मुनमुन सिन्हा मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण पुरस्कार शिक्षादूत 2023 से सम्मानित हुई



बालोद। शासकीय प्राथमिक शाला गैंजी विकासखंड डौंडीलोहारा जिला बालोद की शिक्षिका मुनमुन सिन्हा मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण “शिक्षादुत” से सम्मानित हुई।यह सम्मान स्कूल शिक्षा विभाग छत्तीसगढ द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को प्रदान किया जाता है। श्रीमति सिन्हा ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता पिता, अपने उन गुरुजनों जिनसे उन्होने शिक्षा प्राप्त की, तथा अपने परिवारजनों को दिया जिनसे उन्हें हमेशा सहयोग मिलता रहा। शिक्षिका ने श्री गुरुनानक हायर सेकेण्डरी स्कूल दल्लीराजहरा से बारहवी तक की पढ़ाई की है। इसके बाद इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ से भारतीय शास्त्रीय गायन में बी. ए., की उपाधि प्राप्त की। खैरागढ़ विश्वविद्यालय से ही इन्होंने सुगम संगीत में, तथा लोक संगीत मे डिप्लोमा भी प्राप्त किया। तत्पश्चात रविशंकर विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य, और संस्कृत साहित्य में एम. ए.की उपाधि प्राप्त की। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से बी. एड. की उपाधि प्राप्त की। इसके अलावा गंधर्व महाविद्यालय मुंबई से शास्त्रीय गायन में संगीत विशारद की उपाधि भी प्राप्त की है। शासकीय प्राथमिक शाला गैंजी में 2008 में इनकी प्रथम नियुक्ति हुई। उन्होंने बताया कि तत्कालीन प्रधानपाठक श्री रमनलाल धनेंद्र , एवम् वरिष्ठ सहकर्मी भरतलाल रावते से उन्हें हमेशा उचित मार्गदर्शन तथा कुशल शिक्षण कार्य के लिए प्रेरणा मिलती रही है। उसी का परिणाम है कि आज वे शिक्षा के क्षेत्र में मुखर होकर कार्य कर पा रही है। अपनी रुचि के बारे में उन्होने बताया कि उन्हें सबसे ज्यादा रुचि गायन में है। साहित्य के क्षेत्र में कविता लिखना, समसामयिक तथा नारी शक्ति विषयों पर लेख लिखना आदि में भी उनकी रुचि है। उनके लेख कुछ पत्रिकाओं में पब्लिश भी हुए हैं।साथ ही अध्यापन कार्य हेतु टी एल एम निर्माण करना भी उन्हें बहुत अच्छा लगता है। उन्होने अपनी शाला के लिए कई ए टी एम का निर्माण किया है। शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करते हुए श्रीमति सिन्हा मास्टर ट्रेनर के रूप में अपनी सहभागिता निभाती रही हैं। जिला प्रशासन बालोद के द्वारा “शिक्षा ज्योति”नामक शिक्षण योजना में अपनी सहभागिता सुनिश्चित की जिसमे पाठ्य पुस्तक के पाठों को ऑडियो विडियो में बदलकर उसे पेनड्राइव के द्वारा स्मार्ट शालाओं को उपलब्ध कराया गया ताकि पढ़ाई बच्चों के लिए रुचिकर बन सके। इसके अलावा कोरोना के दौरान बच्चों के लर्निंग लॉस को दूर करने के लिए समग्र शिक्षा के द्वारा चलाए जा रहे सौ दिन पठन कौशल के अंतर्गत अपनी टीम के साथ ऑनलाइन गतिविधि निर्माण करती रही हैं जिसे पूरे ब्लॉक की शालाओं में व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध कराया गया। कोरोनाकाल में ही लगातार ऑनलाइन क्लास लेने के कारण CG SCHOOL की ओर से प्रमाण पत्र भी प्राप्त हुआ।ज्ञात हो कि पिछले दो सत्रों से निहार शांति पाठशाला के तत्वाधान में आयोजित वर्ड पॉवर चैंपियनशिप में प्राथमिक शाला गैंजी के बच्चों का जिला स्तर तक चयन हो चुका है, बच्चों को इस उपलब्धि के लिए निहार शांति पाठशाला एवम् लिप फॉरवर्ड द्वारा पुरस्कृत किया जा चुका है साथ ही शाला को इंग्लिश लायब्रेरी हेतु स्पेशल किट प्रदान किया गया है। वे बच्चों की उपलब्धि को ही अपनी उपलब्धि मानती हैं। कक्षा शिक्षण के समय वे अक्सर वीडीयो बनाकर अपने यूट्यूब चैनल पर अपलोड करती हैं ताकि बच्चों को इसका लंबे समय तक लाभ मिल सके।श्रीमति सिन्हा को राष्ट्रीय नवाचारी ग्रुप द्वारा 2022 में नवाचारी शिक्षक रत्न सम्मान प्रदान किया गया है यह पुरस्कार उन्हें प्रमुख शिक्षा सचिव श्री आलोक शुक्ला जी के करकमलों से प्राप्त हुआ, जो उनके लिए बड़े ही गर्व की बात है। इसके अलावा उन्हें नॉवेल टीचर्स क्रिएटिव फाउंडेशन की ओर से नारी शिक्षा अलंकरण सम्मान,शिक्षक सृजन गौरव अलंकरण सम्मान, छत्तीसगढ शिक्षक कला साहित्य अकादमी द्वारा नारी शक्ति प्रतिभा रत्न सम्मान,उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान सह अनेकों सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि उनका एकमात्र लक्ष्य है कि बच्चों को पढ़ाई के साथ साथ तकनीकी ज्ञान देते हुए उन्हें समय के साथ अपडेट करना है।साथ ही साथ उनमें नैतिक मूल्यों का भी विकास हो ताकि वे भविष्य में एक अच्छे और जिम्मेदार नागरिक बनकर समाज और देश की उन्नति में अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर सकें। उनकी इस उपलब्धि पर शाला परिवार,संकुल के सभी शिक्षक शिक्षिकाओं, रिश्तेदारों और दोस्तों ने उन्हें बधाईयां दी तथा उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

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