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डीईओ से लेकर डीपीआई तक संशोधन
बालोद/ रायपुर। शिक्षक प्रमोशन संशोधन में रोज नया मोड़ देखने को मिल रहा है। एक समाचार पत्र के माध्यम से मंत्री रविंद्र चौबे का कहना है कि जेडी को शिक्षकों के प्रमोशन के बाद संशोधन का अधिकार नहीं है। परन्तु विधानसभा के प्रश्न का जवाब देते समय उन्होंने खुद कहा है कि नियोक्ता को अधिकार प्रदत्त है। उनकी ये दोनों अलग अलग बयान हजारों शिक्षकों की समझ से परे है। इधर पिछले दो वर्षो में लगभग सभी जिले में प्रधानपाठक के प्रमोशन के बाद संशोधन हुआ है। तो क्या जिला शिक्षा अधिकारी को इसका अधिकार है? यह प्रश्न राज्य शासन के नियमो में संदेह को जन्म देती है। यहां तक डीपीआई के द्वारा भी संशोधन किया जाता रहा है। संशोधन निरस्तीकरण से हजारों शिक्षकों की समस्याएं बढ़ जाएगी । सभी शिक्षक व उनके परिवार नए जगह पर स्थापित हो चुके हैं ऐसे में निरस्तीकरण से उनका जीवन प्रभावित होगा । देखना यह है कि चुनाव के समय में राज्य शासन हजारों शिक्षकों व उनके परिवार को इतनी पीड़ा दे सकते हैं या नहीं?
