भरदाकला निवासी श्री रामचरित मानस के पुरोधा एमआर यादव नहीं रहे, 78वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस,45 साल तक जगाते रहे राम नाम का अलख



बालोद। अर्जुंदा से राजनांदगांव पर स्थित ग्राम भरदा कला निवासी श्री रामचरित मानस के पुरोधा एमआर यादव अब इस दुनिया में नहीं रहे, 78वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। वे रामायण पाठ के लिए पूरे छत्तीसगढ़ में परिचित रहे है। 45वर्ष पूर्व रामायण समिति के माध्यम से श्री रामचरित मानस की ब्याख्या की शुरुआत करने वाले यादव जी इन 45 वर्षों में पूरे छत्तीसगढ़ के ऐसा क़ोई अंचल नहीं छूटा है जहाँ रामायण कार्यक्रम में नहीं गये हो। श्री यादव जी को उनकी प्रतिभा के लिए कई मंचो पर सम्मानित भी किया गया है। वर्तमान में सत्यम शिवम सुंदरम रामायण मंडली से जुड़ कर रामायण पाठ कर रहे थे। यादव जी प्रारम्भ से ही कला के क्षेत्र में अग्रणी रहे है ग्राम नवयुवक मंडल से कला क्षेत्र की शुरुआत करने वाले यादव जी लीला मंडली, तबला वादन में भी पारंगत थे। साथ ही कई वर्षों से छत्तीसगढ़ी कविता सम्मेलन में भी भाग लेते थे। रामायण ब्याख्या में पूरे छत्तीसगढ़ में उनका नाम काफ़ी मशहूर रहा है। कांग्रेस नेता क्रांति भूषण ने कहा उनके निधन पर भरदा कला ग्राम सहित पूरे अंचल में शोक की लहर है । श्री रामचरित मानस में आने वाले समय में उनकी कमी की भरपाई कर पाना मुश्किल है।

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