
राजनांदगांव।भारतीय जनता पार्टी के शहर उपाध्यक्ष नागेश यदु के नेतृत्व में आज विद्यार्थियों ने जिला कार्यालय में अनोखा प्रदर्शन करते हुए जमीन बैठकर अपनी मांगों को पोस्टर , आवेदन पत्र लिखकर कलेक्ट्रेट परिसर के गेट पर चस्पा करते हुए जल्द से जल्द स्कूल कॉलेज खोलने की मांग की । विद्यार्थियों ने सरकार की उदासीनता पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन का कोरोना महामारी के लिए साफ दिशा निर्देश है कि कोरोना वायरस का प्रभाव बुजुर्ग व छोटे बच्चों पर अधिक है इसलिए बुजुर्ग और छोटे बच्चों का ध्यान रखना जरूरी है उसके बावजूद जिला प्रशासन शहर के वार्डो में आंगनबाड़ी खोलने के लिए वार्ड पार्षद दबाव बना रहे है जो कि किस मंशा से है इससे सभी लोग भलीभांति परिचित है , शासन प्रशासन सिर्फ कमीशन प्राप्त सुविधाओं को ही संचालित करना चाहती है तो हम विद्यार्थी भी घरों घर जाकर चंदा इकट्ठा करने तैयार है । अगर राज्य सरकार व जिला प्रशासन शिक्षा क्षेत्र के प्रति अपनी गंभीरता नही दिखाएगी तो आने वाले समय यह आंदोलन और तेज होगा ।
विद्यार्थीयो के जीवन मे शासन प्रशासन न लगाएं ग्रहण

भाजपा शहर उपाध्यक्ष नागेश यदु ने कहा कि कोरोना प्रोटोकॉल के पालन के नाम पर राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने जो स्कूल कॉलेज में अध्ययन अध्यायपन का कार्य पूर्ण रूप से बंद रखा है वह प्रदेश के लाखों विद्यार्थीयो के भविष्य में ग्रहण है , सरकार ऑनलाइन क्लास के नाम से विद्यार्थी व पालको से छलावा कर रही है , ऑनलाइन क्लास की हकीकत से सरकार भलीभांति परिचित है कि इसका शत प्रतिशत लाभ किसी भी विद्यार्थीयो को नही मिल रहा है , सरकार त्वरित ही स्कूल कॉलेज खोलने के विषय मे ठोश निर्णय नही लेगा तो भविष्य में अधिकांश विद्यार्थी अपराध व नशे के गिरफ्त में पूर्ण रूप से समा जाएगा । सरकार विद्यार्थीयो के हित मे दूरदर्शी निर्णय लेते हुए जल्द से जल्द स्कूल कॉलेज प्रारंभ करे ।
अकर्मण्य अधिकारियों के अनरूप निर्णय ले रही है सरकार

छात्र युवा मंच के प्रदेशाध्यक्ष चंद्रभान जंघेल ने कड़े शब्दों में सरकार के कार्य नीति को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि आज प्रदेश व जिला का दुर्भाग्य है कि सरकार ऐसे अकर्मण्य अधिकारियों के इशारों में कार्य कर रहा है जो कभी निष्ठा लग्न से कार्य नही किये है ये अकर्मण्य अधिकारी जिनका एकमात्र उद्देश्य पद में रहते हुए अधिक से अधिक पैसा कमाना है , 10 माह बीत जाने के बाद भी स्कूल कॉलेज खोलने के विषय मे किसी प्रकार का कार्ययोजना न बनाना सरकार की नीति और नियत का परिचय कराती है , शासन प्रशासन ने ऐसे अधिकारी स्थापित कर रखे है जो कमीशन कमाने के नए नए तरकीब बता सके इसका प्रत्यक्ष उदाहरण दिसम्बर माह में देखा गया जब जिला प्रशासन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व वार्ड पार्षदों पर दबाव बनाकर आंगनबाड़ी खोलना चाह रहे थे ।
