खुलासा: सन 2009 में हुआ था सबसे बड़ा प्रमोशन संशोधन – डीपीआई ने 180 प्राचार्यों में से 104 का कर दिया था संशोधन



रायपुर/ बालोद।

जिस प्रकार शिक्षक संशोधन के मामले आगे बढ़ते जा रही है शिक्षा विभाग के पुराने गड़बड़ी या संशोधन के मामले दिन प्रतिदिन खुलती जा रही है। सोशल मीडिया में फिर से खलबली मच गई है जब डीपीआई द्वारा सन 2009 में 180 प्राचार्यो में से 104 का संशोधन कर दिया था। ये अब तक की सबसे बड़ी प्रमोशन संशोधन मामला हो सकता है जिसमें प्राचार्य पद के लिए लगभग 60% पदों पर संशोधन किया गया है। सोशल मीडिया में यह खबर भी चल रही कि डीपीआई ने नये नियुक्ति में भी संशोधन कर डाला है।

पीड़ित शिक्षक इस प्रकार के मामलों को शासन के सामने इसलिए ला रही है कि प्रमोशन संशोधन निरंतर होते आ रहा है इसमें कोई नाजायज वाली बात नहीं है। जेडी द्वारा जब संशोधन किया गया तब संबंधित समस्त उच्च कार्यालय को इसकी प्रतिलिपि भेजी गई है । ऐसे में संशोधन के समय डीपीआई द्वारा संज्ञान क्यो नहीं लिया गया । आज तीन महीने बाद कारवाई करने के पीछे उनका क्या कारण हो सकता है? इस प्रकार काफी लंबे समय बीत जाने के बाद जब सभी संशोधित शिक्षक अपनी जगह पर स्थापित हो चुके हैं तब निरस्तीकरण की कारवाई से शिक्षकों को मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। संशोधित शिक्षक अभी भी भूपेश है तो भरोसा है का नारा लिए  मुख्यमंत्री से उम्मीद लगाए बैठी है।

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