बालोद। लावण्या फाउंडेशन के द्वारा वुमनिया 2024 का आयोजन वृंदावन हॉल रायपुर में किया गया। जहां विभिन्न जिलों से चयनित 51 महिलाओं को सम्मानित किया गया। जो विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रही है।

इस क्रम में मटिया अर्जुंदा के मिडिल स्कूल में पदस्थ शिक्षिका पुष्पा चौधरी को भी राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में उत्कृष्ट कार्य, सामाजिक कार्य और नवाचार शिक्षक के रूप में वुमनिया 2024 अवार्ड से सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि के लिए शिक्षा जगत से जुड़े हुए लोगों सहित अधिकारियों ने उन्हें शुभकामनाएं दी।

सफलता की कहानी मेरी जुबानी के तहत उन्होंने अपने प्रयासों को भी साझा किया। ताकि समाज में अन्य लोग भी उनसे प्रेरणा ले सके। पुष्पा चौधरी बालोद जिले में मल्टीटैलेंटेड शिक्षक के नाम से भी मशहूर है। उनके द्वारा रोचक तरीके के माध्यम से अध्ययन अध्यापन का कार्य किया जाता है। कोरोना कार्य में जब लॉकडाउन एवं शाला बंद था तो उसी दौरान शाला बंद होने के कारण शाला खुलने तक प्रतिदिन शाम 4.00. से लेकर 7.00 तक अपने घर के आस-पास के बच्चों को आंगनबाड़ी से लेकर हाई स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को, अपने किराए के घर पर छत पर प्रतिदिन बुनियादी शिक्षा के साथ-साथ कलात्मक सामग्रियों को सिखाने का कार्य किया गया। बच्चे रुचि पूर्वक कलात्मक सामग्री एवं पारंपरिक मिट्टी के खिलौने बनाना मूर्तिकला क्राफ्ट आर्ट कबाड़ से जुगाड़ एवं नए-नए वस्तुओं चित्रकला को सीखे। उनके द्वारा कई बच्चों को शिक्षण सामग्री प्रदान कर उनके पाठ्यक्रम को पूर्ण कराने का भी कार्य किया गया। कोरोना काल में शासन के द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रयास किया गया । पुष्पा चौधरी के द्वारा ऑनलाइन क्लास ऑफ लाइन क्लास मोहल्ला क्लास, सरकार की योजना के अंतर्गत ऑनलाइन क्लास में बच्चों को शाला एवं बच्चों की पढ़ाई की कड़ी जुड़ी रही। बच्चों का निरंतर सीखने की क्षमता का विकास करने का प्रयास उन्होंने किया । कोरोना काल में बच्चों के साथ-साथ अपने गांव मोहल्ले ठेले वाले, दूध बेचने वाले, सब्जी बेचने वाले सभी जरूरतमंद लोगों के बीच जाकर मास्क वितरण किया। जागरूकता अभियान चलाने का कार्य किया एवं अपने हाथों से बनाकर करीबन 1500 मास्क वितरण करने का भी कार्य किया। लॉक डाउन में क्वॉरेंटाइन रहे प्रवासी मजदूरों की देखभाल एवं निरंतर अपने कर्तव्य का पालन करते हुए ड्यूटी कर अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाया। उन्हें तहसील कार्यालय द्वारा सम्मान पत्र प्रदान किया गया। उनके द्वारा ग्राम टिकरी अर्जुदा, मटिया, गुंडरदेही में निशुल्क मास्क वितरण करने का भी कार्य किया। जिन बच्चों के साथ मोबाइल नहीं था तो बच्चों को वीडियो बनाकर एवं चित्र को भेजकर उनके पढ़ाई को निरंतर जारी रखने का कार्य किया गया । इनके द्वारा शासन के विभिन्न आदेशों का समय अनुसार पालन किया गया। जिससे कलेक्टर भी उनके कार्य से प्रसन्न होकर तारीफ किए। पुष्पा ने बताया अच्छा लगता है कि मेरे पढ़ाई गए तरीके से बच्चों में बहुत कुछ सीखने की प्रेरणा जागृत होती है एक शिक्षक का यही कर्तव्य होता है कि जिस विषय को हम समझाएं बच्चों के मन स्थिति, मस्तिष्क पटल पर वह छाप छोड़ जाए। अर्थात विषय वस्तु को सरलता एवं सहजता, खेल, गतिविधि खेल से समझाया जाए तो बच्चों को अधिक समय तक याद रहता है। विकास खंड शिक्षा अधिकारी BRCC,CAC, मटिया प्रधान पाठक श्री डोमार सिंह चंद्राकर के मार्गदर्शन में कार्य करती रही है। साथ ही छोटे बच्चों के बुनियादी शिक्षा बढ़ाने हेतु आंगनबाड़ी एवं प्राथमिक शाला के बच्चों को खेल-खेल में एवं उनके माताओं को घर-घर में जाकर पढ़ाई कराने अर्थात घरेलू सामग्रियों का प्रयोग करते हुए उन्हें शिक्षा से जोड़ने के कार्य के लिए भी निरंतर प्रयास किया गया। बच्चों की शिक्षा को पटरी पर लाने हेतु माताओं को प्रेरित करने का अंगना में शिक्षा,, जिला नोडल के रूप में उन्होंने कार्य किया एवं 2022 में अंगना में शिक्षा हेतु बालोद जिला में 100 मेले आयोजित कर प्रथम स्थान पर बनाए रखने का कार्य किया ।
