बालोद। बालोद ब्लाक के ग्राम खैरवाही में श्रीमद् देवी भागवत कथा ज्ञान यज्ञ महोत्सव का आयोजन 15 से 23 अप्रैल तक किया गया।


जिसमें प्रवचनकर्ता वृंदावन से कृपा प्राप्त पंडित रुपेश कृष्णा मिश्रा है। जो कि श्री श्री 1008 रवीश पांडे की कृपा पात्र शिष्य हैं। इस भागवत कथा के मुख्य

आयोजक छबेश्वर निषाद और उनके परिवार सहित गायत्री ठाकुर विशेष सहयोगी रहे। साथ ही समस्त ग्राम वासियों के तत्वाधान में यह आयोजन किया गया। आयोजक छबेश्वर निषाद ने बताया कि उनके माता-पिता की यह काफी अभिलाषा रही है कि वह भागवत कथा को निश्चिंत होकर आराम से सुने। उनका मूल गांव

हीरापुर है। जब वह वहां रहा करते थे तो उनके माता-पिता कहीं भी भागवत होते थे तो सुनने के लिए जाते थे।


लेकिन उनकी भागवत की प्यास पूरी नहीं हो पाती थी। इसीलिए उन्होंने सोचा कि क्यों ना अपने ग्राम खैरवाही में ही भागवत कथा कराया जाए। सभी का सहयोग इस आयोजन में मिला। वही उनके पिता फगवा राम निषाद और माता लीलाबाई निषाद ने कहा कि हमारे पुत्र ने भागीरथी जैसा काम किया है। जिस तरह गंगा को धरती पर लाने में भागीरथी का योगदान माना जाता है। उसी तरह भागवत रूपी गंगा को हम तक पहुंचाने में हमारे बेटे ने काम किया। हम इस आयोजन से काफी प्रसन्न है और भागवत ज्ञान का आनंद ले रहे हैं । अंतिम दिन हनुमान जयंती पर भगवत स्थल पर पंचमुखी हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना और यज्ञ का आयोजन हुआ। प्रवचन कर्ता पंडित रुपेश कृष्ण मिश्रा ने गीता सार जीवन में सुधार करने की बात कही। भागवत भजन से मन को शांत रखा जा सकता। इस पूरे आयोजन के दौरान जो भी आपने अच्छी बातें सीखी है उसे अपने जीवन में अपनाने की अपील उन्होंने की। हनुमान जयंती के साथ समापन पर भंडारे में भोजन प्रसादी ग्रहण करने बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। सभी ने भगवत गीता से प्रेरणा लेने की बात कही।
