। आगे और जरूरत बनी हुई है। इस बीच लोगों ने उनकी समस्या को समझते हुए मानवीयता के साथ आर्थिक सहयोग भी किया है। सबके दुआओं और प्रार्थना से उनका हौसला बना हुआ है। लंबे समय से आहार नली पूरी तरह नही खुलने के कारण वे आज भी पूरी तरह से भोजन ग्रहण करने की स्थिति में नहीं है। ज्यादा देर तक या जोर देकर बात करने में भी उन्हें अभी दिक्कत है। सिर्फ लिक्विड यानी तरल आहार जैसे दाल पानी, साबुदाना, दूध आदि ले पाते हैं। घर पर उन्हें ड्रिप, दवाई, इंजेक्शन रोजाना दिया जाता है ताकि खाना कवर हो सके। अब उनका जीवन आगे कौन सा मोड़ लेने वाला है इसका अनुमान नहीं है। पर ईश्वर पर उनका विश्वास है जो होगा सब अच्छा होगा। उन्होंने इतनी मुसीबत के बाद भी मानसिक रूप से हार नहीं मानी है। अपनी जिजीविषा और जीने की जीवटता के भाव मजबूत कर रखें है। हम सब उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं।,,, उन्होंने आज 4 जून पर इस विशेष लेख के माध्यम से अपनी कुछ बातें भी रखी हैं जिन्हे आप आगे पढ़ें।
समस्त सहयोगियों, शुभचिंतकों, मित्रों, बड़े भाइयों और दीदियों सहित आदरणीयजनों को सादर सूचनार्थ
जैसा कि आपको ज्ञात होगा कि मेरा (दीपक यादव ) गले के दो ऑपरेशन के बाद आहार नली अब पूरी तरह ठीक होने के अंतिम चरण की ओर है(5%शेष है)। जिसमें करीब एक हफ्ते और लगेंगे। हर हफ्ते मंगलवार को मुझे अस्पताल शिफ्ट किया जाता है। आगे मेरे सरवाइकल स्पाइन यानी रीढ़ की हड्डी में नस दबने से संबंधित परेशानी का भी इलाज/ आपरेशन होना है। जिसकी तैयारी शुरू हो चुकी है। इसी क्रम में जांच आदि की प्रक्रिया के लिए कुछ विशेष सहयोगियों द्वारा मेरे लिए एम्स रायपुर में आज मंगलवार 4 जून को ही एप्वाइंटमेंट दिलाने की व्यवस्था की गई है। जिसके तहत वहां जा रहा हूं। दुआ/प्रार्थना करिए सब अच्छा हो। और इस नई मुसीबत से आगे जल्दी लड़कर बाहर आप सबके बीच आ सकूं। जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करते अब तक करीब 45 दिन हो चुके हैं। आगे और कितने दिन हफ्ते लगेंगे कोई निश्चित नहीं है। आप सबका साथ और खुद पर और ईश्वर पर विश्वास ने मेरा हौसला बरकरार रखा है। इसी के साथ पूरा यकीन है कि सब जल्दी अच्छा ही होगा। फिर से जीवन में खुशियां लौटेगी। आज 4 जून का दिन पूरे देश के लिए खास है। आज लोकतंत्र का बड़ा दिन है। देश के भविष्य का परिणाम मिलने वाला है तो दूसरी ओर मेरे लिए भी ये बड़ा दिन है। इस बार मैं मतदान भी नहीं कर पाया था। चुनाव के पहले से ही मैं पहले ऑपरेशन (गले में मवाद जमा वाले केस) के तहत एडमिट था। अब चुनाव परिणाम के दिन ही मेरा आगे के इलाज का अवसर मिला है और आगे क्या होना है इसका भी फैसला होगा। एक खास बात और है, हर मुश्किल की घड़ी में हमेशा मेरा साथ देने वाली मेरी पत्नी माधुरी यादव और मेरी आज शादी की नौवीं सालगिरह भी है। आप सबके आशीर्वाद, प्यार और दुलार से रिश्ता मजबूत बना है और आगे भी बना रहेगा।

आज पत्नी के साथ ही सुबह 6 बजे से रायपुर अस्पताल हेतु रवाना हो रहा हूं। आगे इलाज में अभी क्या कितना खर्चा, किस तरह की परेशानी आएगी, इस बारे में कुछ कह नहीं सकते। आप में से कई लोगों ने सहयोग किए हैं। जो नहीं कर पाए हैं हमने उन्हें उनके विवेक और परिस्थियों पर निर्णय छोड़ दिया है वे स्वतन्त्र हैं। सबके जीवन में कोई ना कोई दिक्कत है। मेरा यही कहना है आप पहले स्वयं और अपने परिवार का ख्याल रखें। उसके बाद ही कुछ करने की स्थिति में है तो ही मदद करें। अपनो को पहले प्राथमिकता दें। क्योंकि बुरे वक्त में वही पहले आपके काम आएंगे। दूसरों की मदद करने का भाव फिर अपने आप ही जाता है और ऊपर वाले तो सब देख रहें हैं। आपका नाम आपके काम से ही होना है। इसलिए सकारात्मक सोच बनाए रखें। एक दूसरे का साथी बने। एक अच्छे इंसान बने। अब तक आपने मेरे लिए जो भी कुछ किया है इसके लिए धन्यवाद शब्द भी कम है। आपके लिए मेरे दिल में सम्मान हमेशा जीवन भर बरकरार रहेगा। कभी मेरे से जो भी सहयोग बनेगा वह जरूर करने की कोशिश करूंगा। अपनी समस्या अपना समझकर जरूर साझा करते रहिएगा। इसी आशा और विश्वास के साथ आगे के जीवन संघर्ष में कदम बढ़ाने जा रहा हूं।
🙏🏻धन्यवाद आपका अपना दीपक यादव, पत्रकार डेली बालोद न्यूज

🙏🏻(फोन पे / गुगल पे नंबर 9755235270 ही है, सहयोग हेतु इसका इस्तेमाल कर सकते हैं आपकी स्वतंत्रता और इच्छा में भी मेरी भी खुशी है, कोई दबाव नहीं है इसका विशेष ध्यान रखें। पुनः धन्यवाद🙏🏻 कुछ लोगो ने बताया कि वे डिजिटल पेमेंट ऐप नहीं चलाते हैं इसके लिए ऐसे लोगों ने खाता नंबर मांगे है जिन्हे खाते से मदद करने की इच्छा है वे उनकी पत्नी माधुरी यादव के स्टेट बैंक बालोद के इस खाता क्रमांक 35487269865 के जरिए मदद कर सकते हैं)

🌹आज हमारी शादी की नौवीं सालगिरह पर परममित्र दल्लीराजहरा के डिजाइनर आशीष लालवानी (jsk) द्वारा प्राप्त खूबसूरत तोहफा।

हमें इस बुरे दौर में एक विशेष खुशी देने का प्रयास उन्होंने किया हैं। भगवान उन्हें हमेशा खुश रखें और आप सभी को भी जीवन में जो खुशियां चाहते हैं वह मिलें।
